हिसार : 22 जनवरी, 2018 : भारत पट्रोलियम के मुख्य अधिकारी पाला राम बहमनी ने कहा कि रक्तदान करने से न केवल जीवन बचता है बल्कि रक्तदान करने वाले रक्तदाता के जीवन में भी सुधार होता है। किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए किया गया कार्य जीवन में सबसे बड़ा पुण्य का कार्य होता है। 
पाला राम बहमनी संत शिरोमणि श्री गुरू रविदास महासभा, हिसार द्वारा गुरू रविदास जी के 641वें जन्मोत्सव पर आयोजित रक्तदान शिविर के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के प्रधान जयपाल सिंह रंगा ने की। पाला राम बहमनी ने अपने सम्बोधन में कहा कि रक्तदान जैसे शिविरों के आयोजन से युवा शक्ति के मन में दान देने की भावना पैदा होती है। इसके साथ-साथ युवा और अधिक अनुशासित व समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने में सक्षम होता है। संत शिरोमणी श्री गुरू रविदास महासभा, हिसार के प्रधान जयपाल सिंह रंगा ने रक्तदान शिविर में भाग ले रहे प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यदि भारतीय आबादी की 3 प्रतिशत जनता रक्तदान के प्रति जागरूक हो जाए तो किसी भी नागरिक की रक्त की कमी से मौत नहीं होगी। हमारे द्वारा किए गए रक्तदान से एक व्यक्ति की नहीं बल्कि तीन व्यक्तियों की जान बचाई जाती है। उन्होंने कहा कि जरूरी नहीं है कि हम किसी शिविर में भाग लेकर रक्तदान करें। यदि हमारी मीठी बोली से किसी व्यक्ति का रक्त बढ़े तो वह भी रक्तदान ही होता है। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर में महाराजा अग्रसैन मैडिकल कॉलेज, अग्रोहा द्वारा 51 यूनिट एकत्रित की गई। शिविर में डा. अम्बेडकर छात्रावास, संत कबीर छात्रावास व गुरू रविदास छात्रावास के छात्रों द्वारा बढ़ चढ़कर भाग लिया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में शहर के अन्य क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया और रक्तदान किया। महासभा द्वारा मुख्यातिथि पाला राम बहमनी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डा. भीम राव अम्बेडकर सभा के प्रधान उदयभान चौपड़ा, कबीर छात्रावास के प्रधान जोगीराम खुंडिया, बिजेन्द्र सभ्रवाल, चन्द्रभान सेलवाल, सुरेश सरोहा, सतीस दनौदा, सुमेर सिंह मैहरा, कैप्टन तुला राम, चांदीराम, सज्जन सिंह ढोकवाल, इन्द्राज भारती, सुरेश बराड़, श्रवण बिरोल, डा. प्रताप सिंह सभ्रवाल, मास्टर बलदेव, मास्टर रोहताश, नारायण सिंह, बारूराम, राजसिंह, सूरजभान चौपड़ा, पंकज मैहरा, अजित सिंह रंगा, मलकित, वेदप्रकाश खिची, किरण दहिया, प्रेम देवी चौपड़ा, हवासिंह तथा औमप्रकाश दहिया अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।