कोल्ड स्टोर बनाएं, उद्यान विभाग देगा 50 प्रतिशत सब्सिडी
जिला में बढ़ रहा है फलों का उत्पादन, कोल्ड स्टोर होंगे फायदेमंद: उपनिदेशक
वर्ष 2025 में 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है फलों का उत्पादन
हमीरपुर 02 फरवरी। प्रदेश सरकार द्वारा उद्यान विभाग के माध्यम से किए जा रहे प्रयासों से जिला हमीरपुर भी फल उत्पादन में अपनी पहचान बनाने लगा है। वर्ष 2025 के विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिला में बागवानी क्षेत्र बढ़कर लगभग 8100 हैक्टेयर और फल उत्पादन करीब 2200 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एचपीशिवा परियोजना और बागवानी तकनीकी मिशन के तहत जिला में मौसम्बी, संतरा, अमरूद, आम, लीची और अनार आदि फलों के पौधारोपण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। विभाग ने वर्ष 2030 तक जिला में फलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को लगभग 9000 हैक्टेयर और उत्पादन लगभग 5000 मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
उपनिदेशक ने बताया कि आने वाले समय में फल उत्पादन बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए जिला में कोल्ड स्टोरों की आवश्यकता भी महसूस होगी। इसके मद्देनजर बागवानों को अभी से ही कोल्ड स्टोरों के निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। इनके निर्माण पर उद्यान विभाग 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रहा है।
राजेश्वर परमार ने बताया कि जिला हमीरपुर में फलों का तुड़ान वर्षा ऋतु से शुरू होकर सर्दियों तक चलता है। पूरे जिले में एक ही समय अधिक उपज आने पर कई बार बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त नहीं हो पाता है और इन फलों के खराब होने पर बागवानों को भारी नुक्सान होता है। ऐसी परिस्थितियों में बागवान अपनी उपज को कोल्ड स्टोर में रख सकते हैं तथा इन्हें उपयुक्त समय पर बाजार में उतारकर अच्छे दाम हासिल कर सकते हैं। अगर कोई बागवान या उद्यमी बागवानी तकनीकी मिशन के अंतर्गत कोल्ड स्टोर बनाना चाहता है तो वह उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकता है।
उपनिदेशक ने बताया कि जिला हमीरपुर में डिडवीं क्षेत्र के उद्यमी सुरेश कुमार और भिड़ा के विजयपाल कौशल ने 52-52 लाख रुपये की लागत से कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित की हैं। इन इकाइयों पर उन्हें 26-26 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। दोनों इकाइयां सौर ऊर्जा से संचालित की जा रही हैं। उपनिदेशक ने जिला के बागवानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
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राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव की स्मारिका के लिए 15 तक भेजें लेख
सुजानपुर में इस बार एक से 4 मार्च तक मनाया जाएगा होली उत्सव
हमीरपुर 02 फरवरी। सुजानपुर में एक से 4 मार्च तक आयोजित किए जाने वाले राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव की तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं। उत्सव की आयोजन समिति इस बार भी उत्सव की स्मृतियों को चिरकाल तक संजोए रखने के उद्देश्य से एक स्मारिका प्रकाशित करवाएगी।
इस स्मारिका के लिए जिला हमीरपुर के लेखकों, साहित्यकारों, विद्यार्थियों और अन्य लोगों से लेख, कविताएं और अन्य रचनाएं आमंत्रित की गई हैं। जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि ये रचनाएं 15 फरवरी तक जिला भाषा अधिकारी कार्यालय हमीरपुर की ईमेल डीएलओहमीरपुर520 एट द रेट जीमेल.कॉम dlohamirpur520@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं।
इन लेखों, कविताओं या अन्य रचनाओं की विषय-वस्तु जिला हमीरपुर की लोक संस्कृति, राष्ट्र स्तरीय होली महोत्सव सुजानपुर और इनके सांस्कृतिक इतिहास से संबंधित होनी चाहिए। ये यूनिकोड फोंट में टंकित होनी चाहिए। उच्च स्तरीय रचनाओं को स्मारिका में प्रकाशित किया जाएगा।
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मंडी के इतिहास, सामाजिक व धार्मिक विरासत से रूबरू कराएगी हेरिटेज वॉक
शिवरात्रि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन आयोजित होगी हेरिटेज वॉक
मंडी, 1 फरवरी। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान पहली बार हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से लोगों को मंडी नगर की स्थापना की गौरवशाली यात्रा, प्राचीन मंदिरों, स्थापत्य कला, मूर्तिकला, सामाजिक संरचना तथा आध्यात्मिक विरासत से नजदीक से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। यह हेरिटेज वॉक महोत्सव अवधि में प्रतिदिन आयोजित की जाएगी।
अतिरिक्त उपायुक्त मंडी गुरसिमर सिंह ने बताया कि हेरिटेज वॉक के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली गई है। वॉक के दौरान प्रतिभागियों को मंडी शहर की ऐतिहासिक धरोहरों, विशिष्ट स्थापत्य शैलियों तथा नगर के विकास क्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही प्रसिद्ध मंदिरों के इतिहास, उनसे जुड़ी मान्यताओं और निर्माण शैलियों से भी अवगत करवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हेरिटेज वॉक के माध्यम से नगर के 300 से 500 वर्ष पुराने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के मंदिरों के इतिहास, स्थापत्य विशेषताओं और सांस्कृतिक महत्ता को सामने लाया जाएगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मंडी की सांस्कृतिक पहचान को भी और मजबूती मिलेगी।
हिमाचल के हृदय स्थल में बसा मंडी नगर प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अद्वितीय संगम है। मंडी नगर को ‘छोटी काशी’ के रूप में जाना जाता है। यहां स्थित प्राचीन मंदिर नगर के वैभवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं तथा सदियों से आध्यात्मिक चेतना के केंद्र रहे हैं।
सोलहवीं शताब्दी में निर्मित त्रिलोकीनाथ मंदिर, पंचवक्त्र मंदिर, अर्धनारीश्वर मंदिर, बाबा भूतनाथ मंदिर सहित अन्य देवालय तत्कालीन सेन राजपूत शासकों की आध्यात्मिकता, शिल्पकला और सनातन परंपराओं की समृद्ध झलक प्रस्तुत करते हैं।
हेरिटेज वॉक के माध्यम से मंडी की वास्तुकला, शिल्पकला, मंडी रियासत के इतिहास, सामाजिक जीवन और धार्मिक विश्वासों से जुड़े अनेक पहलुओं से स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक परिचित होंगे।
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*एसडीएम ने की पीलिया की रोकथाम से संबंधित उपायों की समीक्षा, स्कूलों का किया निरीक्षण*
*मंडी, 02 फरवरी।* उपमंडलाधिकारी (ना.) गोहर देवी राम की अध्यक्षता में आज गोहर में स्वास्थ्य विभाग एवं जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उपमंडल गोहर क्षेत्र में फैले पीलिया रोग की रोकथाम की समीक्षा की गई। बैठक में इस रोग पर नियंत्रण, पेयजल की गुणवत्ता तथा जन-जागरूकता को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पीलिया से बचाव को लेकर जन-जागरूकता संबंधी उपायों पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि पीलिया मुख्यतः दूषित पेयजल एवं अस्वच्छता के कारण फैलता है, इसलिए उबला हुआ अथवा सुरक्षित पेयजल ही प्रयोग करने की सलाह दी गई। खुले में रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने, भोजन से पहले एवं शौच के बाद साबुन से हाथ धोने तथा स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई। पीलिया के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार या झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच व उपचार करवाने पर बल दिया गया। तैलीय भोजन, शराब एवं नशे से परहेज करने की भी सलाह दी गई।
एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग को पीलिया के संभावित मामलों पर निरंतर निगरानी रखने तथा समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को पीलिया से बचाव, स्वच्छ पेयजल के उपयोग एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। जल शक्ति विभाग को जल स्रोतों की नियमित सफाई व क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के उपरांत एसडीएम ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गोहर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल टंकियों की साफ-सफाई इत्यादि जांची और पाठशाला प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त स्थानीय अस्पताल में उपचाराधीन रोगियों से उनका कुशलक्षेम भी पूछा।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा सहित जल शक्ति विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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2026-27 सत्र हेतु निजी विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया शुरूधर्मशाला, 2 फरवरी: उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2011 के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में निहित प्रावधानों के अनुसार जिला कांगड़ा के सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं विद्यालय मुखियाओं से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता एवं मान्यता नवीनीकरण हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।उन्होंने बताया कि आवेदन पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे तथा किसी भी प्रकार का आॅफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। मान्यता के नवीनीकरण हेतु संबंधित विद्यालय को वेबसाइट www.emargshimachal.in पर लाॅग-इन करना होगा।
पहली से पांचवीं कक्षा तक संचालित विद्यालयों को अपने आवेदन निर्धारित शुल्क सहित संबंधित बीईईओ को ऑनलाइन भेजने होंगे, जबकि प्राइमरी से आठवीं तथा छठी से आठवीं तक की कक्षाएं संचालित करने वाले विद्यालयों को अपने आवेदन निर्धारित शुल्क सहित डीडीईई, कांगड़ा को ऑनलाइन भेजने होंगे।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। इसके उपरांत ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी। यदि किसी आवेदन में त्रुटियां पाई जाती हैं तो उसे ऑनलाइन माध्यम से ही विद्यालय को वापस भेज दिया जाएगा। संबंधित विद्यालय त्रुटियों के निवारण के पश्चात आवेदन को पुनः ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकता है।
सभी सही पाए गए आवेदनों के लिए मान्यता पत्र एवं मान्यता नवीनीकरण पत्र ऑनलाइन माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सत्र 2026-27 में केवल वही विद्यालय विद्यार्थियों को प्रवेश दे सकेंगे, जिनके पास विभाग द्वारा जारी मान्यता प्रमाण पत्र उपलब्ध होंगे। बिना मान्यता अथवा मान्यता नवीनीकरण पत्र के संचालित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।