धर्मशाला, 14 दिसम्बर: उद्योग मंत्री विक्रम ठाकुर ने आज यहां वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सम्बंधित बैठक की अध्यक्षता करते हुए आबकारी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे 31 दिसम्बर, 2019 तक जीएसटी के तहत पंजीकृत सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों से शत प्रतिशत रिटर्न दाखिल करवाना सुनिश्चित करने की दिशा में विशेष पग उठायें। आज देर सांय विधानसभा परिसर में उत्तरी क्षेत्र के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाये। इस बैठक में मुख्य सचिव डॉक्टर श्रीकांत बाल्दी तथा प्रधान सचिव (आबकारी) संजय कुंडू भी विशेष रूप से उपस्थ्ति थे।
विक्रम ठाकुर ने कहा कि रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के विरूद्व सख्त कार्यवाही कर उनके पंजीकरण को रद्द किया जाये। उन्होंने कहा कि जीएसटी रिटर्न की जांच करते समय विशेष सावधानी बरती जाये तथा उसमें किसी भी प्रकार की विसंगति पाये जाने पर दोषियों के विरूद्व कार्यवाही अमल में लाई जाये।
उन्होंने पिछले कुछ समय में जीएसटी से कर संग्रह में हुई बढ़ोतरी पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि राज्य में कर संग्रह अभी भी राष्ट्रीय अनुपात से कम है, जिसके लिये विभाग को सामूहिक रूप से प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक जीएसटी के तहत कर संग्रह की कमी की भरपाई केन्द्र सरकार द्वारा की जायेगी, परन्तु हमें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आज से ही आवश्यक कदम उठाने होंगे।
मुख्य सचिव डॅा0 श्रीकांत बाल्दी ने बताया कि सरकार जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी के प्रति गम्भीर है तथा इस विषय में किसी भी स्तर पर ढ़ील को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से अपनी पूरी मेहनत और संजीदगी से काम करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आने के भी निर्देश दिये।
प्रधान सचिव (आबकारी) संजय कंुडू ने बताया कि जीएसटी के प्रति समय-समय पर विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण आयोजित किये जाते रहेंगे। उन्होेंने अधिकारियों से जीएसटी में निहित प्रावधानों के प्रति जागरूक रहने तथा कर चोरी को रोकने की दिशा में तेजी लाने को कहा।
इस अवसर पर आबकारी विभाग केे उत्तर क्षेत्र के अधिकारी उपस्थित रहे।