6 माह से अधिक समय से लंबित राजस्व मामलों को प्राथमिकता से निपटारा: किरण भड़ाना
अधिकािरयों को विशेष राजस्व अदालतों के आयोजन में तेजी लाने के दिये निर्देश
उपायुक्त ने जिला के राजस्व अधिकारियों के साथ आयोजित की समीक्षा बैठक
बिलासपुर, 05 नवंबर: उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि राजस्व अधिकारी 6 माह से अधिक अवधि से लंबित राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी लाएं। साथ ही अधिकारियों को लंबित राजस्व मामलों के शीध्र निपटारे के लिए विशेष राजस्व अदालतों के आयोजन पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिये। उपायुक्त आज बचत भवन में जिला के राजस्व अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। बैठक में सीमांकन, बंदोबस्त, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार, भू-अभिलेखों के अद्यतन, भू-अर्जन, भूमि बंटवारे तथा खाता विभाजन सहित विभिन्न राजस्व मामलों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित एवं समयबद्ध निपटारा प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है ताकि आम लोगों को उनके भूमि संबंधी अधिकारों का लाभ बिना किसी अनावश्यक देरी के मिल सके। राजस्व मामले लोगों के अधिकारों और हितों से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनके समाधान में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष राजस्व अदालतों का अधिक से अधिक आयोजन सुनिश्चित करें तथा 6 माह से अधिक समय से लंबित मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर उनका निपटारा करें। साथ ही सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ राजस्व अधिकारियों की कार्यप्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा लंबित मामलों के निपटारे की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व सेवाओं में जवाबदेही और कार्यकुशलता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
किरण भड़ाना ने आपदा प्रभावित परिवारों को राहत राशि जारी करने की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि आपदा के दौरान जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनमें से अधिकांश पात्र परिवारों को दूसरी किस्त की राहत राशि भी जारी की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र प्रभावित परिवारों को तीसरी किस्त की राहत राशि जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा इसे जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवार अपने मकानों के पुनर्निर्माण का कार्य समय पर पूरा कर सकें। उन्होंने राहत संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न करने तथा सभी संबंधित मामलों की जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समयबद्ध ढंग से अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाना है। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारी पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरलता और समयबद्ध तरीके से मिल सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त रूपिंदर कौर, जिला राजस्व अधिकारी निलाक्ष शर्मा, जिला के एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।