सोलन, 14 जुलाई -ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि विश्व को भारतीय योग से परिचित करवाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बहुत अहम रही है। वीरेंद्र कंवर ने यह बात आज सोलन जिला के कठनी में 25वें वार्षिक योग साधना शिविर के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि आज विश्व योग दिवस मनाया जाता है और इसमें हर वर्ष भाग लेने वाले देशों की संख्या में वृद्धि हो रही है ।

उन्होंने कहा कि पुरातन काल में हमारे ऋषियों और मुनियों ने जो जीवन पद्धति विकसित की थी वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य शोध केवल भौतिकता पर आधारित है जबकि भारतीय जीवन पद्धति में जीवन को जीने की कला में शोध हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में खानपान का भी अपना विज्ञान रहा है। इसमें महर्षि पतंजलि की जो भूमिका रही है वह आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक है।
उन्होंने ये भी कहा कि आज हमारी भूमि भी रासायनिक खादों के उपयोग से विष से भर चुकी है और इस भूमि से उगने वाले अन्न में भी वह गुणवत्ता नहीं है जो प्राकृतिक खेती में उगाए जाने वाले अन्न में मिलती है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में बहुत महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश पूरे देश में एक ऐसा राज्य बन कर उभरेगा जहां प्राकृतिक खेती से ही अनाज पैदा होगा। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हम जीवन जीने की कला को भूल रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि हम वर्तमान युग में भी पुरातन जीवन मूल्यों को कदापि ना भूलें। उन्होंने यह भी कहा कि हम भारतीय गोवंश के महत्व को भी भूल रहे हैं। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि अब वक्त आ गया कि हम भारतीय गोवंश की गायों के अलावा गोमूत्र और गोबर की उपयोगिता को समझें और अपनी कृषि में इन का समावेश करें।
इससे पूर्व आश्रम के संचालकों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री को तिलक और गायत्री पट्टिका से सम्मानित भी किया।
इस मौके पर दून के विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में स्वामी योग तीर्थ के अलावा राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष अशोक शर्मा, एसडीएम रोहित राठौर, सहायक निदेशक पशु पालन डॉ सुशील नेगी, डॉ मानसी शर्मा
और आश्रम से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी भी मौजूद रहे।