धर्मशाला, 12 जनवरीः राष्ट्र ऋषि स्वामी विवेकानंद महान देशभक्त के साथ एक क्रांतिकारी विचारक, समाज सुधारक और आधुनिक भारत के निर्माता थे। हमें उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। यह विचार हिमाचल प्रदेश के उद्योग, तकनीकी शिक्षा मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने आज  बहुतकनीकी  महाविद्यालय, कांगड़ा के सभागार में स्वामी विवेकानंद की 155वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए व्यक्त किये ।  
  उद्योग मंत्री ने कहा की स्वामी जी ने मातृभूमि के प्रति श्रद्धा को जगाने का प्रयत्न करने के साथ चरित्र निर्माण पर जोर दिया था । उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने देश के लिए समर्पित चरित्रवान युवाओं  की जरूरत पर बल  दिया था। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में इतनी शक्ति है कि वे राष्ट्र को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से स्वामी जी के उपदेशों को व्यावहारिक रूप में अपनाने पर बल देते हुए कहा कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे बेसहारा व्यक्ति की सेवा ही सही मायनों में उनके प्रति सच्ची श्रद्धा है।  
  विक्रम सिंह ने युवाओं में नशाखोरी के बढ़ते प्रचलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं को इन आदतों को छोड़कर राष्ट्र को आगे ले जाने के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों की जीवनशैली का पूरा ध्यान रखने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अच्छे संस्कार देकर स्वामी विवेकानंद के उपदेशों व उनके बताए हुये रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि वे राष्ट्र को आगे ले जाने में अपना योगदान दे सकंे। 
     उद्योग मंत्री ने पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले में गत वर्ष शहीद हुए सुरक्षा कर्मी जगदीश चंद की पत्नी स्नेहलता को शॉल व स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने मेधावी बच्चों को भी उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए स्मानित किया।
       इस अवसर पर चिन्मय मिशन, तपोवन के आचार्य विशारद चैतन्य ने भी स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। 
     इस मौके पर विवेकानंद केंद्र, कन्या कुमारी की सयुंक्त महासचिव, रेखा दवेे ने भी स्वामी जी के आदर्शों तथा उनके बताए हुए पद चिन्हों पर चलने  पर बल दिया।
    स्वामी विवेकानंद केंद्र, कांगड़ा के सयोंजक अशोक रैना ने मुख्यातिथि तथा अन्य मेहमानों का स्वागत किया। 
    इस कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा निदेशक राजेश गोयल के अलावा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।