चंडीगढ़, 13 सितंबर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा आईटी और ईएसडीएम नीति -2017 को मंजूरी दी गई। नीति में दो वर्ष के भीतर सभी 6,078 ग्राम पंचायतों में एक वाई-फाई ज़ोन, सभी घरों में ब्रॉडबैंड और सभी कस्बों एवं शहरों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर वाई-फाई ज़ोन, आगामी तीन वर्षों में हर गांव में 4 जी सेवाएं उपलब्ध करवाना शामिल हंै।
नीति का उद्देश्य उद्यम प्रोत्साहन नीति -2015 के तहत राज्य के विजन को साकार करने के लिए पांच वर्षों में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) क्षेत्रों को प्रमुख विकास क्षेत्रों के रूप में विकसित करना है। मसौदा नीति के पांच साल के लक्ष्य में 2020 तक आईटी-एएसडीएम सेक्टर में 15 लाख लोगों के लिए रोजग़ार सृजित करना, राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इस क्षेत्र के योगदान को 9.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना और 1000 पेटेंट का निर्माण करके ईएसडीएम के लिए अनुसंधान और विकास में हरियाणा को अग्रणी बनाना शामिल है। 
वर्ष 2000 के बाद आईटी एवं ईएसडीएम क्षेत्र के लिए लक्षित नीति बनाई गई है। यह नीति लम्बे समय से अपेक्षित और इससे क्षेत्र का उल्लेखनीय विकास होगा। मसौदा नीति के तहत, आईटी और आईटीईएस, ईएसडीएम, स्टार्टअप, एमएसएमई, एवीजीसी, पिछड़े और अत्यंत पिछड़े क्षेत्रों और डिजिटल प्रशासन जैसे विभिन्न श्रेणियों के लिए विभिन्न वित्तीय प्रोत्साहनों, सरलीकृत नियामक व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए प्रावधान किया गया है। यह नीति भारत सरकार और औद्योगिक संघों, निवेशकों उद्योग विशेषज्ञों आदि जैसे अन्य पणधारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करने के उपरांत तैयार की गई। नीति में विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष बल दिया गया है और उद्यम प्रोत्साहन नीति 2015 के अनुरूप है और हरियाणा में ईएसडीएम क्षेत्र के विकास के लिए आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान करती है। नीति के तहत एसजीएसटी का पुनर्भगतान, पूंजी सब्सिडी, स्टॉम्प शुल्क से छूट जैसे अनेक वित्तीय प्रोत्साहन दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आईटी और आईटीईएस इकाइयों के लिए औद्योगिक टेरिफ दर पर सम्पत्ति कर लगाया जाएगा।
नीति के तहत हरियाणा के हर परिवार में कम से कम एक डिजीटल साक्षर व्यक्ति होने पर बल दिया गया है और विश्वकर्मा विश्वविद्यालय पलवल द्वारा नीति के तहत इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उचित पाठ््यक्रम तैयार किया जाएगा। नीति के तहत डिजिटल प्रशासन के लिए विभिन्न लक्ष्यों को परिभाषित किया गया है, जिसमें 2017 तक राष्ट्रीय ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) के तहत हरियाणा की हर ग्राम पंचायत में राज्यव्यापी डिजिटल नेटवर्क और सभी ग्राम पंचायतों, सभी कस्बों एवं शहरों में महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों  में वाई-फाई ज़ोन और सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट्स उपलब्ध करवाना शामिल है।
नीति के तहत ऐसे समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के सृजन पर बल दिया जाएगा जो हरियाणा में निवेशकों के लिए अनुकूल हो। आईटी एवं ईएसडीएम नीति-2017 में मानक दरों की बलाए वास्तवित दर पर बाह्य विकास शुल्क लगाने, 5 एकड़ से कम क्षेत्र पर आईटी विकसित करने के लिए लाइसेंस देने जैसे कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। 
राज्य सरकार का मानना है कि उत्पादन कारकों में बिजली एक महत्वपूर्ण इनपुट है और इसलिए चयनित उद्योगिक इकाइयों के लिए पावर टैरिफ में सब्सिडी का प्रस्ताव है। यह नीति आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहनों की पेशकश ही नहीं करती बल्कि विनियामक दबावों को कम करके हरियाणा में समग्र पारिस्थितिकी तंत्र सृजित करने आधारभूत संरचना के उन्नयन और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने हेतु कौशल विकास पर भी बल देती है।
वास्तव में यह नीति वर्तमान राज्य सरकार की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।