चंडीगढ़, 12 फरवरी-  हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि भारत को 10 वर्षों के बाद पहली बार ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जो मन की बात के माध्यम से जनता से सीधा संवाद करके नव भारत के विजन के साथ जुडऩे के लिए उनका सहयोग मांग रहा है। 
कैप्टन अभिमन्यु आज हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, न्यूयॉर्क, अमेरिका में आयोजित वार्षिक भारत सम्मेलन-2018 के 15वें संस्करण में व्यापार जगत की हस्तियों, मनोरंजन पेशेवरों, सरकारी अधिकारियों और जीवन के अन्य क्षेत्रों से शीर्ष व्यक्तियों को संबोधित कर रहे थे। 
कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आज पूरी दुनिया ने भारत की क्षमता को स्वीकार किया है। नोटबंदी और जीएसटी जैसे दो बड़े सुधारों के साथ नए और उदीयमान भारत की नींव रखी गई है। हमें एक राष्ट्र के रूप में सामूहिक रूप से ध्यान केन्द्रित करना होगा और हम इसे बना कर रहेंगे। मुझे नई पीढ़ी पर पूर्ण विश्वास है कि वे यह सुनिश्चित करेंगे कि हम अपने जीवनकाल में देखें कि 21वीं सदी भारत की सदी है।
उन्होंने कहा कि लोगों के वित्तीय समावेशन, वित्तीय सुरक्षा और वित्तीय सशक्तिकरण के तीन बड़े परिवर्तनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देते हुए, भारत विकास की अनेक पहलों की खोज करके विश्व में अभूतपूर्व प्रगति की दस्तक दे रहा है। 
‘इंडिया-डिस्रप्टिव इनोवेशंस’ कॉन्फ्रेंस की थीम का उल्लेख करते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि यह नई पीढ़ी को परिलक्षित करता है। भारत की सामान्य मनोस्थिति वर्ष 2014 में एक बदलाव की मनोस्थिति थी। उन्होंने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में वर्ष 2014 में हुए चुनाव सबसे बड़ा विघटन था। भारत के लोग लगभग 30 वर्षों के शासन की शैली से उक्ता गए थे और वे एक बड़ा बदलाव चाहते थे। उन्होंने कहा कि लोगों ने जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक जाति, समुदाय और धर्म से ऊपर उठकर जनादेश दिया।
मोदी सरकार द्वारा की गई कुछ पहलों पर प्रकाश डालते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा भारत में आज लगभग 30 करोड़ प्लस जनधन खाते हैं, जिनमें लगभग 80 करोड़ रुपये जमा हैं, इससे भारत की अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती परिलक्षित होती है। 
वित्तीय सुरक्षा उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तीन वर्ष पहले शुरू की गई बीमा योजना के तहत 18 करोड़ से अधिक भारतीयों को कवर किया गया है। इसी प्रकार, हरियाणा ने शासन और प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पहले तेजी से बढ़ते आधार पंजीकरण विशिष्टता हासिल की है। भारत सरकार ने आधार के माध्यम से अब तक 65,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बचाई है, जबकि हरियाणा राज्य लगभग 1000 करोड़ रुपये वार्षिक की बचत करने में सफल हुआ है। 
वित्तीय सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए, कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि भारत सरकार ने मुद्रा योजना के तहत लगभग 10 करोड़ लोगों को 4,31,000 करोड़ रुपये का गारंटी मुक्त ऋण वितरित किया गया है। उन्होंने बताया कि नये बजट के तहत इस लक्ष्य बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।