Chandigarh,23.11.17-केंद्रीय सरकारी कार्यालयों उपक्रमों एवं निगमों इत्‍यादि में राजभाषा का प्रयोग बढ़ाने के उद्देश्‍य से भारत सरकार द्वारा गठित चंडीगढ़ नगर राजभाषा कार्यान्‍वयन समिति द्वारा ज्‍यूडिशियल अकैडमी, सैक्‍टर 43, चण्‍डीगढ़ में अपनी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्‍यक्षता समिति अध्‍यक्ष  सुश्री मधु महाजन, प्रधान मुख्‍य आयकर आयुक्‍त, उत्‍तर पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ ने की। बैठक में चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालयों/निगमों, बोर्डों एवं उपक्रमों के लगभग 148 कार्यालयाध्‍यक्षों एवं वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग की समीक्षा की गई तथा केंद्रीय सरकार द्वारा वर्ष 2017-18 के लिए रखे गए लक्ष्‍यों को प्राप्ति की समीक्षा की गई। बैठक में सूचित किया गया कि चण्‍डीगढ़ स्थित केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, उपक्रमों एवं निगमों के कार्मिकों के लिए इस वर्ष भी समिति द्वारा हिंदी निबंध एवं पत्र लेखन, हिंदी शब्‍द ज्ञान, कंप्‍यूटर पर हिंदी टाइप, हिंदी आशुलिपि, स्‍व-रचित हिंदी काव्‍य पाठ, देश भक्ति गीत गायन, पावर प्‍वाइंट प्रस्‍तुतिकरण इत्‍यादि हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। विज्ञान के क्षेत्र में हिन्‍दी को बढ़ावा देने के लिए हिन्‍दी में वैज्ञानिक सेमिनार तथा वैज्ञानिक पोस्‍टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मार्च, 2018 से पहले कर्मचारियों के लिए हिंदी कार्यशाला का भी आयोजन कर लिया जाएगा। हिंदी लेखन को प्रोत्‍साहित करने के लिए समिति के सदस्‍य कार्यालयों में कार्यरत हिंदी लेखकों को सम्‍मानित किया जाता है तथा कार्यालयों द्वारा प्रकाशित पत्रिकाओं के लिए पत्रिका प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है। समिति द्वारा फरवरी, 2018 में वार्षिक राजभाषा पुरस्‍कार वितरण एवं सांस्‍कृतिक समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में विभिन्‍न प्रतियोगिताओं के पुरस्‍कार वितरण के अतिरिक्‍त समिति उन कार्यालय प्रमुखों को भी सम्‍मानित करेगी जिनके कार्यालयों में राजभाषा का प्रयोग बढ़ाने के लिए वर्ष के दौरान सराहनीय प्रयास किए गए हैं। सुश्री मधु महाजन ने अपने अध्‍यक्षीय संबोधन में सरल हिन्‍दी में अधिक से अधिक सरकारी कार्य करने पर बल दिया। उन्‍होंने कहा कि, ''यदि वरिष्‍ठ अधिकारी अपने स्‍तर पर थोड़ा सा प्रयास करें तो कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग आसानी से बढ़ाया जा सकता है। सभी कार्यालय समिति द्वारा आयोजित की जाने वाली हिन्‍दी कार्यशाला तथा अन्‍य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिक से अधिक कर्मचारी नामित करें। सभी कार्यालयों में नियम 8(4) के अधीन  आदेश अवश्‍य जारी किए जाएं। यह प्रयास होना चाहिए कि राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) का उल्‍लंघन न हों और कार्यालयों में लक्ष्‍यों के अनुसार हिन्‍दी का प्रयोग बढ़ाया जाए। समिति की बैठकों में कार्यालय अध्‍यक्ष स्‍वयं भाग लें ताकि बैठकों में सार्थक चर्चा हो और निर्णयों को लागू किया जा सकें। सभी कार्यालय अपने स्‍तर पर वार्षिक कार्य योजना बनाकर लक्ष्‍य निर्धारित करें और राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करें। कार्यालय में प्राप्‍त प्रत्‍येक पत्र की पावती हिन्‍दी में अवश्‍य भेजी जाए। इससे जहाँ हिन्‍दी का पत्राचार बढ़ेगा वहीं पत्र भेजने वाला आश्‍वस्‍त होगा कि उसका पत्र कार्यालय में प्राप्‍त हो गया है। इससे जन शिकयतों में भी कभी आएगी। हिन्‍दी हमारे मन की भाषा है और हमारी भावना से जुड़ी हुई है अत: इसके प्रयोग में किसी को कोई कठिनाई नहीं हो सकती है। हिन्‍दी का प्रयोग बढ़ाना और इसमें अधिक से अधिक काम करना हम सबकी नैतिक जिम्‍मेदारी है।''