कुल्लू - 03 दिसंबर 2017-अतिरिक्त उपायुक्त राकेश शर्मा ने कहा है कि दिव्यांग बच्चों में भी कई विशेष प्रतिभाएं होती हैं। इन विशेष बच्चों के अभिभावकों और शिक्षकों को इनकी प्रतिभाओं व हुनर की पहचान करनी चाहिए तथा उन्हें मुख्य धारा में लाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। रविवार को विश्व विकलांगता दिवस के उपलक्ष्य पर देव सदन में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान आरएमएसए और सर्व शिक्षा अभियान एसएसए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए राकेश शर्मा ने यह अपील की। 
  उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व प्रशिक्षण के लिए विभिन्न विभागों के माध्यम से कई प्रावधान किए गए हैं। एसएसए और आरएमएसए के अंतर्गत भी इन्हें कई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। दिव्यांगों को इन सुविधाओं के अलावा सरकारी नौकरियों में भी चार प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। 
  इस मौके पर जिला कल्याण अधिकारी जीएल शर्मा ने एडीसी, अन्य अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा तथा विकलांगों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। जिला रैडक्राॅस सोसाइटी के सचिव वीके मोदगिल ने जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र में दी जा रही सुविधाओं के बारे में बताया। समारोह के दौरान दिव्यांग बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। आरएमएसए के जिला समन्वयक डा. सुनील वर्मा ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों व संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।   
   इससे पहले रथ मैदान में आरएमएसए और एसएसए के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों के विभिन्न आयु वर्गों की दौड़, पैदल चाल, बाॅची, साॅफ्टबाल थ्रो, चित्रकला और अन्य प्रतियोगिताएं भी करवाई गईं। इन प्रतियोगिताओं में आरएमएसए और एसएसए के विभिन्न ब्लाॅकों के दिव्यांग विद्यार्थियों के अलावा नेशनल एसोसिएशन फाॅर ब्लाइंड्स, नवचेतना, हैंडी हिमाचल और समर्पण ग्रुप के दिव्यांग बच्चों ने भी भाग लिया। एडीसी ने इन प्र्रतियोगिताओं के सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। 
  इस अवसर पर एसएसए के जिला समन्वयक सुरेश शर्मा, चमन लाल, सुरेंद्र शर्मा, डाईट के अन्य शिक्षक, जेबीटी प्रशिक्षु, चारू फाउंडेशन के केके धीमान, नैब संस्था की शालिनी वत्स किमटा, कार सेवा दल के मनदीप सिंह, नवचेतना के शेरूराम, हैंडी हिमाचल की श्रुति और अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।