हिसार, 15.02.26-- श्री प्रयागगीरी शिवालय ट्रस्ट में श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग के नेतृत्व में 7 दिन की कथा संपूर्ण हुआ। कथा में हजारों की संख्या में धर्म प्रेमियों ने हर रोज भाग लिया। जिसमें महामंडलेश्वर साध्वी करुणागिरी ने श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के अन्तिम दिन साध्वी करुणा गिरी ने बताया कि जिस प्रकार हर मोबाइल या कंप्यूटर में एंटी वायरस होता है, उसी तरह हर इंसान में आत्मा रूपी एंटी वायरस लगाया हुआ है। जो बुराई रूपी वायरस को पहचान लेता है और मस्तिष्क को आदेश देता है कि उसे हटा दिया जाए तो मस्तिष्क उसे तुरंत प्रभाव से हटा देता है और मनुष्य को सदमार्ग पर लेकर चलता है। अगर किसी मनुष्य का मस्तिष्क मन के नियंत्रण में है तो वह बार-बार संकेत देने पर भी बुराई रूपी वायरस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता तो वह बुराई के मार्ग पर चल पड़ता है और वह संसार के लिए घातक सिद्ध होता है इसलिए हमें आत्मा रूपी स्कैनर के संकेत मिलते ही हमें कठोर कदम उठाते हुए, उसे बुराई को वही दफन करके आगे बढ़ना चाहिए और भगवान का पार्षद बनना चाहिए।

शिवालय मंदिर ट्रस्ट के प्रधान बजरंग गर्ग ने मुख्य मेहमान नलवा विधायक रणधीर पनीहार, सीनियर एडवोकेट पी के सन्धीर, प्रमुख समाजसेवी विजय ग्रोवर, मनोज गर्ग, ओम प्रकाश कोहली, ओम प्रकाश असीजा, राजेंद्र बंसल, रमेश पटवारी, नारायण दास बंसल, जगत नारायण, अनिल बंसल, सत्यपाल असीजा, सुरेश कक्कड, विनय पानी सेवा, गोरी शंकर को संस्था ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

बजरंग गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा की कथा में भगवान श्री कृष्ण जी व सुदामा जी का मिलन की भव्य झांकियां की प्रस्तुति पर धर्म प्रेमी काफी देर तक गाते-नाचते रहे। भगवान श्री कृष्ण जी व सुदामा जी की झांकी ने भक्तों का मनमोह लिया। श्री गर्ग ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण जी और सुदामा जी की कहानी निस्वार्थ और अटूट मित्रता का सर्वोच्च उदाहरण है। बचपन के मित्र होने के बावजूद राजा कृष्ण और अत्यंत दरिद्र ब्राह्मण सुदामा की सामाजिक स्थिति होते हुए भी सुदामा पत्नी के आग्रह पर उपहार स्वरूप चावल की पोटली लेकर द्वारका गए। जिसे कृष्ण जी ने प्रेम पूर्वक खाया और सुदामा को बिना मांगे ही धन-संपत्ति से मालामाल कर दिया।