धर्मशाला, 6 जुलाई: खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा के 83वें जन्मदिन के अवसर पर वीरवार को मैकलोडगंज स्थित बौद्ध मंदिर में आयोजित विशेष समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके उन्होंने धर्मगुरु दलाईलामा के स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की कामना करते हुए उपस्थित अनेक गणमान्य लोगों के साथ मिलकर केक काटा।उन्होंने तिब्बती समुदाय सहित उनके सभी अनुयायियों एवं प्रदेशवासियों को धर्मगुरु के जन्मदिन की बधाई दी।

किशन कपूर ने अपने संबोधन में कहा कि दलाईलामा के उपदेशों के अनुसरण से विश्व में शांति व अहिंसा के वातावरण का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि दलाईलामा ने विपरीत परिस्थितियों में भी हमेशा अहिंसा की नीति को आगे बढ़ाते हुए अपने मानवतावादी प्रयासों को जारी रखा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उनके प्रयास एवं चिंतन प्ररेणादायी हैं।
उन्होंने कहा कि पूरा हिमाचल धर्मगुरू दलाई लामा का परिवार है और उनसे असीम स्नेह रखता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूद बौद्ध सर्किट ने पर्यटन को नए आयाम दिए हैं।दुनियाभर के लोग बौद्ध विहार एवं मठ देखने व अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए यहां आते हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मगुरू दलाई लामा के मानवातावादी प्रयासों से आज करीब करीब पूरा विश्व तिब्बत के पक्ष में उनके साथ खड़ा है।
कार्यक्रम में खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने सुप्रसिद्ध पहाड़ी गायक सुनील राणा का गदयाली गीत ‘नकटी’ जारी किया एवं इसके पोस्टर का विमोचन किया। गौरतलब है कि इससे पहले भी सुनील राणा के अनेक गीत लोगों का दिल में खास जगह बना चुके हैं।
किशन कपूर ने सुनील राणा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति एवं लोक कला से जुड़े रहना और इसे बढ़ावा देने का प्रयास करना प्रशंसनीय है।
इस मौके सांसद जर्नादन सिंह सिग्रीवाल एवं गोपाल नारायण सिंह ने भी अपने विचार रखे।
अस अवसर पर टिप्पा और टीसीवी सहित अनय स्कलों के बच्चों ने तिब्बती नृत्य की प्रस्तुतियों से समा बांधा।
इस मौके निर्वासित तिब्बत सरकार की कार्यकारी प्रेजीडेंट पेमा यांगछेन, निर्वासित तिब्बत संसद के अध्यक्ष गेशी खेंबो, उपाध्यक्ष यशी फुनशोक, भाजपा नेता विजय जोली, भाजपा के धर्मशाला मंडल के अध्यक्ष कैप्टन रमेश अटवाल, भाजपा जिला जनजातीय मोर्चे के अध्यक्ष रमेश जरयाल, एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा सहित अन्य अधिकारी, निर्वासित तिब्बत सरकार के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग व देश विदेश से आए श्रद्धालु उपस्थित थे।