धर्मशाला, 19 जुलाई: कांगड़ा के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में वीरवार को प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के अन्तर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह ने की।
इस बारे जानकारी देते हुए रणजीत सिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य योजना को प्रभावी तरीके से लागू कर गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करना था। इसमें बाल विकास परियोजना धर्मशाला की 40 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया व उन्हें इस योजना के सम्बन्ध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत पहले जीवित बच्चे के जन्म के लिए गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को फायदा होगा। उन्होंने बताया प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी मोड) के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के समय 1000 रुपये की पहली किस्त प्रदान की जाएगी। 6 महीने की गर्भावस्था के बाद कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच के बाद 2000 रुपये की दूसरी किस्त प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जब बच्चे का पंजीकरण हो जाता है और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी तथा हेपेटाइटस-बी सहित पहला टीका चक्र पूरा होता है तो 2000 रुपये की तीसरी किस्त प्रदान की जाती है।
रणजीत सिंह ने बताया कि ऐसी महिलाएं जो केन्द्र, राज्य सरकार या किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में हैं अथवा ऐसी महिलाएं जो किसी भी अन्य योजना या कानून के तहत समान लाभ प्राप्त कर रही हैं वे प्रधानमंत्री मातृत्व योजना के दायरे में नहीं आएंगी।
इस अवसर पर पर्यवेक्षक सतपाल ने भी प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना के सम्बन्ध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विस्तृत जानकारी दी।