धर्मशाला, 11 जनवरी: शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि धर्मशाला स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत आगामी चार वर्षों में धर्मशाला के विकास, सौंन्दर्यकरण और आधुनिकीकरण पर 2109 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। जिसके तहत प्रथम चरण में 209 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने आज धर्मशाला में पत्रकारों के साथ बातचीत में यह जानकारी सांझा की। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी से कार्य करने के साथ ही कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता तय की जाएगी । धर्मशाला को विश्व नगरी की तरह विकसित किया जाएगा तथा यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध होंगी।
सरवीण चौधरी ने कहा स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत कुल 73 उप परियोजनाओं पर काम किया जाना है, जिसके लिए परियोजना प्रबंधन परामर्श सैल नियुक्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में 45 उप परियोजनाओं का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा जिनमें से 31 परियोजनाओं का आकलन व सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है तथा अन्य 14 परियोजनाओं पर कार्यवाही जारी है।
उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की परियोजनाओं मंे स्मार्ट क्लासरूम, सार्वजनिक ई-शौचालय, भूमिगत कूड़ेदान, स्मार्ट बस शैल्टर एवं स्टैंड, स्मार्ट सड़कें, पार्किंग, पार्क, सोलर लाईट व सिग्नल, विद्युत शवगृह, भूमिगत केबलिंग, वन-सिटी एप्प, स्मार्ट वंेडिंग जोन इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में कुछ महत्वपूर्ण उप परियोजनाओं के लिए मार्च, 2018 के अन्त तक निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएंगी।
बैैरियर फ्री स्मार्ट बस शैल्टर व स्टैंड
सरवीण ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अन्तर्गत धर्मशाला में सटेनलेस स्टील आधारित संरचना, दिव्यांगों के लिए रैम्प, पब्लिक इन्फॉरमेशन सिस्टम व कुछ स्थानों पर वैैंंडिंग मशीनें, बहुमंजिला यांत्रिक तथा पजल पार्किंग बनाई जाएंगी।
पब्लिक बाईक शेयरिंग
उन्होंने कहा कि पर्यटकों एवं नागरिकों के भ्रमण के लिए मांउटेन बाईक किराए पर देने की सुविधा प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के अर्न्तगत स्मार्ट सडकें व गलियां, सार्वजनिक ई-शौचालय, पार्क, खेल मैदान, बच्चों के लिए आधुनिक झूले, ओपन एयर जिम, कुछ पार्कों व मैदानों में राज्य खेल वालीबाल, जूस कार्नर तथा सभी में थीम कूड़ेदान का प्रावधान किया जाएगा।
डाटा एवं कन्ट्रोल कमांड सैन्टर
उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा एवं विभिन्न विभागों द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं की जानकारी, नियंत्रण एवं संचालन हेतु अत्याधुनिक डाटा एवं कंट्रोल कमांड सैन्टर, सीसीटीवी कैमरों, इन्टरनेट, कम्पयूटर व हाई डैफिनिशन स्क्रीन के माध्यम से केन्द्रीकृत नियन्त्रण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कोतवाली बाजार व मैकलोडगंज बाजार का सौन्दर्यकरण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में ई-बस व भागसूनाग में फयुनिकुलर रेल संचालन भी प्रस्तावित है।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव तरूण कपूर, निदेशक शहरी विकास डॅा वीके गुप्ता, सीईओ हिमुडा दिनेश कश्यप, अतिरिक्त आयुक्त विजय कुमार, नगर निगम के अधिशाषी अभियंता सुशील डढवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। 
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