HAMIRPUR-12.03.26-राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने हमीरपुर के घनाल में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को मजबूत करने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 12 मार्च 2026 को एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस सत्र में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने ग्रामीण आर्थिक विकास के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रदान की, जिसमें वित्तीय साक्षरता और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और संयुक्त देयता समूहों (JLGs) की चालीस महिलाओं ने भाग लिया।
सत्र के दौरान, नाबार्ड के डीडीएम (DDM) ने 1990 के दशक से भारत में स्वयं सहायता समूह आंदोलन के विकास और ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद करने के लिए MUDRA Yojna, PMEGP, पीएम विश्वकर्मा, PMFME, जैसी प्रमुख सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
हिमालयन चेतना एनजीओ की अध्यक्षा श्रीमती रजनीश ने इन समूहों को बनाने के लिए आवश्यक प्रेरणा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के शुरुआती चरणों में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि कैसे सामूहिक प्रयास दीर्घकालिक सामुदायिक कल्याण और वित्तीय स्थिरता की ओर ले जाते हैं।
एलडीएम कार्यालय के एफएलसी (FLC) और पूर्व अग्रणी जिला प्रबंधक श्री गुरचरण भट्टी ने प्रतिभागियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बारे में शिक्षित किया और उन्हें वित्तीय सुरक्षा के लिए इनमें नामांकन करने का आग्रह किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण में आरसेटी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और सदस्यों को सूक्ष्म उद्यम शुरू करने में मदद करने के लिए विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
डीआरडीए हमीरपुर की जिला कार्यात्मक प्रबंधक श्रीमती पूजा ने उपस्थित लोगों को एनआरएलएम के मुख्य दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उनका सत्र सफल स्वयं सहायता समूह चलाने, पारदर्शिता बनाए रखने और ग्रामीण गरीबों के उत्थान के लिए बनाए गए संस्थागत ढांचे का पालन करने पर केंद्रित था।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक के प्रबन्धक श्री महेंद्र कुमार ने भी अपने बैंक की स्कीमों तथा एसएचजी-बैंक लिंकेज की जानकारी दी। आए हुये प्रतिभागियों का शिविर के दौरान ही बचत खाता खुलवाने और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भर्ती करने का प्रावधान रखा गया।
यह सहयोगात्मक पहल हमीरपुर में महिला नेतृत्व वाले विकास और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए एक स्थायी वातावरण बनाने के प्रति नाबार्ड और उसके सहयोगियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।