सोलन-दिनांक 10.07.2018-कार्यकारी उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल ने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना के अंतर्गत जिले में चलाई जा रही विभिन्न परियोजनाएं महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभदायक हैं। विवेक चंदेल गत सांय यहां समेकित बाल विकास परियोजना की अनुश्रवण एवं समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
विवेक चंदेल ने कहा सोलन जिले के विभिन्न विकास खंडों में गत अनेक वर्षों से समेकित बाल विकास परियोजना कार्यान्वित की जा रही है। यह परियोजना महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों को भावनात्मक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने तथा उन तक विभिन्न योजनाआंे के लाभ पहुंचाने में सहायक सिद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि समेकित बाल विकास परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह सुनिश्चित बनाना होगा कि विभिन्न योजनाओं के लाभ समय पर लक्षित वर्गों तक पहुंचे। उन्होंने जिले के समेकित बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि माह में कम से कम 15 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण सुनिश्चित बनाएं।
कार्यकारी उपायुक्त ने कहा कि निजी भवनों में कार्यरत आंगनबाड़ी केंद्रों को समीप के राजकीय विद्यालयों में स्थान उपलब्ध होने पर स्थानांतरित करने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे बच्चांे को सुरक्षित एवं बेहतर वातावरण उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल एवं शौचालय की सुविधा आवश्यक रूप से उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं सभी अधिशाषी अभियंताओं को उपस्थित रहने के निर्देश दिए जाएं ताकि विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा के संबंध में सारगर्भित चर्चा की जा सके।
विवेक चंदेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित बनाया जाए। इस योजना के तहत गर्भवती एवं धात्री महिला के खाते में पात्रता अनुसार 5 हजार रुपये उपलब्ध करवाए जाते हैं। योजना के तहत जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत भी संस्थागत प्रसव के उपरांत नियमानुसार अन्य लाभ प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के पूर्ण कार्यान्वयन पर बल दिया।
कार्यकारी उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समेकित बाल विकास परियोजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के प्रभावी अनुश्रवण के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति गठित की है। यह समिति सुनिश्चित बनाएगी कि जिले में विभिन्न परियोजनाआंे को सही प्रकार से लागू किया जाए।
विवेक चंदेल ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं में छात्रों को अच्छे तथा बुरे स्पर्श (गुड एंड बैड टच) की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि जिला बाल संरक्षण इकाई के अनुमोदन पर अब तक सोलन जिले में 111 अनाथ बच्चे चिन्हित किए गए हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शिशु पालना केंद्र स्थापित किया गया है।
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में शून्य से 5 वर्ष आयु वर्ग के 43863 बच्चों का आधार नामांकन कर लिया गया है। शेष 2205 बच्चों के आधार नामांकन की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में स्वयं सहायता समूहों, बेटी है अनमोल योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना, मदर टेरेसा मातृ संबल योजना, माता शबरी महिला सशक्तिकरण योजना इत्यादि के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी वंदना चौहान ने कार्यकारी उपायुक्त का स्वागत किया तथा समेकित बाल विकास परियोजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
पुलिस उप अधीक्षक अमित ठाकुर, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानु गुप्ता, जिला कल्याण अधिकारी बी.एस. ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी सतीश अग्रवाल, उपनिदेशक उच्च शिक्षा पूनम सूद, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी एसएस कंवर एवं जिला के सभी सीडीपीओ बैठक में उपस्थित थे।
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