आपको भावभीनी श्रधांजलि जीते जी यह महानशक्सियत जिस सम्मान की हकदार थी उन्हें वो सम्मान न मिलना कहीं न कहीं मन को कुरेदता है।
सूरज कभी अस्त नहीं होता
सिर्फ वो आंखों से ओझल हो जाता है
आपने कविता में कहा था अटल जी, कि मैं लौटकर आउंगा।
इस जीवनकाल में उस दिन का इंतजार रहेगा ।।
चंडीगढ़, 16 अगस्त: ‘आपको भावभीनी श्रधांजलि’ जीते जी यह महानशक्सियत जिस सम्मान की हकदार थी उन्हें वो सम्मान न मिलना कहीं न कहीं मन को कुरेदता है। इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने उक्त पंक्तियों के साथ देश की राजनीति को स्वच्छता प्रदान करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहे। उन्होंने कहा की चौधरी देवीलाल के साथ देश को नई दिशा देने वाले वाजपेयी जी की कमी हमेशा खलेगी। उन्होंने कहा की वाजपेयी जी ने हमेशा उच्च सोच के साथ सबको साथ लेकर चलने की पहल की थी।
इनसो नेता ने बताया कि मेरे पडदादा चौधरी देवीलाल और वाजपेयी जी की सोच एक जैसी थी। मेरे दादा चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की अनुपस्थिति में मुझे हर वर्ष आपके जन्मदिवस पर मिलने का सौभाग्य प्राप्त होता था तथा उस समय वे मेरे सिर हाथ रख आशीर्वाद देते थे। वहीं मेरे पिता डा. अजय सिंह चौटाला का वाजपेयी जी से विशेष स्नेह रहा है। उनके व चौधरी देवीलाल जी के आशीर्वाद व एक सोच के कारण मेरे पिता ने कई बार राजनीतिक ऊंचाइयों को छुआ। डा. अजय चौटाला को आदरणीय वाजपेयी जी ने हमेशा अपना समझा। हमारे परिवार की तीन पीढिय़ों को आपके साथ राष्ट्रवाद के हितों को बचाने के लिए काम करने का मौका मिला। आपका इस तरह हम सब के बीच से चले जाना अत्यंत दुखदायी है, आदरणीय वाजपेयी जी की महत्ता को भर पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। प्रधानमंत्री पद पर जब वे विराजमान हुए तो उन्होंने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को समझा। यही नहीं आज की राजनीति से बिल्कुल उलट वाजेपयी जी सबके भले की सोचते थे। उस समय का विपक्ष तक वाजपेयी जी की प्रशंसा करता नहीं थकता था।
दिग्विजय ने कहा की पत्रकारिता से अपने सफर की शुरुआत करने वाले वाजपेयी जी जब भारत की राजनीति में आए तो किसी ने ये नहीं सोचा था की वो देश के सर्वोच्च पद पर जाएंगे। यही नहीं आज उन्हें भारत के सर्वोच्च प्रधानमंत्री की ख्याति भी प्राप्त है। वहीं दिग्विजय चौटाला ने कहा की जिस सम्मान के वाजपेयी जी जीते समय हकदार थे उन्हें वो सम्मान नहीं मिला। इस बात का उन्हें हमेशा मलाल भी रहेगा। आदरणीय वाजपेयी जी आप हमेशा हमारे मार्गदर्शक रहेंगे।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने 18 अगस्त का प्रस्तावित प्रदेशव्यापी बंद स्थगित कर दिया है।

चंडीगढ़, 16 अगस्त: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने 18 अगस्त का प्रस्तावित प्रदेशव्यापी बंद स्थगित कर दिया है। इनेलो परिवार की ओर से यह कदम देश के महानतम नेताओं में से एक अटल बिहारी वाजपेयी जी के सम्मान में उठाया गया है।
इनेलो नेता ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अटल बिहारी जी के निधन से भारतीय राजनीति में जो स्थान रिक्त हुआ है उसको चिरकाल तक भरा नहीं जा सकता। वह भारत के महान सपूत थे। उनकी सोच हमेशा सैकुलर थी और उन्होंने हमेशा हर पार्टी के व्यक्ति का सम्मान किया। उन्होंने याद दिलाया कि अटल जी ने देश का नेतृत्व ऐसे मौके पर किया जब देश की राजनैतिक विचारधारा अस्थिरता के दौर से गुजर रही थी। उनके मेधावी नेतृत्व में न केवल देश को एक दिशा दी बल्कि भारत के विकास में एक अभूतपूर्व भूमिका भी अदा की। उनके नेतृत्व में ही वैश्विक स्तर पर भारत के दूसरे देशों से संंबंधों में सुधार आया और उन्होंने हमेशा इन संबंधों में भारत के हितों को सर्वोपरि रखा। उनके द्वारा उठाए गए साहसिक कदमों में से एक पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध स्थापित करने का था जिसको इतिहास हमेशा याद रखेगा। किन्तु पाकिस्तान के विश्वासघात के कारण यह मैत्री सिरे नहीं चढ़ पाई।
नेता विपक्ष ने कहा कि हरियाणा के लिए उनके हृदय में एक विशेष स्थान था। वाजपेयी जी पहले नेता थे जिन्होंने 1987 में चौधरी देवीलाल के गुरुग्राम के विकास को आधुनिक हरियाणा का विकास कहते हुए उनकी प्रशंसा की थी। वर्ष 1999-2004 के दौरान उनके उदारवादी सहयोग से ही हरियाणा विकास के प्रयासों को बल मिला। चौधरी देवीलाल के साथ उनके राजनैतिक संबंध जितने मधुर थे उससे भी प्रगाढ़ उनके व्यक्तिगत संबंध थे। वाजपेयी जी ने देवीलाल जी का मरणोपरांत भी सम्मान किया और पार्लियामेंट हाउस में उनकी प्रतिमा लगवाई। अटल जी की मृत्यु से हर वर्ग को प्रत्यक्ष रूप से हानि हुई है।
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हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झींडा ने एचएसजीपीसी के मुद्दे पर नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला से मुलाकात कर समर्थन मांगा।
चंडीगढ़, 16 अगस्त: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झींडा ने एचएसजीपीसी के मुद्दे पर नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला से मुलाकात कर समर्थन मांगा। झींडा ने कहा कि इनेलो हमेशा हरियाणा के हितों के लिए संघर्ष करती रही है चाहे वह एसवाईएल का मुद्दा हो या चंडीगढ़ पर हरियाणा के हक का। चूंकि इनेलो प्रदेश हितों की हितैषी है और हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की हमारी मांग का शुरू से ही समर्थन करती रही है इसलिए एचएसजीपीसी हरियाणा के हकों के हर मुद्दे पर इनेलो के साथ है।
झींडा ने शिरोमणि अकाली दल और इनेलो के रिश्तों पर कहा कि अभय सिंह चौटाला ने अपनी कार्यशैली से यह साबित किया है कि उनके लिए परिवारिक संबंधों से अधिक प्रदेश और उसकी जनता महत्वपूर्ण है। इसी लिए एचएसजीपीसी ने इनेलो के साथ मिलकर प्रदेश के हकों की लड़ाई लडऩे का फैसला किया है।
नेता विपक्ष अभय सिंह चौटाला ने एचएसजीपीसी पर झींडा की बात का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब से अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी प्रदेश के सिखों का अधिकार है और वह इसकी अनदेखी नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गुरुद्वारों और उसके अंतर्गत आने वाली सभी परिसंपतियों पर हरियाणा के सिखों का हक है और वह उनको मिलना चाहिए। प्रदेश का पैसा प्रदेश के गुरुद्वारों पर ही खर्च हो, ताकि सिख समाज के लोगों का विकास हो सके।
नेता विपक्ष ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि 19 अगस्त को पिपली में रैली करने से पहले अकाली दल एसवाईएल मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। वह प्रदेश की जनता को बताए कि एसवाईएल का पानी दिलाने में वह हरियाणा की मांग का समर्थन करता है या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अकाली दल हरियाणा के हितों की अनदेखी करता है तो इनेलो उसका विरोध करेगी।