राजेश धर्माणी ने घुमारवीं सिविल अस्पताल के डाॅक्टर्स एवं स्टाफ को किया सम्मानित
घुमारवीं (बिलासपुर), 29 नवम्बर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने आज घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक करवाए गए दो जटिल सिजेरियन प्रसवों के लिए अस्पताल के डाॅक्टर्स एवं अन्य संबंधित स्टाफ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में डाॅ. अनुपम शर्मा, डाॅ. अभिनव गौतम, डाॅ. दीपक, तकनीकी स्टाफ उमेश, पूजा, अंकुश, तथा वार्ड स्टाफ सीता और रमा शामिल हैं।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने कहा कि घुमारवीं सिविल अस्पताल में पहली बार जटिल सिजेरियन प्रसव करवाकर डॉक्टरों एवं तकनीकी स्टाफ ने बेहतरीन कार्य किया है। उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा संस्थानों के आधारभूत ढांचे को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं घर के समीप ही उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर के अस्पतालों में भी आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे ग्रामीण एवं दूर-दराज के लोगों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने उपमंडल एवं ग्रामीण स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों सहित आवश्यक पैरा-मैडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की है। साथ ही लोगों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए सिविल अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी नियुक्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने शिमला स्थित अटल सुपर स्पेशियलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना, तथा डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा भी शुरू की है। यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे लोगों को प्रदेश के भीतर ही विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र सहित संपूर्ण बिलासपुर जिला में भी स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।
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प्रत्येक बच्चे में होती है विशेष क्षमता, लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें: राजेश धर्माणी
11 दिसंबर को मंडी में आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प पर आयोजित होगा कार्यक्रम
कोठी स्कूल में आयोजित क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में बोले तकनीकी शिक्षा मंत्री
घुमारवीं (बिलासपुर), 29 नवम्बर: नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में एक विशेष क्षमता होती है, जिसे पहचानकर निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी की नकल करने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने भीतर की शक्ति और रुचि को पहचानते हुए ‘आई एम द बेस्ट’ की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही बच्चों को अपने जीवन का लक्ष्य तय कर उस दिशा में निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। राजेश धर्माणी आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी में आयोजित क्लस्टर स्तरीय वार्षिक परितोषिक वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
कार्यक्रम में कोठी स्कूल क्लस्टर के अंतर्गत आने वाले 10 विद्यालयों जिनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी, राजकीय उच्च पाठशाला तियूण खास एवं दाबला, राजकीय माध्यमिक पाठशाला मेहरान, राजकीय केंद्र प्राथमिक पाठशाला कोठी, तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला तियूण खास, मेहरान, नैण, सिल्ह एवं राव पन्याला शामिल हैं के लगभग 800 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
उन्होंने ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने बजट का बड़ा हिस्सा शिक्षा पर व्यय कर रही है, ताकि बच्चों का मजबूत भविष्य समाज और प्रदेश की प्रगति की सुदृढ़ नींव बन सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयासरत है और यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब समाज का प्रत्येक परिवार और व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। उन्होंने बताया कि आगामी 11 दिसम्बर को मंडी में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम का मुख्य थीम भी आत्मनिर्भर हिमाचल का संकल्प रहेगा। उन्होंनें बच्चों में आत्मविश्वास, कौशल और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि उन्हें समस्याओं से घबराने के बजाय समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
राजेश धर्माणी ने कहा कि माता-पिता बच्चों के प्रथम गुरु होते हैं और अभिभावकों के सहयोग एवं सही मार्गदर्शन से बच्चे जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। उन्होंने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने तथा उनकी रुचि और क्षमतानुसार आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं है, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित बनाना है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वह विद्यार्थियों की विशेष क्षमताओं की पहचान कर उनके अनुरूप अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराएं। साथ ही विषयों को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़कर व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने की बात कही, ताकि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित न रहकर व्यक्तित्व निर्माण में भी अहम भूमिका निभा सके।
उन्होंने कहा कि बच्चों को जाति, लिंग या वर्ग के आधार पर भेदभाव नहीं सिखाना चाहिए। समाज में लड़का-लड़की एक समान हैं और सभी को समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग एवं सकारात्मक सोच विकसित कर आत्मनिर्भर हिमाचल के सपने को साकार करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
इससे पहले स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश शर्मा, क्लस्टर स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा वार्षिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर पद्मश्री हरिमन शर्मा, बीएमओ डॉ. अनुपमा शर्मा एवं उनकी टीम, बीडीसी सदस्य रवि कौशल, पूर्व प्रधान कोठी पंचायत अनीता धीमान, विभिन्न स्कूलों के एसएमसी प्रमुख एवं सदस्यों सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे।
10वीं व 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा 10-10 हजार रुपये का पुरस्कार
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व प्रशासनिक अधिकारी के.डी. लखनपाल ने घोषणा की कि कोठी स्कूल में प्लस-टू कक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थी को उनके स्वर्गीय पिता शिवराम की स्मृति में तथा दसवीं कक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थी को उनकी स्वर्गीय माता बांटी देवी की स्मृति में 10-10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह परंपरा प्रत्येक वर्ष जारी रहेगी और भविष्य में उनके बच्चे भी इसे आगे बढ़ाते रहेंगे। उन्होंने बताया कि वह स्वयं भी इसी विद्यालय के पहले बैच के विद्यार्थी रहे हैं तथा विद्यालय के विकास एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना अपना कर्तव्य मानते हैं।

