Chandigarh,13.08.17-आज निरंकारी सत्संग भवन गांधीनगर में सतगुरू माता सविंदर हरदेव जी महाराज के आशीर्वाद से साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जॉन नं-6 के जोनल इंचार्ज तेज सिंह चौधरी ने की। संगत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि निरंकार को अपने अंगसंग जानने के सिवा कोई बड़ा कार्य नहीं हो सकता। परमात्मा हमारे अंग संग है जो पिंडे सो भोर्मंडे का उदाहरण देते हुए कहा कि परमात्मा के सारे गुण मानव शरीर में हैं परंतु सतगुरू के बगैर इसे नहीं जाना जा सकता। उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि सोचे सोचि न होवई जो सोची लख बार अर्थात इसमें कोई शक नहीं कि सोचना बहुत आसान है जबकि जानना सही मायनों मेंं बहुत कठिन है। क्योंकि सोचने के लिए बदलने की कोई जरूरत नहीं लेकिन जानने के लिए स्वयं को बदलना अनिवार्य है। उदाहरण के तौर पर एक अंधा आदमी प्रकाश के संबंध में सोचता रहे तो वह फिलॉसफी है और अगर अंधे आदमी की आंख का इलाज हो जाए तो वह प्रकाश को देख ले, तो वह तत्व ज्ञान का प्रतीक है। इसी प्रकार कोई आदमी प्र्रेम के संबंध में बहुत सोचे तो इसे प्रेम का पता नहीं चलता, जब तक वो खुद प्रेम में डूब ही न जाए, क्योंकि प्रेम में डूबना बिल्कुल दूसरी बात है और ऐसा भी हो सकता है कि जो प्रेम में डूब गया हो उसने प्रेम के बारे में कभी कुछ सोचा ही न हो। इस अवसर पर स्थानीय संयोजक महात्मा बीआर रवि ने जोनल इंचार्ज तेज सिंह चौधरी का स्वागत किया और अपने विचारों में कहा कि 15 अगस्त को निरंकारी मिशन मुक्ति पर्व के रूप में मनाता आया है तथा इस वर्ष भी 15 अगस्त को ब्राहण निरंकारी सत्संग भवन में जिला स्तरीय सत्संग का आयोजन किया जाएगा। सभी महात्माओं व अनुयायियों से निवेदन है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंच कर सत्संग की शोभा बढ़ाएं। मुक्ति पर्व के दिन भी महात्मा तेज सिंह चौधरी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और सात संगत को संबोधित करेंगे और सतगुरू माता सविंदर हरदेव जी महाराज का संदेश संगतों तक पहुंचाएंगे।