*मंडी, 18 अप्रैल।* प्रदेश के बागवानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाई जा रही हिमाचल प्रदेश सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन (एचपी शिवा) परियोजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की एक उच्चस्तरीय टीम इन दिनों मंडी जिले के दौरे पर है। प्रोजेक्ट टीम लीडर डेनिस लोपेज के नेतृत्व में इस टीम में ब्रैंडो एंजेल्स, प्राची शर्मा और दिनेश गोदियाल शामिल हैं।
विभिन्न क्लस्टरों का गहन निरीक्षण
बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा दो दिवसीय सघन दौरे के दौरान परियोजना के विभिन्न चरणों की समीक्षा की गई। गत दिवस टीम ने विकास खंड गोपालपुर के भांबला क्लस्टर का दौरा किया और वहां चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त आज विकास खंड सुंदरनगर के खग्राओं व पलौहटा-2 क्लस्टर और विकास खंड बल्ह के तमरोह क्लस्टर का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी।
बुनियादी ढांचे और सामुदायिक सहभागिता की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान टीम ने क्लस्टरों में तैयार किए गए बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता जांची। इसके साथ ही टीम ने सीएचपीएमए और डब्लूयूए के सदस्यों के साथ विशेष बैठकें कीं। टीम ने इन संस्थाओं की क्लस्टर निर्माण में भूमिका और उनके कामकाज के तरीकों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया।
बागवानों से सीधा संवाद और फीडबैक
टीम ने सीधे तौर पर लाभार्थी बागवानों से बातचीत की और यह जानने का प्रयास किया कि एचपी शिवा परियोजना ने उनके जीवन स्तर और आजीविका पर क्या सकारात्मक प्रभाव डाला है। बागवानों से भविष्य की आवश्यकताओं और एडीबी द्वारा आगे दी जा सकने वाली सहायता पर भी चर्चा की गई, ताकि उनकी आय को दोगुना करने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
पलौहटा-2 में 'मोनोरेल' पायलट प्रोजेक्ट की पहल
निरीक्षण के दौरान पलौहटा-2 क्लस्टर में एक महत्वपूर्ण चर्चा की गई। एडीबी की टीम ने यहां पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर 'मोनोरेल' स्थापित करने के लिए किसानों की सहमति और सुझाव लिए। यह तकनीक क्लस्टरों में कृषि आदानों और तैयार फसलों की ढुलाई को आसान बनाएगी। टीम ने इस मोनोरेल प्रोजेक्ट की स्थापना को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया हैl
उत्कृष्टता केंद्र पर विशेष ध्यान
परियोजना के अगले चरण के तहत, टीम ने विकास खंड सुंदरनगर के पीसीडीओ हराबाग का दौरा किया। इस स्थान पर फार्मर एंटरप्राइज इनोवेशन सेंटर स्थापित किया जाना प्रस्तावित हैl ये केंद्र बागवानों को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी जानकारी प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। एडीबी टीम ने इस उत्कृष्टता केंद्र के लिए चयनित स्थल और महत्व को देखते हुए गहरी रुचि दिखाई और परियोजना की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। टीम का यह दौरा राज्य में बागवानी क्रांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान बागवानी विभाग और जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी टीम के साथ मौजूद रहे। इस अवसर पर उप-निदेशक बागवानी डॉ. संजय गुप्ता, सहायक परियोजना निदेशक डॉ. रमल अंगारिया, डीसी एचपी शिवा (मंडी जोन 2) डॉ. राजेश शर्मा, राष्ट्रीय बागवानी विशेषज्ञ डॉ. सोम देव शर्मा और जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित संबंधित अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे। साथ ही, तकनीकी और सामाजिक विशेषज्ञों की टीम से सीएस06 टीम लीडर प्रशांत श्रीवास्तव, सीएस08 सोशल सेफगार्ड एक्सपर्ट एल.आर. पांडा, उद्यान विकास अधिकारी सुंदरनगर डॉ. अनुपमा, एचडीओ बल्ह डॉ. शिवाली, सदर डॉ. शिक्षा और संबंधित क्लस्टर प्रभारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।