Chandigarh February 1,2018 हिंदी,विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, भारत के संयुक्त तत्वावधान में “वैश्वीकरण, पर्यावरण तथा मानव अधिकार” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीयसेमिनार का पहला दिन पंजाब विश्वविद्यालय के सांध्यकालीन सभागार में आयोजित किया गया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत सबसे पहले पौधारोपण से की गई | मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मानवअधिकार आयोग के सदस्य श्री एस.सी.सिन्हा ने शिरकत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण और मानव अधिकार दोनों का समंवय जरूरी है| हमें सतत विकास की आवश्यकता है जो विनाशनहीं, विकास करे|

 

बीज वक्ता के रूप में रमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता एवं प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. राजिंदर सिंह ने कहा कि दो पैर वाला मानव अधिकार तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक धरती को स्वच्छपर्यावरण न मिले | इसके लिए ऐेसे आयोग की आवश्यकता है जो मानव अधिकार और पर्यावरण का समन्वय करे| गौरतलब है कि एक पर्यावरणविद् के रूप में इन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य किए हैं, पानीकी समस्या से निपटने के लिए इन्होंने लोकल इंजीनियरिंग की टैक्नीक को सबके सामने रखते हुए कारगर सिद्ध किया| इनके द्वारा राजस्थान में बनाए एक तालाब ने 11,800 तालाबों की पूरी एक सीरिज़कायम कर दी| उद्घाटन सत्र में एनएचआरसी के संयुक्त सचिव डॉ. रंजीत सिंह भी मौजूद रहे| इसके बाद दो अकादमिक सत्र संचालित किए गए जिनमें पर्यावरण, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन,मानवाधिकार, साहित्य, विवेकानंद अध्ययन, इतिहास, मीडिया सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने एक मंच पर विचार साँझा किए| प्रोफेसर मीनाक्षी मल्होत्रा, डीयूआई, पंजाब यूनिवर्सिटी ने अध्यक्ष केरूप में संबोधित किया| पहला अकादमिक सत्र, 'पृथ्वी बचाओ; जीवन बचाओ' रहा जिसमें पर्यावरण विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय से माधुरी रिशी और मानवाधिकार विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय सेप्रोफेसर स्वर्णजीत कौर, प्रमुख वक्ताओं के रूप में विद्यमान रहें। इस दौरान सवाल-जवाब का दौर भी खूब चला| हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी.के. महापात्रा ने इस सत्र के मुख्यअतिथि के रूप में शिरकत करते हुए वैश्वीकरण के सकारात्मक और नकारात्मक पक्षों पर चर्चा की।

दूसरा अकादमिक सत्र, 'प्रकृति, पर्यावरण और मानवाधिकार' विषय पर रहा जिसकी अध्यक्षता सूचना आयुक्त समीर माथुर ने की| उन्होंने कहा कि सूचना तंत्र मानव अधिकारों के प्रति जागरूकतामें अहम भूमिका निभा सकता है| इसमें डॉ. आर. सी.मिश्रा एडीजीपी, अंबाला रेंज और पंजाब विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. पंपा मुखर्जी ने वक्ता के रूप शिरकत की| इस अवसर परविभाग के प्रो. नीरजा सूद, प्रो. बैजनाथ प्रसाद, प्रो