नीलोखेड़ी, 03.01.26- हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान में “मेरा गांव–मेरी धरोहर” विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि गांव केवल भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और आत्मा का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की धरोहर का संरक्षण अतीत को सहेजने के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए ग्राम सचिवों ने भाग लिया। समन्वयक साक्षी और डॉ. सुशील मेहता रहे। साक्षी ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए गांवों की ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण पर बल दिया।

डॉ. चौहान ने कहा कि ग्राम सचिव शासन और गांव के बीच सेतु हैं और विकास व धरोहर को साथ-साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने इस अभियान को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान से कंसलटेंट गुरबिदर सिंह, विकास और पंचायत विभाग से प्रोग्रामर, हिमांशु, ग्राम सचिव भगत सिंह, साहिल एवं अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।