चंडीगढ, 9 अगस्त। हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने आज हरियाणा राजभवन में जाने-माने कवि व लेखक डाॅ0 सरूप सैलानी के प्रबंध काव्य ‘भगीरथी’ का विमोचन किया। यह प्रबन्ध काव्य भारतीय संस्कृति के पौराणिक आख्यान गंगावतरण की काव्यात्मक प्रस्तुति है। इसमें मां गंगा के जन्म से पूर्व की स्थिति, जन्म, गंगावतरण के लिए भगीरथ की तपस्या, गंगावतरण, गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए कवि ने वर्तमान युग में मां गंगा की हालत पर चिंता व्यक्त की है। कवि ने मानवमात्र को मां गंगा की षुद्धता को बनाए रखने के लिए गंगा को प्रदूषित न करने का संदेष दिया है।
पुस्तक के विमोचन पर कवि को बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि अच्छे मानव समाज के लिए कविता बहुत जरूरी है। मनुष्य को संवेदनशील, अधिक मानवीय, कल्याणकारी और सर्वहितैषी बनाना है तो उसमें काव्य गुण का समावेश करना होगा। उन्होंने कहा कि आज के समाज की सब समस्याओं के निवारण के लिए भावनात्मक पुट का होना जरूरी है और यह पुट कविता के माध्यम से ही आ सकता है। उन्होंने कहा कि भावुक व्यक्ति का काम ज्यादा सही व मानवीय होता है क्योंकि वह अपने सामने आए व्यक्ति से अन्याय नहीं कर सकता।
उन्हांेने विश्वास व्यक्त किया कि डाॅ0 सरूप सैलानी की लेखनी से ऐसी रचनाएं निकलेंगी जो साहित्य जगत की सच्ची धरोहर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि में ही यह काव्य-रचना करना कवि की प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रतीक है।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डाॅ0 अमित कुमार अग्रवाल, डाॅ0 श्रीमती शांति सैलानी, मलकीयत सिंह एडवोकेट, पृथ्वी सिंह तोबड़िया एडवोकेट, कुलदीप सिंह गोदारा, कीर्तिकांत, सुरेश कटारिया आदि उपस्थित थे।