हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल कल 17 जनवरी को गांव फारटिया ताल, फारटिया भीमा, फारटिया केहर, गागरवास, धानी ढोला, सोहासरा और सामसावास का दौरा करेंगे और जनसमस्याओं को सुनेंगे तथा विभिन्न जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।

चंडीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल कल 17 जनवरी को गांव फारटिया ताल, फारटिया भीमा, फारटिया केहर, गागरवास, धानी ढोला, सोहासरा और सामसावास का दौरा करेंगे और जनसमस्याओं को सुनेंगे तथा विभिन्न जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे।

उसके बाद, जिला महेंद्रगढ़ के गांव पाली में क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्यातिथि शिरकत करेंगे।

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आर्गेनिक उत्पाद वर्तमान समय की बड़ी जरूरत,

प्रमाणिकता के लिए स्थापित होगी एंजेंसी- कृषि मंत्री

चंडीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों की प्रमाणिकता के लिए जल्द ही एक एंजेंसी स्थापित की जाएगी। आर्गेनिक प्रमाणिकता एंजेंसी को विश्वविद्यालय और विभाग के माध्यम से संचालित किया जाएगा और प्रदेश के किसानों के आर्गेनिक उत्पादों के लिए प्रमाण पत्र दिए जांएगें। गन्नौर की मंडी में किसानों की एफपीओ के लिए अलग प्लाट अलॉट करने के लिए बिडींग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाला बजट प्रदेश के किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी साबित होगा।

कृषि मंत्री आज चौधरी हिसार में चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में बजट पूर्व संमंत्रण कार्यक्रम में उपस्थित कृषि क्षेत्र के लोगों को संबोधित कर रहे थे।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के बहुत से किसान आर्गेनिक व प्राकृतिक खेती की ओर बढ़े हैं लेकिन आर्गेनिक खेती से पैदा होने वाले उत्पादों को बेचने के लिए प्रमाणिकता की बहुत अधिक जरूरत है। प्रदेश के किसानों ने भी प्रमाणिकता को लेकर मांग की है। उन्होंने बताया कि आर्गेनिक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में जल्द ही एक एंजेसी स्थापित की जाएगी, जो आर्गेनिक उत्पादों को प्रमाणिकता देगी। उन्होंने कहा कि इस कार्य में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय भी मदद करेगा। इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने भी अपनी सहमति दे दी है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बजट पूर्व संमंत्रण के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सही दिशा और दशा वाला बजट प्रदेश के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अहम साबित होगा। उन्होंने कहा कि आगामी बजट के माध्यम से प्रदेश के किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने और उनके जीवनस्तर को ऊपर उठाने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि फसल भंडारण के कार्य में किसान को शामिल करके उसकी आमदनी को भी बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में किसानों को आधार मानकर रोजगारपरक नीति लाई जाएगी। संसाधनों को बढ़ाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। हरियाणा किसानों का प्रदेश है और किसानों से संबंधित परेशानियों को किसान ही बता सकता है। इसी सोच के साथ मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने बजट पूर्व संमंत्रण कार्यक्रम के आयोजन की पहल की है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन ओर हरियाणा की सीमाएं लगती हैं। सरकार इस प्रयास में है कि दिल्ली के आस-पास हरियाणा के अलग-अलग स्थानों पर ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएं जहां से दिल्ली एनसीआर में उत्पादों की सप्लाई हो और प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को इन केंद्रो तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली में मसालों का 30-40 हजार करोड़ का व्यापार है। इसके अतिरिक्त दैनिक प्रयोग की वस्तुओं का भी व्यापार यहां बहुत बड़ा है। ऐसे में प्रदेश के किसान और कृषि जगत से जुड़े सभी संस्थानों को दिल्ली में रहने वाले लोगों की संख्या को ध्यान में रखते हुए उत्पादन को प्राथमिकता दें। उन्होंने पानी की कमी पर चिंता जताते हुए कि प्रदेश में पानी बचाने के कार्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे में सभी संबंधित संस्थानों को कम पानी में खेती व अन्य कार्य करने के लिए एक साथ आकर काम करना होगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में पशु नस्ल सुधार के कार्य के लिए राशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार की कोशिश है कि पशु पालन की ओर विशेष ध्यान देते हुए नस्ल सुधार किया जाए और प्रदेश में दुध उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में ऐसा सीमन विकसित किया गया है, जिसके प्रयोग से केवल बछड़ी ही जन्म लेती है। इस सीमन को ओर सस्ता करने की कोशिश की जाएगी। इससे नस्ल सुधार के साथ-साथ आवारा पशुओं की समस्या का भी समाधान होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार कृषि व कृषि क्षेत्र और मछली पालन आदि से जुड़े लोगों के प्रोससिंग प्लांट के बिजली के रेटों को तर्कसंगत करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप प्रदेश में बरानी जमीनों को लीज पर लेकर सोलर आधारित बिजली पैदा करने की योजना है।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि आगामी बजट में मशरूम कोल्ड स्टोर जैसी अनेक प्रकार की व्यवस्थाओं को शामिल करने के प्रयास किए जांएगे।। उन्होंने बताया कि प्रदेश की गन्ना मिलों को सब्सिडी में शामिल में किया गया है ताकि किसानों को समय पर भुगतान हो सके। इसके लिए मीलों को 350 करोड़ रुपये का ऋण भी दिया गया है। अब किसानों के भुगतान का गेप केवल 10 दिन रह गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में जल्द ही बासमती एक्सीलेंस सैंटर स्थापित करने की योजना है। यहीं नहीं सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक मुख्यालय पर एक बड़ी मिट्टी जांच लैब स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।

इससे पूर्व वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने बजट को लेकर विस्तार से बात रखी और निर्यात केंद्र के बारे में दिए गए सुझाव पर कहा कि हिसार के हवाई अड्डों पर दूसरा रनवे जल्द ही तैयार हो जाएगा और यहां ड्राई पोर्ट विकसित करने की कोशिश की जाएगी ताकि प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को आसानी से निर्यात कर सके। उन्होंने उपस्थित किसानों से हिसार हवाई अड्डों के माध्यम से निर्यात की जा सकने वाली चीजों के बारे में सुझाव भी मांगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों को जल्द ही शुरू होने वाले दिल्ली-मुबई रेल कोरिडोर का लाभ मिलेगा। केएमपी के बन जाने से भी प्रदेश के किसान अपने उत्पादों को दूसरी जगह तक पहुंचाने में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान ने हमेशा देश को रास्ता दिखाया है। चाहे हरित क्रांन्ति का समय रहा हो या कृषि में नई तकनीकों को अपनाने की बात हो, या फिर आर्गेनिक एवं प्राकृतिक खेती करने का मामला, हर बार हरियाणा के किसानों ने आगे आकर काम किया। उन्होंने कहा कि हमारा छोटा सा हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था में 3.72 प्रतिशत की भागीदारी करता है, जिसका सीधा श्रेय प्रदेश के किसानों को ही जाता है।

इससे पूर्व हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचने पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी. दलाल एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश का अग्रणी हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय कृषि सुधार की दिशा में केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति तथा सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में बढ़चढकऱ अपना योगदान देगा तथा जो भी जिम्मेवारी उन्हें दी जाएगी उसका निर्वहन करने में सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

कार्यक्रम में कुरूक्षेत्र से आए दिलबाग सिंह, हरपाल सिंह बाजवा, करनाल से साहब सिंह, कुरूक्षेत्र गुरूकुल के प्रतिनिधि, कमल सिंह चौहान, अंबाला से पुनीत, जगमोहन सिंह, मेवात से हासिल खान, पिहोवा से अनुराग सिंह, पशुपालक राजीव खुराना, पानीपत से नरेंद्र सिंह, गुरूग्राम से प्रदीप, तोशाम से जेपी, कृभको से जे.एस. राणा, मनबीर सिंह और हंसराज सिंघला ने कृषि व कृषि क्षेत्र को बेहतर करने के लिए आगामी बजट में किए जाने वाले प्रावधानों को लेकर अपने सुझाव दिए।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. दास, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी. वी. एस. एन प्रसाद, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती नीरजा शेखर, महानिदेशक राजकोषीय प्रबंधन श्री विकास गुप्ता, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री जे. गणेशन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक श्री शेखर विद्यार्थी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक श्री चंद्र शेखर खरे, जिला उपायुक्त डा.प्रियंका सोनी, हकृवि कुलपति के.पी. सिंह, लुवास कुलपति गुरदयाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक व अधिकारी उपस्थित थे।
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हरियाणा के महाधिवक्ता कार्यालय को ‘‘सीएसआई एसआईजी ई-गवर्नेंस आवार्ड-2019’’ से सम्मानित किया जाएगा।

चण्डीगढ़, 16 जनवरी- हरियाणा के महाधिवक्ता कार्यालय को ‘‘सीएसआई एसआईजी ई-गवर्नेंस आवार्ड-2019’’ से सम्मानित किया जाएगा। यह अवार्ड महाधिवक्ता कार्यालय को ‘‘लिटिगेशन मैनेजमेंट सिस्टम’’ को लागू करने के लिए दिया जाएगा।

इस संबंध में जानकारी देते हुए हरियाणा के उप-महाधिवक्ता श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि ‘‘सीएसआई एसआईजी ई-गवर्नेंस आवार्ड-2019’’, जो कम्प्यूटर सोसायटी आफ इंडिया एन्यूल कन्वेंशन-2020 का ही भाग है, आगामी 17 जनवरी, 2020 को भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान दिया जाएगा।

उन्होंने ‘‘सीएसआई एसआईजी ई-गवर्नेंस आवार्ड-2019’’ के बारे में जानकारी देेते हुए बताया कि इस अवार्ड का टाइटल ’अवार्ड आफ एक्सीलेंस’ है, जिसे नेशनल इन्फोरमैटिक्स सेंटर, हरियाणा स्टेट यूनिट द्वारा लागू किया गया है।

श्री हिम्मत सिंह ने बताया कि इस पुरस्कार समारोह में एक विशेष ई-गवर्नेंस ट्रैक कार्यक्रम भी होगा, जिसमें भाग लेने वाले अतिथियों और विशेषज्ञों द्वारा अनुभव व ज्ञान सांझा करने हेतु एक सत्र भी आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में एक अवार्ड प्रमाणपत्र और ट्रॉफी दी जाएगी, जिसमें संगठन का नाम और कार्यान्वयन एजेंसी का नाम होगा।

इस कार्यक्रम में हरियाणा की ओर से उप-महाधिवक्ता श्री हिम्मत सिंह, सहायक महाधिवक्ता श्री गौरव बंसल, एनआईसी से वैज्ञानिक अमित कुमार, विधि अनुसंधान सुश्री निकिता गोयल और सुश्री कुशलदीप कौर हिस्सा लेंगी।

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हरियाणा के जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने सर्वेक्षण और मैपिंग के क्षेत्र में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगारोन्मुखी तकनीकी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से सर्वेइंग एवं मैपिंग उपकरणों की सेवा प्रदाता कंपनी ‘जनक पोजिशनिंग एंड सर्वेइंग सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ के साथ समझौता किया है

चंडीगढ़,16 जनवरी- हरियाणा के जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने सर्वेक्षण और मैपिंग के क्षेत्र में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप रोजगारोन्मुखी तकनीकी कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से सर्वेइंग एवं मैपिंग उपकरणों की सेवा प्रदाता कंपनी ‘जनक पोजिशनिंग एंड सर्वेइंग सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ के साथ समझौता किया है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते के तहत यह कंपनी विश्वविद्यालय में सर्वेक्षण प्रणाली और जीआईएस उपकरणों को मुफ्त सेवा प्रदान करेगी। कंपनी फील्ड की परियोजनाओं में आवश्यकता अनुसार विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और औद्योगिक भ्रमण की व्यवस्था करेगी तथा इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।

आज विश्वविद्यालय की ओर से सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. एम.एल. अग्रवाल तथा ‘जनक पोजिशनिंग एंड सर्वेइंग सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ की ओर से प्रबंधक श्री आकाश कुमार मिश्रा ने कुलपति प्रो. दिनेश कुमार तथा कुलसचिव डॉ. एस.के. गर्ग की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किये। इस अवसर पर निदेशक, इंडस्ट्री रिलेशन्स डॉ. रश्मि पोपली भी उपस्थित थी।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा मद्यपान व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए संस्थागत व व्यक्तिगत श्रेणियों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

चण्डीगढ़, 16 जनवरी- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा मद्यपान व नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वालों से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए संस्थागत व व्यक्तिगत श्रेणियों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की गई है।

सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा मद्यपान, नशीले पदार्थ और दवा दुरुपयोग की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं से राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित पात्रों को नशीले पदार्थ दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर 26 जून 2020 को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि संस्थागत श्रेणी में नशीली दवा का सेवन करने वाले लोगों को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करने के लिए व्यवसनियों के लिए सर्वोत्तम एकीकृत पुनर्वास केंद्र चलाने वालों, मद्यपान और नशीले पदार्थ (दवा) दुरुपयोग निवारण के लिए कार्यरत सर्वोत्तम पंचायती राज अथवा नगर पालिका निकाय, मद्यपान और नशीले पदार्थ दुरुपयोग निवारण तथा जागरूकता बढ़ाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सर्वोत्तम शैक्षणिक संस्थान, मद्यपान व नशीले पदार्थ दुरुपयोग निवारण के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वाला सर्वोत्तम लाभ निरपेक्ष संस्थान, सर्वोत्तम अनुसंधान अथवा नवोन्मेष और सर्वोत्तम जागरूकता अभियान चलाने वाले संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं।

उन्होंने ने बताया कि इसी तरह नशे की रोकथाम की दिशा में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा व्यक्तिगत श्रेणी में आवेदन किया जा सकता है। निर्धारित मानदंड पूरा करने वाले संगठनों, संस्थाओं व व्यक्तियों द्वारा हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा में आवेदन किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि केवल ऐसे नामांकनों अथवा अनुशंसाओं पर विचार किया जाएगा जो समुचित औचित्यसम्मतता के साथ ई प्रयोजनार्थ निर्धारित अधिकृत एजेंसियों या व्यक्तियों से प्राप्त होंगे। उन्होनें ने बताया कि पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन निर्धारित प्रोफार्मा में संयुक्त सचिव (एसडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग, कमरा नंबर 616 क, ए विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली 110001 को अंतिम तिथि यानी 31 जनवरी तक पहुंच जाना चाहिए। अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त और अथवा निर्धारित प्राधिकारी व व्यक्तियों द्वारा समय पर न भेजे गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

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अखिल भारतीय सिविल सर्विस बास्केटबाल महिला व पुरूष खेल प्रतियोगिता 2019-20 का आयोजन पंजाब के लुधियाना गुरू नानक खेल स्टेडियम में किया जाएगा।

चंडीगढ़,16 जनवरी- अखिल भारतीय सिविल सर्विस बास्केटबाल महिला व पुरूष खेल प्रतियोगिता 2019-20 का आयोजन पंजाब के लुधियाना गुरू नानक खेल स्टेडियम में किया जाएगा। इससे पूर्व, हरियाणा राज्य की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाडिय़ों का चयन 22 जनवरी को कुरूक्षेत्र स्थित द्रोणाचार्य स्टेडियम में किया जाएगा।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि टीम में हिस्सा लेने के लिए ट्रायल देने के लिए आने वाले खिलाड़ी से संबंधित विभाग यह भी प्रमाण पत्र देगा कि वह उस विभाग का अधिकारी व कर्मचारी है। इस चयन स्पर्धा में भाग लेने वाले सिविल सेवा में कर्मचारी टीएडीए अपनेे विभाग से लेंगे। उन्होंने बताया कि केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं खेल बोर्ड की हिदायतों के अनुसार इन सिविल प्रतियोगिताओं में बोर्ड, कार्पोरेशन, पुलिस बोर्ड, एचएसआईडीसी के अधिकारी व कर्मचारी भाग नहीं ले सकते।

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प्रदेशभर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित डी.एल.एड. (रि-अपीयर) जनवरी-2020 की परीक्षा में आज (गुरूवार) को डी.एल.एड. प्रथम प्रवेश वर्ष-2017 (रि-अपीयर), डी.एल.एड. प्रथम प्रवेश वर्ष-2018 (रि-अपीयर) एवं द्वितीय प्रवेश वर्ष-2017 (रि-अपीयर) परीक्षा में नकल के कुल 04 मामले दर्ज किये गये है।

चंडीगढ़ 16 जनवरी- प्रदेशभर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित डी.एल.एड. (रि-अपीयर) जनवरी-2020 की परीक्षा में आज (गुरूवार) को डी.एल.एड. प्रथम प्रवेश वर्ष-2017 (रि-अपीयर), डी.एल.एड. प्रथम प्रवेश वर्ष-2018 (रि-अपीयर) एवं द्वितीय प्रवेश वर्ष-2017 (रि-अपीयर) परीक्षा में नकल के कुल 04 मामले दर्ज किये गये है।

यह जानकारी देते हुए बोर्ड के प्रवक्ता ने बताया कि उनके स्वयं के उडऩदस्ते द्वारा जिला सोनीपत के परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया, जहाँ परीक्षा शांतिपूर्ण चल रही थी।

उन्होंने बताया कि नकल पर अकुंश लगाने के लिए बोर्ड अध्यक्ष के स्पेशल उडऩदस्तों द्वारा प्रदेशभर के सभी परीक्षा केंद्रों का दौरा किया गया, जिसमें जिला कुरूक्षेत्र, रोहतक एवं सोनीपत के परीक्षा केंद्रों पर नकल के 04 मामले दर्ज किए गए।