कुल्लू, 25 मई। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंर्तगत बनाए गए शहरी आजीविका एवं विकास समीति द्वारा वार्ड नंबर-9 सलम का सर्वेक्षण किया गया। जिसमें ड्राप अप बच्चों को चयनित किया गया। कुल्लू शहर में बस्ती में रह रहे लोग व काफी समय से उनके बच्चे जरूरी स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे है जिसके कई कारण है कि वस्ती में रहने वाले परिवार ज्यादातर कुल्लू से पंजाब समय-समय पर परिवा सहित प्लायन करते है। जिससे जो बच्चे स्कूल में अपनी नियमित हाजरी सुनिश्चित नहीं कर पाते व कुछ परिवार ऐसे है शिक्षा के जरूरी महत्व नहीं समझते हुए बच्चों को स्कूल में दाखिल नहीं कर पाते। हिमाचल प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि हिमाचल में रहने वाले  प्रत्येक बच्चा  कम से कम जरूरी शिक्षा प्राप्त करे। जिसके लिए समय-समय पर सरकार द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम किए जाते है। शहरी आजीविका एंव विकास समीति भी सरकार के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समय-समय पर स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के द्वारा जागरूकता अभियान चलाते है। वस्ती में न सिर्फ शिक्षा बल्कि स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता भी कम है। इसलिए ज्यादातर वस्ती साफ-सफाई रखने में पिछड़ी हुई है। समीति लोगों को स्वास्थय एवं साफ-सफाई रखने के लिए भी जागरूक करती रहती है। इसी कड़ी में समीति ने वार्ड नंबर-9 में स्थित सरवरी बस-स्टैड के सामने वाली बस्ती में लोगों का शिक्षा, स्वास्थ्य, साफ सफाई, नशा मुक्त इत्यादि करने के लिए जागरूक किया। बस्ती के लोगों के साथ बैठक में ये फैसला लिया कि बस्ती के बच्चों को स्कूल में दाखिल किया जाएगा। जिसके लिए समीति ने 30 मई  को विशेष सफाई अभियान व पोलिथीन हटाओ रखा गया है।