चण्डीगढ़, 08.02.26- : श्री दुर्गा मंदिर, सैक्टर 41-ए के मूर्ति स्थापना वार्षिकोत्सव समारोह के उपलक्ष्य में चल रहे वैदिक कार्यक्रम में शनिवार को सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज पंहुचे जहां मंदिर सभा के सदस्यों एवं शहर की विभिन्न कीर्तन मण्डलियों ने फूल माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित भक्तजनों को प्रवचन देते हुए नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि शक्ति के नाश के अनेक कारणों में विषय-लोलुपता कदाचित सबसे बड़ा कारण है। प्रायः देखा जाता है कि शक्तिसंपन्न व्यक्तियों में काम वासना का विकार विशेष रूप से उत्पन्न हो जाता है, जिसके फलस्वरूप वे अपनी शक्ति को नष्ट कर डालते हैं और दूसरों को भी हानि पहुँचाते हैं।


गायत्री माता स्वयं शक्ति-स्वरूपिणी है और उसकी उपासना से हम सब प्रकार की शक्तियों को प्राप्त कर सकते हैं। पर शर्त यही है कि जो शक्ति प्राप्त की जाय उसका सदुपयोग ही किया जाय। दुरुपयोग करने से तो उसका परिणाम महा भयानक होता है और उससे हमारा सांसारिक पतन ही नहीं होता वरन हम आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत निम्न स्तर पर पहुँच जाते हैं। आज इस अवसर पर मंदिर सभा के प्रधान एच एल छाबड़ा, साध्वी मां देवेश्वरी , अनीता शर्मा, मनोहर लाल, अनु हांडा, एवं बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।