ऊना, 12 सितंबर-  उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने आज हरोली विधानसभा क्षेत्र के बाथू में 44 करोड़ लागत की मध्यम सिंचाई में प्रदेश की सबसे बड़ी बीत सिंचाई योजना का लोकार्पण किया। इस योजना की एक बड़ी खासियत यह भी है कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार किसी एक जगह पर 18 नलकूप एक साथ ड्रिल किए गए हैं । इस योजना के तहत पाईप लाईनों के जरिए बीत के 9 गांवों - सिंगा, बीटन, छेत्रां, दुलैहड़, बाथू, अमराली, हीरां , लूथड़े, साहूवाल व हलेड़ा बिलना में पानी पहुंचाया गया है और इससे अप्पर बीत क्षेत्र में खुशहाली के नए दौर का सूत्रपात भी होगा। करीब 4 हजार किसानों की 1122 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
      इस अवसर पर बाथू में जनसभा को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि बीत एरिया सिंचाई योजना उनका सबसे बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट रही है और इसे मूर्त रूप देने के लिए उन्होंने दिल्ली तक लड़ाई लड़ी । आखिरकार उन्होंने 44 करोड़ रूपए लागत की इस योजना को पूर्व यूपीए सरकार से मंजूर करवाकर बीत एरिया के किसानों को सबसे बेशकीमती व नायाब तोहफा दिलवाया । उन्होंने कहा कि आजादी से पहले टाहलीवाल में पानी की स्कीम बनी थी और अब आजादी के इतने साल बाद बीत सिंचाई योजना के जरिए बीत क्षेत्र के खेतों की प्यास बुझने जा रही है। उन्होंने कहा इस योजना से बीत क्षेत्र की तकदीर व तस्वीर ही बदल जायेगी। 
      उद्योग मंत्री ने कहा कि ऊना जिला के इस बीत क्षेत्र ने वह दौर भी देखा है जब यहां के वाशिंदे और मवेशी एक ही तालाब में पानी पीने को मजबूर थे । पानी की कमी के चलते लोग यहां अपनी बेटियों की शादी करने से कतराते थे लेकिन बीत इलाके के वे दिन अब बीते दिनों की बात बन कर रह गए हैं। इलाके की जनता को बीत सिंचाई योजना के रूप में एक ऐसा नायाब तोहफा भी मिला है जो इलाके में खुशहाली का नया अध्याय रच देगा।  
                               उन्होंने कहा बीत क्षेत्र सिंचाई  योजना केे तहत बाथू में पंप हाऊस बनाकर करीब 3 करोड़ की मशीनरी स्थापित की गई है और बाथू में ही 12 हजार लिटर क्षमता का विशाल वाटर टैंक बनाए गए हैं। सिंगा, अमराली, छेत्रां व बाथू में 4 मुख्य जल भंडारन टैंक भी निर्मित किए गए हैं जिनमें प्रत्येक की क्षमता 80 हजार लिटर है। इसके अलावा बीटन, छेत्रां, दुलैहड़ व हीरां में 50-50 हजार लिटर क्षमता के 6 टैंक निर्मित किए गए हैं । योजना के तहत 65 किलोमीटर लंबी लाईनें बिछाई गई हैं। किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए 430 होदियां बन रही हैं। उन्होंने कहा रिमोट संचालित इस स्कीम को देश के किसी हिस्से में बैठकर चलाया जा सकता है। स्कीम के तहत बाथू को भी पानी मिलेगा और इसके लिए बाथू में अलग से पंप लगाए गए हैं। 
   उद्योग मंत्री ने कहा कि बाथू गांव अब प्रदेश के मानचित्र पर प्रमुखता से अंकित हो गया है। यहां 15 करोड़ लागत के राजीव गांधी कामन फेसीलिटी सेंटर के निर्माण सहित उद्योग विभाग द्वारा 22 करोड़ रूपए विकास कार्यों पर खर्च किए गए हैं। बाथू में जरूरतमंद रोगियों के उपचार के लिए बीते साढ़े चार सालों में सर्वाधिक 50 लाख रूपए प्रदान किए गए हैं। मोरवड़ी में 25 लाख की लागत से बनने वाली सराय का जल्दी ही शिलान्यास किया जा रहा है।  बाथू में पांच करोड़ का लेबर हास्टल, कांगड़ा केन्द्रीय सहकारी बैंक का भव्य भवन और 132 केवी एवं 33 केवी सब स्टेशन का तोहफा दिया गया है। 
           उन्होंने कहा हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पुल 56 करोड़ की लागत से हरोली व रामपुर के बीच बन रहा है । प्रदेश की पहली गैस पाइपलाइन हरोली विधानसभा क्षेत्र के टाहलीवाल औद्योगिक क्षेत्र में पहुंचाई गई है। प्रदेश का पहला स्किल डेवलपमेंट सेंटर 25 करोड की लागत से हरोली के पालकवाह में बना है। हरोली विधानसभा क्षेत्र के गांव सिंगा को प्रदेश का पहला फूड पार्क मिला है। पंडोगा  में 15 करोड़ की लागत से प्रदेश का पहला बिजनेस प्रमोशन सेंटर बन रहा है जिसका काम युद्धस्तर पर चला हुआ है । 
        इस अवसर पर सिचाई एवं जनस्वास्थय विभाग के चीफ इंजीनियर सुमन विक्रांत, एसई एनएम सैणी, एक्सियन विकास बक्शी , हरोली ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष रंजीत राणा , जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर,  जिला परिषद सदस्य सुभद्रा देवी, बीडीसी उपाध्यक्ष मलकियत सिंह, सतीश  बिट्टु, योगराज जोग, सुरेखा राणा, सुरेन्द्र चडढा, अमनदीप मोनी, गुरमुख सिंह राणा, सोमनाथ, मास्टर राजकुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।