चंडीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश के बजट में इस बार उन विषयों को प्राथमिकता दी जायेगी, जिनसे रोजगार को बढ़ावा मिले। रोजगार बढ़ाने में औद्योगिक क्षेत्र की बड़ी भूमिका रहती है, इसलिए जो इंइस्ट्री हरियाणा के युवाओं को अधिक रोजगार देगी, उसे सरकार की ओर से भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री गत दिवस फरीदाबाद के लघु सचिवालय में फरीदाबाद व गुरुग्राम के मैन्यूफैक्चर सैक्टर के स्टेक होल्डर्स के साथ प्री-बजट कन्सलटेशन मीटिंग में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि हम प्रदेश के विकास में पार्टनर हैं, न कि गिवर्स एण्ड टेकर्स। बजट में यही होता है कि कितना राजस्व कहां से प्राप्त होगा और उसका खर्च किस-किस मद में किया जायेगा। हरियाणा के युवाओं को औद्योगिक क्षेत्र के लिए हुनरमंद बनाने तथा उद्योगों में समायोजन के लायक बनाने के लिए पलवल जिला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस विश्वविद्यालय में उद्योगों की जरूरत के अनुसार अनेक कोर्स शुरू किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाए। इसके लिए प्रदेश में नए नेशनल हाईवे बनाए जा रहे हैं। फरीदाबाद से गुरुग्राम तथा दिल्ली एयरपोर्ट तक मेट्रो की कनेक्टिविटी करने की दिशा में काम किया जा रहा है। फरीदाबाद से गुरुग्राम तक मेट्रो की डीपीआर तैयार हो चुकी है। केएमपी के साथ-साथ कुण्डली से पृथला तक ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर विकसित होगा ताकि दिल्ली जाए बिना ही रेल की कनेक्टिविटी हरियाणा के साथ-साथ हिमाचल, पंजाब उत्तर के राज्यों से हो सके। उन्होंने कहा कि केएमपी के साथ-साथ नये शहर विकसित करने की भी योजना है। मेरठ से सराय कालेखां से अलवर तक राष्ट्रीय राजमार्ग तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की कठिन शर्तों के कारण सरकार इण्डस्ट्री को जमीन खरीदकर नहीं दे सकती, लेकिन जो किसान अथवा भू-मालिक अपनी जमीन बेचना चाहता है वह ई-भूमि पोर्टल पर रजिस्टर करके इच्छा जाहिर कर सकता है कि वह कितने रेट में अपनी भूमि बेचने को तैयार है। इसी प्रकार, भूमिगत जलस्तर को भी सुधारने की दिशा में प्रयास किए जा रह हैं। पानी की बचत के लिए सरकार सीवरेज के पानी के रि-यूज और रि-साइकिल करने की पोलिसी लेकर आई है। इस पानी का उपयोग उद्योगों तथा अन्य गैर घरेलू कार्यों में किया जा सकता है। हरियाणा में बिजली, एयरपोर्ट, रेल व सडक़ यातायात के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। अगले पांच सालों में प्रदेश में ढांचागत विकास की दृष्टि से काफी बदलाव नजर आएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे प्रदेश में जल्द ही एक हजार ई-बसें लाने की योजना है, जिसमें से फरीदाबाद को करीब 100 ई-बसें उपलब्ध करवाई जायेंगी। इन बसों से सिटी बस सेवा की सहूलियत मिलेगी।

इस अवसर पर अर्थ व्यवस्था से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर्स ने अपने विचार सांझा किए तथा भविष्य की जरूरतों और ढंाचागत विकास पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। स्टेक होल्डर्स ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के मामले में देश में हरियाणा का तीसरा स्थान आने पर मुख्यमंत्री को बधाई दी तथा प्री-बजट में उनके सुझाव लेने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब स्वयं मुख्यमंत्री उनके सुझाव ले रहे हैं। उन्हें उम्मीद जाहिर की कि सरकार के बजट से नि:संदेह बड़े स्तर पर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने सभी के सुझाव को ध्यानपूर्वक सुना तथा उन पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में नशे के सम्बन्ध में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, इसे रोकने के लिए सरकार गम्भीरता से कार्य कर रही है।

इस अवसर पर केन्द्रीय सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री श्री मूलचंद शर्मा, बडख़ल से विधायक श्रीमती सीमा त्रिखा, तिगांव से विधायक श्री राजेश नागर, पृथला से विधायक श्री नयनपाल रावत, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव श्री अजय गौड़, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, बिजली निगमों के सीएमडी श्री शत्रुजीत कपूर, फरीदाबाद के मण्डलायुक्त श्री संजय जून सहित फरीदाबाद के मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़े स्टेक होल्डर्स उपस्थित थे।