नॉर्थ जॉन इंटर यूनिवर्सिटी टेनिस (पुरूष) चैम्पियनशिप में मुकाबले जारी हैं।

हिसार-13 अक्टूबर  2017-गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार में नॉर्थ जॉन इंटर यूनिवर्सिटी टेनिस (पुरूष) चैम्पियनशिप में मुकाबले जारी हैं।  विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारी डा. लोकेश जिन्दल ने शुक्रवार को खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया।  उन्होंने खिलाड़ियों का परिचय लिया तथा टॉस करवाकर मैच को शुरू करवाया।  

 

खेल निदेशक डा. एस.बी. लुथरा ने बताया कि चैम्पियनशिप के प्रति खिलाड़ियों में भारी उत्साह है तथा दर्शक भी उत्साहपूवर्क मुकाबले देख रहे हैं।  चैम्पियनशिप में मुकाबले मुख्य रेफरी हरियाणा खेल विभाग रोहतक के टेनिस कोच निखिल हुड्डा, खेल विशेषज्ञ प्रो. बलजीत गिरधर, ओमबीर, ओ.पी. भादू, मोहित, विक्की, रामकेश, मदनलाल, अजय लाम्बा, मृणालिनी नेहरा व अशोक कुमार की देख रेख में चल रहे हैं।  इस अवसर पर स्वास्थ्य केन्द्र के फामासिस्ट अरूण कुमार उपस्थित थे।

आज के परिणाम इस प्रकार रहे : 

 

पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला ने थापर विश्वविद्यालय, पटियाला को 3-0 से हराया, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय कुरूक्षेत्र ने जेएमआई दिल्ली को 3-1 से हराया।  इन्द्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद को 3-1 से हराया। ===============================================

सदाबहार पौधे से मिलने वाला ‘नोस्केपीन’ तत्व कैंसर को रोकने में रामबाण सिद्ध हो सकता है।

हिसार-13 अक्टूबर, 2017-सदाबहार पौधे से मिलने वाला ‘नोस्केपीन’ तत्व कैंसर को रोकने में रामबाण सिद्ध हो सकता है।  इस तत्व से बनी दवाईयां अगले एक साल में बाजार में उपलब्ध होने की संभावना है।  यह कहना है संबलपुर विश्वविद्यालय संबलपुर, उड़ीसा के बायोटैक्नॉलोजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार का।  प्रो. प्रदीप कुमार गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के बायो एंड नेनो टैक्नॉलोजी विभाग के सौजन्य से ‘कैंसर के ईलाज में सहायक पौधों के प्राकृतिक तत्व’ विषय पर विस्तार व्याख्यान दे रहे थे।  विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार के सेमीनार-1 में आयोजित इस विस्तार व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डा. विनोद छौकर ने की।  

 

प्रो. प्रदीप कुमार ने कहा कि कैंसर एक अत्यंत भयानक बीमारी है जो कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन के कारण होती है।  कोशिकाओं के अनियंत्रित विभाजन को रोकने में सुक्ष्म नलिकाएं विशेष भूमिका निभाती हैं।  ‘नोस्केपीन’ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण खोज मानी जा रही है।  उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पौधों से मिलने वाला ‘टैक्सोल’ नामक तत्व कैंसर के ईलाज में सबसे कारगर माना जा रहा है।  लेकिन इसके प्रयोग से रोगी के शरीर पर अन्य दुष्प्रभाव पड़ते हैं।  ‘टैक्सोल’ के प्रयोग के बाद रोगी के बालों का झड़ना, मुंह में छाले होना, डायरिया होना, प्रतिरोधक क्षमता का घटना, जोड़ों का दर्द होना व अन्य कई रोग हो जाते हैं।  अब तक के अनुसंधानों से पता चला है कि ‘नोस्केपीन’ तत्व के उपयोग का कैंसर रोगी के शरीर पर दुष्प्रभाव कम होते हैं।  बाजार में उपलब्ध कैंसर की दवाएं काफी महंगी हैं जबकि यह दवा बाजार में काफी कम कीमत में उपलब्ध होगी।  इसके प्रयोग के दौरान रोगी अपने आप को ज्यादा सहज महसूस कर सकेगा तथा सामान्य जीवन जी सकेगा।  ‘नोस्केपिंग’ उन रोगियों के लिए भी उपयोगी होगी जिन पर कैंसर की अन्य दवाईयां काम करना बंद कर चुकी हैं।  उनका कहना है कि कई कैंसर एक गांठ के रूप में शुरू होते हैं, लेकिन सभी गांठ कैंसर नहीं होते।  सही समय पर कैंसर का अगर पता चल जाए तो कैंसर का ईलाज 100 प्रतिशत संभव है।  उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा पूछ गए प्रश्नो का उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया।

 

विभागाध्यक्ष डा. विनोद छोकर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कैंसर रोग तेजी से बढ़ रहा है।  कैंसर की महामारी को रोकने के लिए कारगर कदमों का उठाया जाना बहुत जरूरीहै।  चिकित्सा विज्ञान के वैज्ञानिकों को इस दिशा में और तेजी से कार्य करना चाहिए।  इस अवसर पर डा. के.के. कपूर, डा. एस.एस. डुडेजा, डा. एम.एल. शर्मा, डा. सतीश कौशिक, डा. सपना ग्रेवाल व डा. अनिल कुमार उपस्थित थे। ===============================================

कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के दो विद्यार्थियों उमंग सरकारी व प्रीति का चयन डेफोडिल सॉफ्टवेयर लिमिटेड में हुआ है।

हिसार-13 अक्टूबर 2017-गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के दो विद्यार्थियों उमंग सरकारी व प्रीति का चयन डेफोडिल सॉफ्टवेयर लिमिटेड में हुआ है।  विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के सौजन्य से आयोजित प्रथम चरण में कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के 123 विद्यार्थियों ने भाग लिया।  इनमें से कंपनी ने नौ विद्यार्थियों को अगले राऊंड की कोडिंग परीक्षा के लिए सूचिबद्ध किया।  कंपनी के हिसार कार्यालय द्वारा आयोजित अंतिम राऊंड के साक्षात्कार में कंपनी ने विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों को प्री-प्लेसमैंट दी है।  विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार व कुलसचिव डा. अनिल कुमार पुंडीर ने विद्यार्थियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के निदेशक प्रताप सिंह मलिक ने बताया कि मलिक ने यूसीआईसी हैड मुकेश कुमार, नेटवर्किंग सैल के सिस्टम मैनेजर विपिन मक्कड़, कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डा. ऋषिपाल सिंह, ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट कोर्डिनेटर डा. जसविन्द्र, सुनील वर्मा तथा नरेन्द्र कुमार का प्लेसमैंट प्रक्रिया में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है।  

 

ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के सहायक निदेशक आदित्य वीर सिंह ने बताया कि डेफोडिल सॉफ्टवेयर लिमिटेड एक जानी-मानी कंपनी है।  कंपनी के हिसार कार्यालय के अध्यक्ष नितिन गोयल व शुभम ने सम्पूर्ण प्लेसमैंट प्रक्रिया का आयोजन किया। ===============================================

ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के सौजन्य से छात्रों की अभिक्षमता व संचार कौशल में सुधार के लिए मासिक प्रतियोगिता दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

हिसार-13 अक्टूबर, 2017-गुरू जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट सैल के सौजन्य से छात्रों की अभिक्षमता व संचार कौशल में सुधार के लिए मासिक प्रतियोगिता दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत दो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कुलपति के सलाहकार प्रो. एस.सी. गोयल कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि उपस्थित थे।  ट्रेनिंग एंड प्लेसमैंट निदेशक प्रताप सिंह मलिक ने बताया कि केरिअर लॉन्चर के ‘इंक्विजिव माइंड्स’ कार्यक्रम के सहयोग से एप्टीट्यूड टेस्ट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 130 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें एमएससी केमिस्ट्री द्वितीय वर्ष की अरुणा, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के अंकुश तथा साहिल क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे।  एमएससी बायोमैडिकल द्वितीय वर्ष की शीतल व भारती को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया।  

सहायक निदेशक आदित्यवीर सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में इंगलिश एक्सटेम्पोर (आशुभाषण) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।  इस प्रतियोगिता में छात्रों को ऑन स्पॉट टॉपिक दिए गए, जिसमें 18 विद्यार्थियों ने भाग लिया।  एमएससी बायो नैनो द्वितीय वर्ष के छात्र जीन्सी, बीटेक आईटी तृतीय वर्ष की प्रज्ञा तथा एमएससी बायोटेक द्वितीय वर्ष की पूजा गर्ग ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तीसरा पुरस्कार हासिल किया।  बीटैक कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष की ऊषा तंवर तथा एमएससी बायोटेक द्वितीय वर्ष के कुनाल चुटानी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।  बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के डा. रवीश गर्ग, कंप्यूटर साईंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के डा. सुनील तथा फिजियोथेरेपी विभाग के डा. विकास पूनिया ने निर्णायक मंडल की भूमिका अदा की।  मुख्यातिथि प्रो. एस.सी. गोयल ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।