‘उजाला’ योजना के तहत की जा रही कार्यवाहियों के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।
चण्डीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य में ‘उजाला’ योजना के तहत जनवरी, 2018 तक 14596421 एलईडी बल्ब, 44102 पंखें और 176133 ट््यूब लाइट्स वितरित की गई हंै। 
मुख्यमंत्री ने आज यहां विधानसभा सत्र के दौरान ‘उजाला’ योजना के तहत की जा रही कार्यवाहियों के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा ऊर्जा कुशल उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए इन वस्तुओं को मैसर्ज एनर्जी एफिशिंसी सर्विसिजज लिमिटेड से खरीदा जा रहा है जोकि राष्टï्रीय थर्मल पावर निगम लिमिटेड, भारतीय बिजली ग्रिड निगम लिमिटेड, पावर फाईनेंस कॉरपोरेशन  तथा ग्रामीण विद्युतीकरण निगम की एक संयुक्त उद्यम कम्पनी है। मैसर्ज एनर्जी एफिशिंसी सर्विसिजज लिमिटेड द्वारा इन वस्तुओं को विभिन्न निर्माताओं से प्रतिस्पर्धात्मक बोली के माध्यम से खरीदा जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि जीन्द निर्वाचन क्षेत्र के गांव संगतपुरा में 33 केवी सब स्टेशन के निर्माण का कार्य 18 दिसम्बर, 2017 को ठेकेदार को आवंटित कर दिया गया है और इसका क्रियान्वयन मार्च, 2018 में शुरू होने की सम्भावना है। पी.ए.टी. ट्रांसफार्मर के स्थापित करने के सम्बन्ध में उन्होंने बताया कि राज्य में 1345 कृषि फीडरों पर पी.ए.टी. ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं और शेष फीडरों को वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान शामिल कर लिया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बढ़ाने  और लाइन लॉसिज को कम करने के लिए ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना शुरू की गई है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को चालू बिलों के साथ पांच किश्तों में पुराना बकाया जमा करवाने की अनुमति दी गई है। अन्तिम बिल और किश्त अदा करने के बाद समस्त सरचार्ज राशि माफ कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि फीडर की बकाया राशि वसूली स्तर तक पहुंचने के बाद उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली आपूर्ति करके बिजली के बिलों का समय पर भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 
वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान सिंचाई के पानी से वंचित क्षेत्रों कोकी गई सिंचाई के पानी की आपूर्ति के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न में जवाब में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भिवानी, चरखी-दादरी, महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम,हिसार, अम्बाला और कैथल जिलों के 213 गांवों के शुष्क एवं पानी की कमी वाले क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति की और 18 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया है।
सक्षम हरियाणा योजना के तहत शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध करवाने के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदे'श में शिक्षित युवा भत्ता एवं मानदेय योजना, 2016 के तहत 6 मार्च,2018 तक  कुल 37,143 पात्र शिक्षित बेरोजगार प्रार्थियों को मानद कार्य प्रदान किया गया और कुल 51.61 करोड़ रुपये की राशि मानदेय के रूप में वितरित की गई। 
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हिसार हवाई अड्डïेे को अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे के रूप में विकसित करने के  लिए तीन चरणों की एक योजना बनाई है

चण्डीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री प्रो. राम बिलास शर्मा ने आज कहा कि राज्य सरकार ने हिसार हवाई अड्डïेे को अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे के रूप में विकसित करने के  लिए तीन चरणों की एक योजना बनाई है जिसके तहत प्रथम चरण में रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के तहत घरेलू हवाई अड्डïा, द्वितीय चरण में छोटे स्तर पर एमआरओ, फिक्ड बेस ऑप्रेशंस एवं प्रतिरक्षा विनिर्माण एवं प्रतिरक्षा एमआरओ और तृतीय चरण में एरोस्पेस विनिर्माण, विमानन प्रशिक्षण केन्द्र और विमानन विश्वविद्याल, अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïा तथा एरोट्रोपोलिस-वाणिज्यिक एवं आवासीय पर कार्य किया जाएगा। 
वे आज यहां हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान हिसार हवाई अड्डïेे को अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे के रूप में विकसित करने के  लिए किए जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि हिसार में अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे समेत एक  एकीकृत विमानन हब के  विकास के सम्बन्ध में व्यवहार्यता अध्ययन करवाने के लिए मार्च, 2016 में  एक अन्तर्राष्ट्रीय परामर्शदाता, मैसर्ज फ्रॉस्ट एंड सुलीवान को कार्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त, 17 फरवरी, 2017 को एक अभिरुचि की अभिव्यक्ति जारी की गई और इच्छुक पार्टियों से पैमाने का फीडबैक लेने के लिए एक बैठक की गई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हवाई पट्टïी के निकट  4200 एकड़ भूमि केे टुकड़े की पहचान  की गई और 30 जून, 2017 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में सभी सम्बन्धित विभाग भूमि हस्तांतरित करने पर सहम हुए। इसके अतिरिक्त, 2 मई, 2017 को केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय की स्टीयरिंग कमेटी के साथ एक बैठक में साईट क्लीयरैंस के प्रस्ताव पर चर्चा की गई और मौजूदा हवाई पट्टी का बाधा से अध्ययन भारतीय विमानपतन प्राधिकरण के माध्यम से करवाया गया है। मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय, हरियाणा सरकार और भारतीय हवाई अड्डïा प्राधिकरण (कार्यान्वयन एजेंसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन किया गया जिसके तहत उड़ान स्कीम के लिए मौजूदा 4000 फुट हवाई पट्टी को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। 
मंत्री ने  कहा कि इसके अतिरिक्त, यात्री  टर्मिनल बिल्डिंग को लगभग  50 पैक्स के लिए फिर से तैयार करने, एलसीएन 20 की मौजूदा  1220 गुणा 45 मीटर हवाई पट्टïी का पुनर्निर्माण करने, मौजूदा टैक्सी ट्रैक का विस्तार और नये टैक्सी ट्रैक का निर्माण करने, एटीआर पार्किंग के लिए नया 380 गुणा 90 मीटर एप्रन बनाने, चार दीवारी की मरम्मत और बीसीएएस द्वारा सुरक्षा लेखा परीक्षण करवाने, एटीसी सेवा टॉवर फ्रिक्वेंसी 122.5 एमएचजेड के लिए एटीसी भवन की बढ़ौतरी करने, अग्निशमन उपकरण का उन्नयन करने, बीसीएएस द्वारा विमानन सम्बन्धित कार्यों के लिए राज्य पुलिस को प्रशिक्षण देने के कार्यों को निष्पादित करने की भी योजना है।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में 22 दिसम्बर, 2017 को मुख्यमंत्री  और केन्द्रीय सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्री के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि नई दिल्ली और हिसार के बीच मौजूदा चार लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को छ: लेन नियंत्रित पहुंच एक्सप्रेसवे में परिवर्तित करने के बारे में केन्द्र सरकार जांच करेगी। इसके अतिरिक्त, 29 दिसम्बर, 2017 को मुख्यमंत्री और केन्द्रीय रेलवे मंत्री के बीच हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि नई दिल्ली और हिसार के बीच सीधे रेल कनैक्शन के लिए काम तेज किया जाएगा और उसे सुपर फास्ट ट्रेनों को समायोजित करने के लिए उचित रूप से मजबूत किया जाएगा।  
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गौवंश को प्लास्टिक और अन्य कचरा खाने से होने वाली बीमारियों व मृत्यु से बचाने के लिए बेसहारा गौवंश को गौशालाओं, नंदीशालाओं एवं गौवंश पुर्नवास केन्द्रों में भेजा जा रहा है। 

चण्डीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा सरकार ने गौवंश को प्लास्टिक और अन्य कचरा खाने से होने वाली बीमारियों व मृत्यु से बचाने के लिए बेसहारा गौवंश को गौशालाओं, नंदीशालाओं एवं गौवंश पुर्नवास केन्द्रों में भेजा जा रहा है।  इसके अतिरिक्त, अत्यधिक तापमान से गायों के बचाने के लिए गौशाला में शैड व अन्य बुनियादी ढांचे बनाए जा रहे हैं।
पशु पालन एवं डेरी विकास मंत्री ने आज यहां विधानसभा सत्र के दौरान सरकार द्वारा बेसहारा गौवंश को बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न का जवाब देते हुए यह जानकारी दी।  
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अक्तूबर,2016 से 20 फरवरी, 2018 तक कुल 121712 बेसहारा गौवंश को नजदीकी गौशालाओं, नंदीशालाओं, गौ फाटकों एवं गौवंश पुर्नवास केन्द्रों  में स्थानंतरित किया गया है।  इसके अतिरिक्त, हरियाणा गौ सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में बेसहारा गौवंश की देखभाल के लिए गौशाला में शैड व अन्य बुनियादी ढांचे बनाने के लिए 400 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई है। 
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव के आयोजन पर हुए खर्च के सम्बन्ध में पूछे गए एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि हरियाणा में वर्ष 2017 के दौरान कुरुक्षेत्र में आयोजित किए गए अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव और सभी जिलों में आयोजित गीता महोत्सवों के सफल आयोजन पर लगभग 19.17 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई।
उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव का आयोजन कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा और सभी जिलों में गीता महोत्सवों  का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया। 
उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव और गीता महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों शैक्षणिक एवं खेल प्रतियोगिताओं, राज्य मंडल एवं प्रदर्शनी, प्रचार, वैश्विक गीता पाठ एवं 18000 स्कूली छात्रों द्वारा अष्टïादश श्लोकी गीता पाठ, कलाकारों एवं शिल्पकारों के लिए भोजन एवं जलपान, आवास एव बिस्तर, सजावट, परिवहन, अस्थायी विद्युत व्यवस्था, ध्वनि व्यवस्था, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, सोशल मीडिया वैब कास्टिंग, अस्थायी सीसीटीवी की व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पण्डालों के निर्माण तथा अन्य कार्यों पर यह राशि खर्च की गई। 
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नूह के खण्ड फिरोजपुर-झिरका व नगीना के 80 गांवों में पेयजल आपूर्ति की बढ़ोतरी के लिए लगभग 211 करोड़ रुपये लागत की एक परियोजना  को नाबार्ड से स्वीकृति मिल चुकी है। 

चण्डीगढ़, 13 मार्च-हरियाणा के जिला नूह के खण्ड फिरोजपुर-झिरका व नगीना के 80 गांवों में पेयजल आपूर्ति की बढ़ोतरी के लिए लगभग 211 करोड़ रुपये लागत की एक परियोजना  को नाबार्ड से स्वीकृति मिल चुकी है। 
यह जानकारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने आज यहां हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री नसीम अहमद द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में दी। 
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थोक मंडी में बागवानी फसलों के कम मूल्य के दौरान किसानों को प्रोत्साहन देकर उनके जोखिम को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना के तहत 28 फरवरी, 2018 तक 4435 किसानों को पंजीकृत किया गया 

चण्डीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा में थोक मंडी में बागवानी फसलों के कम मूल्य के दौरान किसानों को प्रोत्साहन देकर उनके जोखिम को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई भावांतर भरपाई योजना के तहत 28 फरवरी, 2018 तक 4435 किसानों को पंजीकृत किया गया है। इस योजना के तहत जो किसान लाभ प्राप्त करेेंगे उन्हें पहली अप्रैल से शुरू होने वाली बिक्री अवधि के दौरान माना जाएगा।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने आज यहां बजट सत्र के विधायक श्री कुलदीप शर्मा द्वारा पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।
श्री धनखड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि उपज की लागत को कम करने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। किसानों को बीज व कीटनाशकों जैसे कृषि आदानों पर सब्सिडी के रूप में 210 करोड़ रुपये की राशि मुहैया करवाई गई है। कृषि उपकरणों पर 35.99 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है जबकि कृषि में यन्त्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 12388 उपकरण दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने लघु सिंचाई प्रणाली पर 35.39 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई है जिससे 5271 किसान लाभान्वित हुए हैं। इसी प्रकार, किसानों को 40.02 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिए गए हैं। 
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान 13.32 लाख किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधीन कवर किया गया और मुआवजे के दावे के रूप में 2.50 किसानों को 277 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गन्ने का 330 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य परामर्शी मूल्य दिया जा रहा है। किसानों के हितों के संरक्षण के लिए सरकार ने पहली बार मूंग, सूरजमुखी, सरसों तथा बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की है। कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने में राज्य के किसानों की सहायता के लिए जलवायु स्मार्ट कृषि परियोजना लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है।  उन्होंने बताया कि फसल मुआवजा 6000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 12000 रुपये प्रति एकड़ किया गया है। कृषि हेतु वर्ष 2018-19 के लिए बजट में 1351 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 231 करोड़ रुपये अधिक है। 
श्री धनखड़ ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों के लिए सप्लाई चेन विकसित करने के लिए 510.36 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से फसल समूह विकास कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि 340 बागवानी गांवों की पहचान की गई है और इन गांवों में 140 फसल समूह तथा विशेष प्रोत्साहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। राज्य के सभी 22 जिलों को कवर करने के लिए 78 किसान उत्पादक संगठन बनाए गए हैं और इन्हें विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। उच्च मूल्य वाली सब्जियों तथा उनके प्रत्यक्ष विपणन के लिए फरीदाबाद जिले में 4 करोड़ रुपये की एक पायलट परियोजना शुरू करके एनसीआर के 13 जिलों में पैरी-अर्बन खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्रों के साथ करनाल में एक बागवानी विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में 5 उत्कृष्टïता केन्द्र स्थापित किए गए हैं तथा प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक उत्कृष्टïता केन्द्र स्थापित किया जाएगा।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई पर एक विशेष योजना तैयार की गई है जिसे अति दोहन वाले तथा नाजुक 36 चिह्निïत खंडों में लागू किया जा रहा है। इन खंडों में सब्सिडी 85 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है किसान असीमित क्षेत्र तक आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन हेतु सामुदायिक तालाबों के निर्माण के लिए शत-प्रतिशत सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बागवानी हेतु वर्ष 2018-19 के लिए 834 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है जोकि पिछले वर्ष की तुलना में 438 करोड़ रुपये अधिक है। 
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों के दौरान हाई-टैक तथा मिनी डेरी की स्थापना की योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में 26.79 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान हाई-टैक डेरी इकाइयों की स्थापना हेतु योजना में 50 दुधारू पशुओं की डेरी इकाई की स्थापना हेतु एक नया घटक जोड़ा गया है। इस योजना के तहत पिछले चार वर्षों के दौरान 6749 किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि  किसानों को अच्छी नस्ल के दुधारू पशु पालने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु इन नस्लों के प्रदर्शन का रिकॉर्ड रखा जा रहा है। देशी गाय पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए दूध के आधार पर उन्हें 10 हजार रुपये से 20 हजार रुपये तक की राशि दी जा रही है। सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान प्रोत्साहन के रूप में 6.14 करोड़ रुपये की राशि मुहैया करवाई है। देशी नस्ल के पशुओं (गौ संवर्धन) के संरक्षण एवं विकास हेतु योजना के तहत पिछले चार वर्षों के दौरान 5168 किसान लाभान्वित हुए हैं। पिछले चार वर्षों के दौरान समेकित मुर्राह विकास योजना के तहत पशुधन मालिकों को 19.63 करोड़ रुपये की राशि प्रोत्साहन के तौर पर उपलब्ध करवाई गई। इस योजना के तहत 15981 किसान लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों के लिए पशुधन इकाइयां स्थापित करके उन्हें रोजगार के अवसर  उपलब्ध करवाने की योजना के तहत पिछले चार वर्षों के दौरान अनुसूचित जाति के परिवारों को पशुधन इकाइयों की स्थापना हेतु 46.29 करोड़ रुपये की राशि सब्सिडी के रूप में मुहैया करवाई गई। इससे, गत चार वर्षों के दौरान 8194 किसान लाभान्वित हुए हैं।  उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान हरियाणा का कुल दुग्ध उत्पादन 79.01 लाख टन से बढक़र 89.75 लाख टन हो गया।
श्री धनखड़ ने बताया कि वर्ष 2014-15 से 2017-18 तक मत्स्य किसानों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 41.10 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। मत्स्य विभाग ने सफेद झींगा पालन के लिए लवणीय बंजर भूमि का सदुपयोग किया है। इनपुट लागत में कमी लाने तथा उत्पादन में वृद्घि करने के लिए पेलेटिड फीड तथा एरेटर की अवधारणा शुरू की गई। मत्स्य उत्पादन में वृद्घि हेतु रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर प्रणाली शुरू की जा रही है।  

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जिला झज्जर में छ: नए पुलिस थानों की स्थापना के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत किया जा सके और अपराध से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।

चंडीगढ़ 13 मार्च- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने जिला में जिला झज्जर में छ: नए पुलिस थानों की स्थापना के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति को और मजबूत किया जा सके और अपराध से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।
          इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि शुरूआत में इन नए पुलिस थानों को पांच साल की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है, जिसके दौरान मौजूदा पुलिस बल के लिए कर्मचारियों को मुहैया करवाया जाएगा।
          उन्होंने कहा कि इन पुलिस थानों में पुलिस स्टेशन मचोली, पुलिस स्टेशन सिटी झज्जर, पुलिस स्टेशन आसौदा, पुलिस स्टेशन दुजाणा, पुलिस स्टेशन सेक्टर -6 बहादुरगढ़ और पुलिस स्टेशन बादली शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और दिल्ली व गुरुग्राम से निकटता के कारण जिला झज्जर में इन नए पुलिस स्टेशनों का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि यह थाने बड़े पैमाने पर गश्त करने और रणनीतिक या चयनित बिंदुओं पर विशेष नाकाबंदी रखने में भी मदद करेंगें। 
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गुुरूग्राम की 47 कालोनियों की सूची को नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसरचंना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित करवाने के लिए अग्रेषित किया गया और इन 47 कालोनियों में से 15 कालोनियों को पात्र पाया गया तथा इन 15 कालोनियों को नागरिक सुख सुविधाओं तथा अवसंरचना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित भी किया गया:कविता जैन

चण्डीगढ, 13 मार्च- हरियाणा की शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्रीमती कविता जैन ने कहा कि गुुरूग्राम की 47 कालोनियों की सूची को नागरिक सुखसुविधाओं तथा अवसरचंना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित करवाने के लिए अग्रेषित किया गया और इन 47 कालोनियों में से 15 कालोनियों को पात्र पाया गया तथा इन 15 कालोनियों को नागरिक सुख सुविधाओं तथा अवसंरचना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित भी किया गया है। 
श्रीमती आज यहां हरियाणा विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के दौरान विधायक श्री उमेश अग्रवाल द्वारा अनाधिकृत कालोनियों को नियमित करने के संबंध में रखे गए प्रश्न का उत्तर दे रही थी। उन्होंने कहा कि हरियाणा नगरपालिका अपूर्ण क्षेत्रों में नागरिक सुख सुविधाओं तथा अवसंचरना का प्रबंधन (विशेष उपबंध) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के अंतर्गत नागरिक सुख सुविधाओं तथा अवसचंरना से अपूर्ण क्षेत्र घोषित किए जाते हैं। 
उन्होंने बताया कि इस तरह की घोषणा के लिए निर्धारित मापदण्ड- जहां 31 मार्च, 2015 से पहले 50 प्रतिशत  से अधिक भूखण्डों पर निर्माण गया हो, इस संदर्भ में एक प्रस्ताव संबंधित नगरपालिकाओं द्वारा पारित किया गया हो और जिसे नगर निगम के मामले से संबंधित मण्डल आयुक्त  व नगर परिषद व नगर पालिका के मामले में आयुक्त द्वारा संस्तुत किया गया हो। इसी प्रकार, जहां भूमि अधिग्रहण अधिनियम, वन सरंक्षण अधिनियम, पर्यावरण सरंक्षण अधिनियम, रक्षा अधिनियम, भारतीय विद्युत अधिनियम का उल्लघंन नहीं किया गया हो। उन्होंने बताया कि भूमि राज्य व केन्द्र सरकार, बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के स्वामित्व में नहीं हो, औद्योगिक इकाई, वाणिज्यिक भवन, मॉल, मल्टीपलेक्स, होटल, विवाह स्थल स्थित न हो तथा एक प्रमाणीकरण की अग्निशमन वाहन कालोनी के सभी घरों तक पहुंच सकते हो व जहां सर्वेक्षण पूरा हो गया है। 
श्रीमती जैने बताया कि शेष 32 कालोनियों के लिए अवलोकन इस कार्यालय के माध्यम से आयुक्त, नगर निगम, गुुरुग्राम और आयुक्त, गुरुग्राम मंडल, गुरूग्राम को अवगत करवा दिया गया है जिसका उत्तर अभी भी अपेक्षित है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम नगर निगम के अवसंरचना से अपूर्ण क्षेत्रों में अनुमति प्रदान करने के लिए विकास शुल्क निर्धारित किए गए हैं जिसके तहत कलेक्टर दर में 10 हजार से अधिक रुपए वर्ग मीटर में विकास शुल्क 1250 रूपए वर्ग मीटर है जबकि कलेक्टर दर 7500 से 10000 रूपए वर्ग मीटर में विकास शुल्क 1000 रूपए वर्ग मीटर में हैं। वहीं, कलेक्टर दर 7500 से कम रूपए वर्ग मीटर में विकास शुल्क 750 रूपए वर्ग मीटर में है। 
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राज्य सरकार द्वारा चार स्थानों पर किसान मॉडल स्कूलों के भवनों पर 20 करोड़ 2 लाख रूपए की राशि खर्च की गई और इन स्कूलों में कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी।
चंडीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चार स्थानों पर किसान मॉडल स्कूलों के भवनों पर 20 करोड़ 2 लाख रूपए की राशि खर्च की गई और इन स्कूलों में कक्षाएं जल्द ही शुरू की जाएंगी।
श्री शर्मा आज हरियाणा विधानसभा सत्र के प्रश्न काल के दौरान एक विधायक द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने गांव नांगल सिरोही (महेंद्रगढ़) में बनाए गए किसान मॉडल स्कूल के भवन पर 2.62 करोड़ रूपए, गांव सांघी (रोहतक) के किसान मॉडल स्कूल के भवन पर 9 करोड रूपए़, चरखी दादरी के किसान मॉडल स्कूल पर 6 करोड़ रूपए तथा गांव सुबाना (झज्जर) के किसान मॉडल स्कूल पर 2.40 करोड़ रूपए खर्च किए गए हैं। उन्होंने बताया कि उक्त चारों स्कूलों के भवन बनकर तैयार हो गए हैं और जल्द ही इनमें कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। 
उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में राज्य के प्रत्येक जिला में एक स्कूल खोलने हेतु कुल 21 किसान मॉडल स्कूल स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्ष 2012 में प्रथम चरण में छछरौली (यमुनानगर),सांघी (रोहतक),काछवा (करनाल),भंभेवा (जींद) और नांगल सिरोही (महेंद्रगढ़) के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालयों में पांच किसान मॉडल स्कूल शुरू किए गए। शैक्षणिक सत्र 2015-16 में इनमें से 3 स्कूलों में केवल 35 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और भंभेवा  तथा नांगल सिरोही के किसान मॉडल स्कूल में किसी भी विद्यार्थी ने प्रवेश लेने में रूचि नहीं दिखाई जिसके कारण इन सभी स्कूलों को वर्ष 2016 में बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि किसान मॉडल स्कूलों के लिए नियुक्त 13 पी.जी.टी अध्यापकों को आरोही स्कूलों में रिक्त पदों पर समायोजित किया गया है तथा इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी उन्हीं राजकीय स्कूलों में स्थानांतरित कर दिया गया। 
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कैथल जिले के गांव हाबड़ी में अन्तर्राष्टï्रीय स्तर केसिंथैटिक हॉकी मैदान के निर्माण हेतु अधिकारियों को तकनीकी अनुमान तैयार करने के निर्देश दिये गए है। 

चंडीगढ़, 13 मार्च- हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि कैथल जिले के गांव हाबड़ी में अन्तर्राष्टï्रीय स्तर केसिंथैटिक हॉकी मैदान के निर्माण हेतु अधिकारियों को तकनीकी अनुमान तैयार करने के निर्देश दिये गए है। 
श्री विज ने आज यहां विधानसभा में एक प्रश्न के जवाब में कहा कि इस मैदान का निर्माण लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सडक़ें) द्वारा किया जाएगा। इस संबंध में विभाग को प्रक्रिया तेज करने को कहा गया है ताकि इसका निर्माण शीघ्र किया जा सके। 
खेल मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि प्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बच्चों को ‘कैच देम यंग’ की नीति पर काम कर रही है। इसके  तहत राज्य के 21 जिलों में कुल 345 गोल्डन जुबली खेल नर्सरियां खोलगी गई है, जिनके सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे है। इनमें कुश्ती, आर्चरी, एथेलैटिक्स, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डïी/खो-खो, तैराकी तथा वॉलीबॉल खेलों की नर्सरियां शामिल हैं।
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वर्तमान गन्ना पिराई मौसम के दौरान हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों ने अब तक 288.54 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 28.31 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया
चंडीगढ़, 13 मार्च- वर्तमान गन्ना पिराई मौसम के दौरान हरियाणा की सहकारी चीनी मिलों ने अब तक 288.54 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 28.31 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
        हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि शाहबाद सहकारी चीनी मिल ने सर्वाधिक 51.50 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 5.28 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है, जबकि रोहतक सहकारी चीनी मिल ने 43.37 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 4.17 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, कैथल ने 29.45 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.89 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है, सहकारी चीनी मिल, महम ने 28.82 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.81 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है तथा सहकारी चीनी मिल, गोहाना ने 28.27 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.69 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
इसी प्रकार, सहकारी चीनी मिल, करनाल ने 26.10 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.61 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, जींद ने 20.65 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 1.97 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, सोनीपत ने 20.66 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.05 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, पानीपत ने 20.12 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 1.98 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। सहकारी चीनी मिल, पलवल ने 19.60 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 1.83 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
        उन्होंने बताया कि हैफेड चीनी मिल, असंध ने 26.87 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2.59 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की सहकारी चीनी मिलों में अब तक की औसत शुगर रिकवरी 9.99 प्रतिशत रही है।