चंडीगढ़, 19 सितंबर-हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2022 तक के न्यू इंडिया बनाने के मिशन को सफल बनाने के लिए हम सबको पूरी निष्ठा व मेहनत के साथ काम करना है। जब हम कोई संकल्प मन से करेंगे तो वह जरूर सिद्ध होगा।

श्री शर्मा आज नारनौल के सभागार में जिला परिषद की ओर से आयोजित ‘संकल्प से सिद्धि कार्यक्रम’में पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा गरीब के कल्याण के लिए कृतसंकल्प है। इसी संकल्प को हमने 2022 तक पूरा करना है। महात्मा गांधी ने जब 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो का आह्वान किया था तो वह 5 वर्ष में फलीभूत हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाईयों में इस क्षेत्र के लोगों ने अपना खून बहाया था। नसीबपुर की धरती हमारे पुरखों के बलिदान की गवाही दे रही हैं। राव तुलाराम के नेतृत्व में पूर्वजों ने बलिदान दिया था। हमें उनके बलिदान को याद रखना है। भारत छोड़ो आंदोलन को 75 वर्ष होने पर प्रधानमंत्री ने आज देश में मौजूद कुछ बुराइयों को दूर करने का संकल्प लिया है। इन्हें पांच वर्ष में दूर करेंगे। इस नए भारत के निर्माण में हम सबको एक साथ मिलकर काम करना होगा।

श्री शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पंचायतों को कई शक्तियां दी हैं ताकि वे गांवों में विकास करवा सकें। हरियाणा प्रदेश का पहला राज्य है जहां पंचायती राज संस्थाओं के सभी प्रतिनिधि पढ़े-लिखे हैं। प्रदेश के इन प्रतिनिधियों की औसत उम्र केवल 33 साल है। उन्होंने कहा कि जिले के 730 स्कूलों में आरओ का ठंडा पानी 40 दिन के अंदर-अंदर उपलब्ध कराया जाएगा। स्कूली बच्चों की हर सुविधा का ध्यान रखा जाएगा ताकि वे आगे चलकर इस देश के लिए अच्छा करने को संकल्पित हों। कार्यक्रम के अंत में शिक्षा मंत्री ने सभी को संकल्प पत्र सौंपा और शपथ दिलाई कि भारत को 2022 तक स्वच्छ, गरीबी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त, जातिवाद मुक्त बनाएंगे।

इस मौके पर नांगल चौधरी के विधायक डा. अभय सिंह यादव ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि चुने जाते हैं तब वे सभी के हो जाते हैं। किसने किसको वोट दिया यह बात भूलकर सबके लिए काम करें। सभी जनप्रतिनिधि समस्याओं को खुद महसूस करें और उन्हें दूर करने के लिए निष्ठा के साथ काम करें।

        इसके बाद, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने आज डीआरडीए नारनौल कार्यालय के सामने से स्वच्छता अभियान की शुरूआत की। इस मौके पर उन्होंने सभी लोगों से स्वच्छ भारत के निर्माण में अपना-अपना सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वच्छता को सबसे अधिक महत्व दिया था। उसी काम को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सबसे अधिक इसी विषय पर जोर देते हैं। स्वच्छता के प्रति पिछले तीन सालों में देश में नजरिया बदला है। अब हमें केवल अपना खुद का घर ही साफ नहीं रखना है बल्कि पूरी धरती को साफ रखना है। खुले में शौच जाने की कुप्रथा पर अब लगभग रोक लग चुकी है। इस अभियान में केवल सरकार ही नहीं बल्कि हर नागरिक को जुड़ना होगा। हमें एक अभियान चलाकर अपने-अपने गांव व शहर में गलियों से कूड़ा उठाने का काम करना है। इस काम में आज से ही जुट जाएं।