सोलन दिनांक 20.01.2018-प्रथम फरवरी, 2018 से सोलन सहित प्रदेश के सभी जिलों में अधिकृत उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर उर्वरक की बिक्री पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से की जाएगी। यह जानकारी आज यहां इस संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी विवेक चंदेल ने दी।

विवेक चंदेल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों एवं बागवानों की सहायता के लिए उर्वरक उपदान दरों पर उपलब्ध करवाया जाता है। उर्वरक पर दिया जाने वाला उपदान उर्वरक निर्माता क पनी को प्रदान किया जाता है। किसानों एवं बागवानों को उर्वरक, बिक्री केन्द्रों के माध्यम से इसी उपदान दरों पर प्राप्त होता है।

उन्होंने कहा कि उर्वरक क्षेत्र में डिजिटल प्रणाली लागू होने के उपरांत विभिन्न उर्वरक क पनियों को उपदान उर्वरक की बिक्री के उपरांत ही मिलेगा। इस योजना के लागू होने से उर्वरक बिक्री के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा काला बाजारी पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के आर भ होने से सोलन जिले में सामान्य रूप से उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी एवं अनुश्रवण ऑनलाईन स भव होगा। पीओएस मशीनों में खाद की बिक्री की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। इसी आधार पर उर्वरक निर्माता क पनियों को उपदान दिया जाएगा।

विवेक चंदेल ने कहा कि पीओएस के माध्यम से उर्वरक बिक्री आर भ होने के उपरांत थोक उर्वरक विक्रेता केवल अधिकृत लाईसेंस होल्डर रिटेलर्स के साथ ही व्यवसाय कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि रिटेलर्स के द्वारा उर्वरक की बिक्री के लिए पीओएस मशीन अनिवार्य है। लाभार्थी किसानों एवं बागवानों के पास उर्वरक क्रय करने के लिए आधार का होना अनिवार्य है।

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पीओएस की जानकारी प्रदान करने के लिए कृषि, बागवानी विभाग तथा हिमफेड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा इस परियोजना को सर्वप्रथम देश के 19 जिलों में पायलट आधार पर लागू किया गया।

विवेक चंदेल ने कहा कि सोलन जिले में पीओएस मशीनें उर्वरक रिटेलर विक्रेताओं को वितरित की जा रही हैं। अभी तक 110 पीओएस मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। मशीनें केवल लाईसेंसधारी विक्रेताओं को ही उपलब्ध करवाई जा रही है।

केन्द्रीय उर्वरक विभाग के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रकोष्ठ के हिमाचल समन्वयक गौरव भारद्वाज ने योजना एवं पीओएस मशीन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं नीरज सूद, उप-निदेशक कृषि डॉ. आर.एन. ठाकुर, जिला सूचना अधिकारी संजीव कुमार, कृषि प्रसार अधिकारी डी.एन. गर्ग, बागवानी विकास अधिकारी राज नेगी, हिमफेड सोलन के कृष्ण चौहान एवं सोम दत, हिमफेड नालागढ़ के मनबर सिंह, हिमफेड कुनिहार के मस्तराम, हिमफेड धर्मपुर के रवि मोहन सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।