कुल्लू -19 जनवरी 2018-एडीएम अक्षय सूद ने शुक्रवार को खाद्य वितरण से संबंधित जिला स्तरीय सतर्कता समिति और जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की अलग-अलग बैठकों की अध्यक्षता करके खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों से संबंधित विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें तथा राशन की दुकानों का नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें। पंचायत, नगर निकाय और ब्लाॅक स्तर पर गठित सतर्कता समितियां भी सक्रियता दिखाएं और किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करें। 
एडीएम ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत कुल्लू जिला में 2,34,926 उपभोक्ताओं के चयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं का चयन कर लिया गया है लेकिन शहरी क्षेत्रों में अभी 5213 उपभोक्ताओं का चयन किया जाना शेष है। शहरी क्षेत्रों में पात्र उपभोक्ता न मिलने की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों से और उपभोक्ताओं का चयन करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बैठक में अंत्योदय अन्न योजना, मिड डे मील योजना और महिलाओं व बच्चों के पोषाहार से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। एडीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पात्र महिलाओं-बच्चों, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में खाद्य वस्तुओं का वितरण सुनिश्चित करें तथा इनकी नियमित रिपोर्ट खाद्य आपूर्ति विभाग को प्रेषित करें।
 एडीएम ने बताया कि जिला के कुल 1,12,000 राशनकार्ड धारकों में से 1,06,000 को डिजिटल राशन कार्ड दे दिए गए हैं। अन्य उपभोक्ताओं को भी जल्द ही डिजिटल राशनकार्ड मिल जाएंगे। जिला में उचित मूल्य की कुल 442 दुकानों में से 441 दुकानों को पीओएस मशीनें उपलब्ध करवा दी गई हैं। एडीएम ने बताया कि गत वर्ष जुलाई से नवंबर तक जिला के उपभोक्ताओं को 38 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की खाद्य वस्तुएं वितरित की गईं। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों को जिला के सभी क्षेत्रों को समय पर पर्याप्त खाद्यान्नों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति ने जिला के कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या के अनुसार उचित मूल्य की नई दुकानें खोलने को भी मंजूरी प्रदान की। इसके अलावा किन्हीं कारणों से त्यागपत्र दे चुके डिपोधारकों की जगह नए आवंटन को भी समिति ने स्वीकृति दी। जिला में रसोई गैस की आपूर्ति से संबंधित मामलों पर भी बैठक में व्यापक चर्चा हुई। 
 अक्षय सूद ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे आम उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए भी उचित कदम उठाएं और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण करें तथा खाद्य वस्तुओं के सैंपल लेते रहें। दुकानों में रेट लिस्ट न लगाने वाले व्यापारियों और जमाखोरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करें।
 बैठक में विभिन्न मदों का विस्तृत ब्यौरा पेश करते हुए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक शिव राम ने बताया कि गत वर्ष जुलाई से नवंबर तक जिला में कुल 1032 औचक निरीक्षण किए गए। इनमें से 47 मामलों में अनियमितताएं पाई गईं और दोषियों से जुर्माना वसूला गया। बैठक में डीआरडीए के परियोजना अधिकारी डा. जीसी बैंस, नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक केआर शर्मा, स्वास्थ्य विभाग के डा. रमेश गुलेरिया और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।