सोलन -दिनांक 03.12.2017-सिविल जज जुनियर डिविजन नालागढ़ अनिता शर्मा की अध्यक्षता में आज नालागढ़ उपमण्डल की ग्राम पंचायत करसोली में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

सिविल जज ने लोगों से आग्रह किया कि न्यायालयों के बाहर विभिन्न लम्बित मामलों के निपटारे में लोक अदालतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोक अदालतों में मामलों के सौहार्दपूर्ण हल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों को विधिक सेवाएं प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अन्तगर्त विधिक मान्यता है।
अनिता शर्मा ने लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के सालाना एक लाख रुपये से कम आय वाले व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कानून के तहत महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लोग निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। 
उन्होंने कहा कि संविधान में भारत के सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं तथा विभिन्न प्रावधानों के द्वारा यह सुनिश्चित बनाया जा रहा है कि संविधान का पालन हो।
अनिता शर्मा ने कहा कि भ्रूण हत्या एक अपराध है तथा दोषी व्यक्ति एवं लिंग जांच करने वाले चिकित्सक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होेंने लोगों को इस विषय में कानून की धाराओं की पूरी जानकारी प्रदान की।    
अधिवक्ता नीरू शर्मा ने घरेलू हिंसा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि इस अधिनियम के तहत गाडि़यों का बीमा होना अनिवार्य है। 
 अधिवक्ता महेश शर्मा ने नशे के दुष्प्रभावों तथा बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ पर विस्तार से जानकारी दी। अधिवक्ता बीआर पोसवाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम पर जानकारी दी। 
इस अवसर पर ग्राम पंचायत करसोली के प्रधान प्रेम सिंह, पंचायत समिति सदस्य हरजीत कौर, वार्ड सदस्य सुरेन्द्र कौर, जनवीर कौर सहित ग्रामीण उपस्थित थे। 
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