चंडीगढ़, 20 मई: आज यहां एक प्रेसवार्ता में नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पांच विदेशी यात्रा कर स्वदेश लौट चुके हैं और हर बार की तरह उनका कहना है कि इस दौर से भी वह प्रदेश में निवेश के लिए लाख करोड़ के एमओयू साइन करके आए हैं। नेता विपक्ष ने मुख्यमंत्री के इन दावों को खोखला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इसी तरज पर पहले भी साढ़े पांच लाख करोड़ के एमओयू साइन करने की बात कह चुके हैं लेकिन सच्चाई यह है कि जब प्रदेश जाट आंदोलन की आग में जल रहा था तब ‘हैपनिंग हरियाणा’ के नाम पर गुरूग्राम में जश्र मना रही थी। उन्होंने सरकार पर सरकारी पैसे का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘प्रवासी हरियाणा’ समिट के नाम पर लोगों की यात्राओं व रहने की व्यवस्था पर करोड़ोंं रुपए खर्च किए गए जिनका परिणाम जीरो है।
नेता विपक्ष ने जनता के खून-पसीने की कमाई से सरकार के मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा विदेश भ्रमण की आलोचना करते हुए मांग की कि मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को बताए कि उनकी इन विदेश यात्राओं से राज्य में कितना विदेशी निवेश हुआ, कितने रोजगार के अवसर सृजत हुए और कौन से नए उद्योगों की स्थापना की गई। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की। उन्होंने यह भी मांग की कि मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को बताए कि किन देशों के साथ उन्होंने कौन से समझौतों पर दस्तख्त किए गए हैं।
नेता विपक्ष ने सरकार पर विवेक के आधार पर दिए जाने वाले फंड के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया उन्होंने कहा कि जो पैसा सामाजिक संस्थाओं पर खर्च होना चाहिए था उसका इस्तेमाल आरआरएस व उसके जुड़ी संस्थाओं के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनेलो सरकार में यह राशि केवल 2 करोड़ रुपए थी लेकिन भाजपा लगभग 132 करोड़ रूपए आरआरएस से जुड़ी संस्थाओं को बांट चुकी है।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि कांग्रेस के राज से चला आ रहा भ्रष्टाचार भाजपा राज में प्रकाष्ठा पर है। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार से निपटने के लिए दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि जब सरकार द्वारा नियुक्त एसएस बोर्ड का चैयरमैन भ्रष्टाचार के आरोपों में फसता है तो मुख्यमंत्री बिना किसी जांच व कारवाई के ही उसे क्लीन चिट दे देते है जबकि उसके बाद दोबारे से उन्हीं के बोर्ड के आधिकारी पैसे के बदले नौकरी देने के मामले में पकड़े जाते हैं तब भी उनको कार्यकाल बढ़ाकर उन्हें बढ़ावा दिया जाता है। अब जब वहीं चैयरमैन उस संस्था का इस्तेमाल सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश में जातिय घृणा बढ़ाने के लिए करता है तो सरकार उसपर एफआइआर दर्ज न कर निलंबित कर बचाने का काम कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पर एसवाईएल के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के दायित्च से बचने का आरोप भी लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने जेल भरो आंदोलन के संदर्भ में कहा है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है, जो सरासर झूठ है उन्होंने याद दिलाया कि जब सर्वदलीय शिष्टमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा था तो स्पष्ट शब्दों में कहा गया था कि एसवाईएल के संबंध में कोई मामला न्यायालय के विचाराधीन नहीं है साथ ही उन्होंने कहा कि एसवाईएल हरियाणा का हक है और इनेलो इसे लेकर ही रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसवाईएल और दादुपुर नलवी नहर निर्माण के लिए हो रहे जेल भरों आंदोलन के आखिरी चरण में इनेलो नेता पूरे प्रदेश में एक साथ जेल भरने का काम करेंगे और तब जेलों से बाहर नहीं जाएंगे जब तक सरकार इस पर सकारात्मक कदम नहीं उठाती।
उन्होंने किसानों की जमीन कुर्क करने के नोटिस उनके घरों पर चस्पां दिए जाने की भी निंदा करते हुए कहा कि किसान कर्ज के बोझ के नीचे दबा पड़ा है बजाय उनका कर्ज माफ करने के सरकार ने किसानों की जमीन कुर्क करने का फैसला कर रही है। इनेलो पार्टी यह किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी क्योंकि यह सरासर ‘सरफेसी कानून‘ का उल्लघंन है। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, आरएस चौधरी, बीडी ढालिया, डॉ. केसी बांगड़, अशोक शेरवाल, नच्छत्र सिंह मल्हान व प्रवीण आत्रेय भी मौजूद थे।