चण्डीगढ़ 18 दिसम्बर 2017: हर साल की तरह नवम्बर के महीने में देहली में हुए 70वें वार्षिकनिरंकारी सन्त समागम के अवसर पर देशविदेश से आए लाखों की संख्या में श्रद्घालुओं कीसेवा करते हुए निरंकारी सेवादल के सदस्यों से किसी प्रकार की हुई असुविधा व जाने अनजानेमें हुई गल्तियों को माफ करवाने के लिए आज यहां सैक्टर 30-ए में स्थित सन्त निरंकारीसत्संग भवन में क्षमायाचना दिवस मनाया गया। जिसमें हज़ारों की संख्या में श्रद्घालु वसेवादल के भाई-बहन व बच्चे अपनी अपनी वर्दी में उपस्थित थे ।

इसकी अध्यक्षता करते हुए चण्डीगढ़ के संयोजक श्री नवनीत पाठक जी ने सेवादल की रेली कोसम्बोधन करते हुए कहा कि सेवादल के सभी अधिकारियों और सेवादल के सभी सदस्यों द्वाराइस समागम के अवसर पर जानेअनजाने में हुई भूल चूक के लिए सारी साधसंगत और सत्गुरूमाता सविन्दर हरदेव जी महाराज से क्षमा मांगी और निंरकार प्रभु के आगे अरदास की किभविष्य में फिर ऐसी गल्ती न हो तथा सभी बढ़-चढ कर सेवा करते रहें और सेवा उनके जीवनका अंिंंंंंंंभन्न अंग बना रहें ।

सेवादल के क्षेत्रीय संचालक श्री आत्म प्रकाश ने सत्संग को सम्बोधन करते हुए कहा कि हरइन्सान से जाने-अनजाने में अनेकों गल्तियां हो जाती है जिनमें से अनेकों का उसे पता तकनहीं होता इसलिए ऐसी भूलचूक के लिए इन्सान को क्षमा मांगने में कभी भी संकोच नहीं करनाचाहिए ।

श्री प्रकाश ने आगे कहा कि हमें हर कदम सोच समझ कर उठाना चाहिए ताकि जितना हो सकेहमारे से कम गल्तियां हों किसी से बात करते समय भी हम भाषा चाहे कोई भी प्रयोग करेंलेकिन उसमें प्यार का भाव होना चाहिए ताकि उससे बोलने और सुनने वाले दोनों को आनन्दप्राप्त होता है