जनसमस्याओं से मुंह मोड़ रखा है भाजपा सरकार ने: दुष्यंत चौटाला
हिसार, 18 जून: मौजूदा प्रदेश भाजपा सरकार ने जनसमस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है। आज सरकार का ध्यान किसी भी समस्या को हल करने की तरफ नही है। यह बात इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने यहां जेल भरो आंदोलन की रूपरेखा को लेकर हिसार हल्के के कार्यकर्ताओं को पंजाबी धर्मशाला में सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि 22 जून को हिसार की नई अनाज मंडी में एसवाईएल को लेकर जेल भरो आंदोलन किया जा रहा है, इस नाते से हिसार हलका मेजबान की भूमिका में आ गया है। मेजबान के नाते उनको जिम्मेदारी ज्यादा बनती है, संख्या के हिसाब से तो हिसार की जनता की जिम्मेदारी बनती ही है, इसके साथ साथ बाकी छह हलकों से आये लोगों की मेजबानी को जिम्मेदारी भी उनकी है।
इनेलो शहरी कार्यकर्ताओ ने युवा सांसद को भरोसा दिलाया कि वे इस आंदोलन में हजारों की संख्या में भाग लेंगे और प्रदेश में हुए अब तक के जेल भरो आंदोलन का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। इस मौके पर इनेलो जिलाध्यक्ष राजेन्द्र लितानी, विधायक रणवीर गंगवा, हलकाध्यक्ष सजन लावट, सतपाल पालु,तरुण जैन, डॉ उमेद खन्ना, दर्शना लाठर, शंकर गहलोत, विक्रांत बागड़ी, राजमल काजल, पूर्व पार्षद राज हसीना,एडवोकेट मनदीप बिश्नोई,  रवि आहूजा, सुमेर शर्मा, विनय वत्स, राजेन्द्र बिश्नोई, गुरदीप सिंह चड्डा, विपिन गोयल, परवीन सोनी, कमांडेंट मांगे राम, मास्टर भीम दोराता, जय सिंह वर्मा, पंकज मेहता, तारा चंद ओढ़, श्रवण बागड़ी, मुकेश डुलगच, राज कुमार राडा, सतबीर मुंगेरिया, जय भगवान इंदौरा, मोहित अरोड़ा, ओम प्रकाश कुंडू, नरेंद्र कुकरेजा, सुभाष गर्ग, पूर्व पार्षद अजमेर ढांडा, गौरव सैनी, नितिन पपनेजा, ऋषि खटकड़ विक्रम प्रजापति,अमित ग्रोवर, अशोक मग्गू सहित बहुत से इनेलो कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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इनसो के आगे झूकी सरकार: दिग्विजय चौटाला
भिवानी, 18 जून: राष्ट्रमण्डल के पदक विजेताओं सहित राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडिय़ों के सम्मान को लेकर के भाजपा सरकार के दोयम दर्जे के फैसले के खिलाफ इनसो ने जो बिगुल बजाया था और 5 अगस्त को इनसो स्थापना दिवस पर प्रदेश के खिलाडिय़ों को सम्मानित करने के साथ-साथ  प्रदेश के खिलाडिय़ोंं के साथ हो रही ज्यादती के खिलाफ इनसो ने जो बिगुल बजाया था उससे दबाव में आकर प्रदेश सरकार ने किसी न किसी तरह खिलाडिय़ों को सम्मानित करने का आधा अधूरा मन बनाया है। उससे एक बात तो बिलकुल साफ हो गई है कि प्रदेश की भाजपा सरकार अनुभवहीन है। ये लोग दबाव में आकर ही काम करना जानते हैं। यह बात इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कोमनवैल्थ खिलाडिय़ों के सम्मान में हो रही देरी को लेकर सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कही। 
 इनसो अध्यक्ष ने कहा कि जब से इनसो ने प्रदेश के होनहार खिलाडिय़ों के मुद्दे को उठाया है तब से भाजपा सरकार की रातों की नींद उड़ गई थी। प्रदेश सरकार से अनदेखी के चलते खिलाडिय़ों का मनोबल गिर गया था लेकिन इनसो ने 5 अगस्त को कैथल में खिलाडियों के सम्मान में इनसो स्थापना दिवस को समर्पित किया हुआ है। 5 अगस्त को इनसो होनहार खिलाडिय़ों को कैथल में सम्मानित करेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 98 होनहार खिलाडिय़ों की फाईल खेलमंत्री अनिल विज के पास मौजूद है। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कोमन वैल्थ गेम में हरियाणा के खिलाडिय़ां ने अच्छा प्रदर्शन किया था। खेल नीति के तहत गोल्ड विजेता को डेढ करोड़, सिल्वर को 75 लाख, ब्रोंज मैडल विजेता को 50 लाख की राशि दी जानी थी जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटटर व खेलमंत्री अनिल विज के उदासीन रवैये के कारण पिछले काफी समय से रोका गया है। वहीं कोमन वैल्थ गेम में भाग लेने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 7.5 लाख रूपए देने का प्रस्ताव भी है। इसके अलावा अन्य बहुत से  होनहार खिलाड़ी सम्मान पाने के लिए तरस गए हैं, लेकिन खेलमंत्री अनिल विज के बार-बार खिलाडिय़ोंं को नजर अंदाज करने पर जब इनसो ने इस मुद्दे को गम्भीरता से लिया और सरकार के खिलाफ बिगूल बजाया तो सरकार को सद्बुद्धि का अनुभव हुआ और उन्होंने खिलाडिय़ों को सम्मान करने बारे सोचना शुरू किया।
 इनसो अध्यक्ष ने कहा कि खेल नीति को इनेलो शासनकाल में बेहतरीन बनाया था तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी औम प्रकाश चौटाला ने गोल्ड मैडल खिलाड़ी को 1 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी वहीं दूसरे व तृतीय खिलाडिय़ों को 50 व 25 लाख रूपए देने की नीति बनाई थी। उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा पिछले दिनों उन्होंने खेल व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की सद्बुद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना की थी जिसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति से उपर उठकर के खिलाडिय़ों का सम्मान करना प्रदेश सरकार का कर्तव्य बनता है। प्रदेश सरकार तुगलकी फरमान जारी ना करके और खिलाडिय़ों से ही सरकारी खजाने की छोटी सोच को दरकिनार करके सम्मान करने बारे सोचना चाहिए।