नई दिल्ली/चंडीगढ़, 9 अगस्त: सर्वोच्च न्यायालय के एसवाईएल पर 2016 में हरियाणा के हक में आए निर्णय को लागू करवाने को लेकर इनेलो ने केंद्र सरकार पर पुरजोर दबाव बनाते हुए आज एक और चरण पूरा किया। हरियाणा की जीवन रेखा एसवाईएल के पानी की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए आज नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला की अगुवाई में इनेलो के कानूनी प्रकोष्ठ के वकीलों नें जंतर-मंतर पर केंद्र द्वारा नहर के निर्माण का कार्य शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आज हजारों की तादाद में वकीलों के साथ जंतर मंतर पर इसलिए पहुंचे हैं क्योंकि केंद्र सरकार की तरफ से नहर निर्माण करने के लिए अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। पिछले एक साल आठ महीने में इनेलो का यह पांचवां प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा की जीवन रेखा एसवाईएल नहर का निर्माण करने का कार्य शुरू करे ताकि हरियाणा की बंजर बनी लाखों एकड़ भूमि को पानी मिल सके और जो किसान पानी की कमी के कारण बर्बाद होने की कगार पर हैं, उन्हें बर्बाद होने से बचाया जा सके।
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र सरकार को याद दिलाया कि इनेलो ने जब पहला प्रयास किया था तब पंजाब में जाकर नहर खोदने के लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया और प्रदेश के हक की आवाज को दबाने की भरपूर कोशिश की गयी लेकिन प्रदेशवासियों और इनेलो पार्टी नें हार नहीं मानी। दूसरे चरण में पंजाब से दिल्ली जाने वाले सभी रास्ते बंद किए, तीसरे चरण में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली में संसद भवन का घेराव किया और चौथे चरण में सभी जिलों में इनेलो-बसपा के कार्यकर्ताओं नें जेल भरो आंदोलन किया लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला।
इनेलो नेता ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 18 अगस्त को हरियाणा बंद का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि इस सोई हुई केंद्र की सरकार को जगाने के लिए और प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए इनेलो हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। इस प्रदर्शन में मुख्य तौर पर गोपीचंद गहलोत पूर्व उपाध्यक्ष विधानसभा, जसबीर ढिल्लों अध्यक्ष कानूनी प्रकोष्ठ, प्रदेश प्रवक्ता प्रवीण अत्रे, अजय गुलिया, दिनेश डागर व सुरेन्द्र फोगाट उपस्थित थे।