चण्डीगढ, 18 जून।महिलाएं सजग होती हैं तो पूरा देश बहुत आगे जाता है क्योंकि महिला सजग हो तो पूरा परिवार सजग होता है और आगे चलकर समाज व देश सजग होता है। भारत में सजग महिलाओं ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए अपनी क्षमता की छाप छोड़ी है। आज भी ऐसी सजग महिलाएं देश के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, लोकसभा अध्यक्ष आदि महत्वपूर्ण पदों पर दक्षता से काम कर रही हैं। ये उद्गार हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज ‘महिलाओं के लिए डिजीटल साक्षरता कार्यक्रम’ के शुभारम्भ समारोह में बोलते हुए व्यक्त किए। समारोह का आयोजन राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा पंजाब विश्वविद्यालय में किया गया था। इस कार्यक्रम में फेसबुक और साइबर पीस फाउंडेशन संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।
राज्यपाल ने आगे कहा कि 21वीं सदी का न्यू इंडिया बनाने में डिजीटल इंडिया का बड़ा योगदान है। इसलिए महिलाओं को डिजीटल रूप से साक्षर व सजग बनाकर हम न्यू इंडिया में उनके योगदान को बढा सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का डिजीटल साक्षरता कार्यक्रम न केवल महिलाओं को नई तकनीक से सुरक्षित रहना सिखाएगा बल्कि इससे प्रधानमंत्री द्वारा 1 जुलाई 2015 को पूरे देश को डिजीटल बनाने के संकल्प को पूरा किया जाएगा। उस डिजीटल भारत में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार नहीं होंगे क्योंकि वह फेसलैस, पेपरलैस और कैसलैश भारत होगा। यही नहीं डिजीटल इंडिया प्रधानमंत्री के स्वच्छ, स्वस्थ, समर्थ, सम्पन्न, शिक्षित व सुरक्षित भारत के स्वप्न को साकार करने में भी कारगर होगा।
प्रो0 सोलंकी ने कहा कि डिजीटल इंडिया के लिए जो इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए उसके लिए देश की अढाई लाख पंचायतों को नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। लेकिन इसका सही व सुरक्षित उपयोग कैसे किया जाए इसकी जानकारी जरूरी है। यह काम डिजीटल साक्षरता के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने महिलाओं के लिए डिजीटल साक्षरता कार्यक्रम चलाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की सराहना की और उम्मीद व्यक्त की कि आयोग इस कार्यक्रम को गांव के स्तर तक लेकर जाएगा।
इससे पहले राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन श्रीमती रेखा शर्मा, पंजाब विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति प्रो0 शंकरजीत झा, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सचिव डाॅ0 सतबीर बेदी ने भी विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर फेसबुक की भारत एवं दक्षिण एशिया के लिए पाॅलिसी प्रोग्राम मैनेजर मिस श्रुति मोघे और साइबर पीस फाउंडेशन के सह संस्थापक कैप्टन विनीत कुमार आदि उपस्थित थे।