चंडीगढ़, 22 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश में फसलों की आगजनी की बढ़ती घटनाओं से किसानों को होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरसों व बाजरा की खरीद निर्धारित सीमा से अधिक करने के विकल्पों पर काम कर रही है। राज्य सरकार की सरसों के तेल का निर्यात व हैफेड के माध्यम से खुले बाजार में बिक्री करने, बाजरा से बिस्कुट, पंजीरी आदि खाद्य उत्पाद आदि तैयार करने की योजना है।      
मुख्यमंत्री ने यह जानकारी झज्जर की अनाज मण्डी में गेंहू खरीद का निरीक्षण करने के उपरांत आढ़ती व किसानों को संबोधित करते हुए दी। मुख्यमंत्री ने मण्डी में गेंहू खरीद का निरीक्षण करने के साथ-साथ लदान के लिए रखी गई गेंहू की बोरियों के वजन की जांच भी कराई। इस अवसर पर खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज तथा विधायक नरेश कौशिक भी उपस्थित रहे।
       श्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्तमान सीजन के दौरान राज्य में गेंहू का बंपर उत्पादन हुआ है, इसके लिए राज्य के सभी किसान बधाई के पात्र है। उन्होंने बताया कि पिछले सीजन के दौरान गेंहू की खरीद करीब 74 लाख मीट्रिक टन हुई थी, जबकि वर्तमान सीजन में अभी तक 65 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है और खरीद का कार्य आगामी आठ से दस दिनों तक जारी रहेगा। सरसों की खरीद को लेकर उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से मेंटनेंस ऑफ प्राइस के लिए कुल उत्पादन के 25 प्रतिशत की खरीद की जाती है लेकिन हरियाणा में निर्धारित मात्रा 2.70 मीट्रिक टन के लक्ष्य को पूरा करने के उपरांत हैफेड के माध्यम से एक लाख मीट्रिक टन सरसों की अतिरिक्त खरीद की गई। हैफेड के माध्यम से खरीदी गई सरसों का तेल बीपीएल परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए 20 रुपए प्रति लीटर कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछली सरकारों ने कभी भी सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं की लेकिन वर्तमान सरकार ने पिछले दो सीजन में एमएसपी पर सरसों की खरीद की है।
           उन्होंने किसानों को जोखिम मुक्त बनने के लिए आलू-प्याज-टमाटर-गोभी उत्पादकों के लिए आरंभ की गई भावांतर भरपाई योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आदि का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के तहत राज्य में किसानों को 273 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। फसल बीमा योजना के तहत किसानों से महज डेढ़ से दो प्रतिशत प्रीमियम राशि ली जाती है और करीब पांच सौ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से किसान प्राकृतिक आपदा या अन्य नुकसान से 20 से 25 हजार रुपए प्रति एकड़ के मुआवजा का पात्र बनता है। आगजनी की बढ़ती घटनाओं से किसानों को होने वाली नुकसान की भरपाई के लिए भी राज्य में विशेष गिरदावरी के निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि राज्य में रबी सीजन की फसलों की खरीद सुचारू रूप से जारी है। अन्य राज्यों के किसानों की फसल खरीदे जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में फसल खरीद का तंत्र पड़ोसी राज्यों से बेहतर है। खरीद के कार्य की पूरी निगरानी की जा रही है और राज्य के किसानों की उपज को सबसे पहले खरीदे जाने की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने मण्डी में आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ-साथ किसानों से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मण्डी में खरीदे जा चुके गेंहू का तुरंत लदान कराने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री कर्ण देव कंबोज का झज्जर अनाज मण्डी में पहुंचने पर पूर्व विधायक उदय सिंह दलाल व आढ़ती एसोसिएशन की ओर प्रधान नरेंद्र धनखड़ ने पगड़ी बांध कर स्वागत किया तथा खरीद की बेहतरीन व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की प्रशंसा की। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष बिजेंद्र दलाल, जिला परिषद चेयरमैन परमजीत सौलधा, उपाध्यक्ष योगेश सिलानी, मार्केट कमेटी बेरी के चेयरमैन मनीष शर्मा, राजेंद्र शर्मा, धर्म सिंह कादियान, अनिल मातनहेल, कृष्ण कोट, भाजपा नेता रविभान राठी, सुनीता चौहान, सुनीता धनखड़, डा. धर्मेंद्र बब्लू, राजपाल आर्य, रणबीर गुलिया, आढ़ती एसोसिएशन के प्रतिनिधि चरण सिंह दलाल, चांद पहलवान बोडिय़ा, बलदेवा आदि उपस्थित रहे। वहीं जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त सोनल गोयल, रोहतक के पुलिस अधीक्षक पंकज नैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन, अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, एसडीएम रोहित यादव, नगराधीश अश्विनी कुमार आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।