चंडीगढ़, 26 मई- भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि पूर्व की सरकारों द्वारा उलझाने के कारण जाट आरक्षण आंदोलन का मामला पेचिदा बना हुआ है। भाजपा सरकार एकमत से आरक्षण देने के पक्ष में हैं तथा संविधानिक दायरे में रहकर काम किया जा रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण इससे ज्यादा कहना सही नहीं होगा। सत्ता में रहते हुए एसवाईएल मामले व स्वामीनाथन रिपोर्ट को को ठंडे बस्ते में डालकर रखने वाले नेता व पार्टियां ही आज जल युद्ध व स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की बात कह रहे हैं। परंतु खुद सत्ता में रहते हुए कभी कुछ नहीं किया। प्रदेश की जनता भी इसे अच्छी तरह से जानती है। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद स्वामीनाथन रिपोर्ट को अपनाते हुए मुआवजा प्रति एकड़ 12 हजार, फसल बीमा योजना व भांवातर जैसी योजनाएं लागू की है। प्रदेश को एसवाईएल का पानी भी अपने शासनकाल में भाजपा ही देगी। बस इंतजार केवल सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए जाने वाले अंतिम निर्णय का है। उन्होंने डॉ. अरिवंद यादव के कार्यालय में शनिवार को पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। प्रदेश सरकार की दो बड़ी उपलब्धियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मनोहर सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के साथ साफ व पारदर्शी प्रशासन दिया है। अभी भी इसमें कुछ खामियां है, परंतु उन्हें भी दूर करने प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। नौकरियों में पिक एंड चूज के फार्मूले को खत्म कर योग्यता को आधार बनाया।
इस अवसर पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष ओपी ग्रोवर, जिला भाजपा अध्यक्ष योगेन्द्र पालीवाल, सतीश खोला, प्रोमिनेंट पर्सन रामपाल यादव, रत्नेश बंसल, प्रीतम चौहान, राजेन्द्र पटेल, सतदेव यादव, यशवंत भारद्वाज, अतुल शर्मा, रामोतार कतोपुरी, जिले सिंह भी उपस्थित थे।