नयी दिल्ली,22.06.18-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नयी दिल्ली में केंद्रीय सरकार के वाणिज्य विभाग के नये कार्यालय भवन - वाणिज्य भवन - का शिलान्यास किया।

इस अवसर पर निर्यात को बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को इस प्रयास में सक्रिय भागीदार बनाया जाना चाहिये।

उन्होंने कहा कि वाणिज्य विभाग को सकल विश्व निर्यात में भारत की हिस्सेदारी, जो कि अभी 1.6% है, को बढ़ाकर कम से कम 3.4% करने का संकल्प अवश्य लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि इसी तरह घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की कोशिशें करनी चाहिये ताकि आयात को कम किया जा सके।

उन्होंने आशा जतायी कि नया कार्यालय भवन - वाणिज्य भवन - भारत के व्यापार क्षेत्र में कोठरियों को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा और भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने में सहायता करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारी इ-बाजार (जेम), जिसने कम समय में ही 8700 करोड़ रु. का क्रय-विक्रय दर्ज किया है, वह डिजिटल तकनीक को अपनाये जाने के लाभ को दर्शाता है और उन्होंने वाणिज्य विभाग से आह्वाहन किया कि वह 'जेम' के और विस्तार की दिशा में काम करे और इसे देश के लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के फायदे के लिये प्रयोग करे।

प्रधानमंत्री ने जीएसटी से होने वाले फायदों पर भी चर्चा की और कहा कि केंद्र सरकार लोगों के लिये एक आसान, विकासकारी और निवेश को प्रोत्साहन देने वाले वातावरण का निर्माण करने की दिशा में सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व के 5 सर्वश्रेष्ठ वित्तीय तकनीक वाले देशों में एक है। उन्होंने कहा कि एक परस्पर जुड़े हुये विश्व में व्यापार करने में आसानी, व्यवसाय करने में आसानी जैसे सभी विषय जीवन जीने में आसानी से जुड़े हुये हैं।

इस अवसर पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, और नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि वाणिज्य विभाग के सभी कार्यालयों को एक छत के नीचे लाकर वाणिज्य भवन व्यापार करने को और सरल बनाने में सहायता करेगा और जब भवन बन कर तैयार हो जायेगा तो यह एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल भवन होगा। प्रधानमंत्री की पहलों की सराहना करते हुये सुरेश प्रभु ने कहा कि यह सरकार प्रत्येक क्षेत्र के विकास पर ध्यान दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि वाणिज्य मंत्रालय निर्यात को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर काम कर रहा है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने बाकुल के एक पौधे का रोपण भी किया।

इस अवसर पर आवासीय एवं नगरीय मामलों के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हरदीप सिंह पुरी, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री सी. आर. चौधरी, वाणिज्य सचिव सुश्री रीता तेवतिया के साथ-साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

वाणिज्य भवन का निर्माण 226 करोड़ रु. की लागत से किया जा रहा है और दिसंबर 2019 तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाना अनुमानित है।