चण्डीगढ़, 23 सितम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछली सरकारों की राजनीति ने वाल्मीकि समाज के परिवारों को बेघर किया, परन्तु हमने इन परिवारों के दुख को समझते हुए इन्हें करनाल के सेक्टर-16 में 237 प्लॉट कम से कम कीमत पर अलॉट करके इनका पुनर्वास करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है कि 2022 तक देश का कोई भी परिवार बेघर ना हो और सभी को छत मिले।

मुख्यमंत्री आज करनाल में वाल्मीकि परिवारों के लिए अलॉट किये गए प्लॉटों का भूमि पूजन करने के उपरांत दून वैली कॉलेज में आयोजित धन्यवाद सभा में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रहे थे। भूमि पूजन के अवसर पर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कार्य किसी को उजाड़ना नहीं बल्कि बसाना है। हम इस कार्य के लिए कोई राजनीति नहीं करते बल्कि लोगों के हित में सहयोग की भावना से काम करते है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का एक ही सपना है सबका साथ-सबका विकास। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि मिर्चपुर कांड के पीडि़त लोगों को भी उनकी इच्छा के अनुसार कालोनी बनाकर बसाया गया। जबकि यह परिवार पिछले 10 साल से टैंटो में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेशों के बाद सेक्टर-12 की वाल्मीकि बस्ती में रह रहे लोगों का पुनर्वास करना था,परन्तु उस समय इन परिवारों के उपर एक बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई थी। यह परिवार बेघर हो गए थे,परन्तु जब उन्हें पता लगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें बसाया जाएगा और उन्होंने अपने वायदे को पूरा किया तथा 237 परिवारों को बहुत ही कम कीमत पर 50-50 गज के प्लाट आबंटित किये। माना जाता है कि पहले की सरकारें इन परिवारों को मलिन बस्तियों में पुनर्वास करवाती थी परन्तु इन परिवारों के स्वाभिमान के लिए उन्होंने सेक्टर में पुनर्वास करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारी सोच हर व्यक्ति को विकास से जोड़ने की है ताकि सभी को रोजगार,भोजन व बच्चों को शिक्षा मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, टपरीवास व घुमंतु जाति के परिवारों के बच्चें भी शिक्षित होकर आगे बढ़े उसके लिए 8 हजार से 15 हजार रूपये तक की छात्रवृति दी जाती है। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के लोग सफाई का कार्य करके देश की सेवा के लिए काम करते है। अब हमारा कर्त्तव्य है कि हम सभी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए आगे आएं। यदि देश व प्रदेश से गंदगी समाप्त होगी तो सभी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि हर घर में शौचालय बने इसके लिए सरकार द्वारा 12 हजार से 16 हजार रूपये तक सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि गांव व शहरों में सफाई का काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा अनेक सुविधा दी गई और आगे भी उनके लिए सुविधा जारी रहेगी। उनके वेतनों में वृद्धि की गई। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को सरकार द्वारा उज्जवला स्कीम के तहत घर-घर सिलेंडर दिये गए। जो परिवार अब भी गैस सिलेंडर से वंचित है,उन्हें भी सिलेंडर दिया जाएगा। ऐसे परिवार अपने संबंधित उपायुक्त से मिले 48 घंटे में उनके घर सिलेंडर पहुंच जाएगा।

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनहरवाल भाई झाला ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गरीब परिवारों के लिए जो सौगात दी है वह अपने आप में इन परिवारों के लिए एक बहुत बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर सिर को छत देने के लक्ष्य को साकार करने का कार्य किया है,जबकि पहले की सरकारें केवल वोट की राजनीति इन गरीब परिवारों के साथ करती रही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत मिशन के कार्य में सभी लोग बढ़चढ़कर भाग लें। देश में महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्तूबर को सभी लोग स्वच्छता से जुड़े।

इस अवसर पर कार्यक्रम के आयोजक व सफाई कर्मचारी आयोग हरियाणा के सदस्य आजाद सिंह ने सभी आए हुए अतिथियों का स्वागत किया और मुख्यमंत्री का वाल्मीकि परिवार को 237 प्लाट देने पर धन्यवाद किया और कहा कि यह समाज सदा इस नेक कार्य के लिए उनका ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि पहले राजनीति के कारण इन परिवारों पर एक बहुत बड़ा तुफान खड़ा हो गया था और यह लोग बेघर हो गए थे,जिसे मुख्यमंत्री ने सहारा दिया और यह पूरा समाज इसके लिए उनका धन्यवाद करता है। इस अवसर पर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल तरावड़ी की छात्राओं ने स्वागत गीत व हरियाणवीं कलाकार विकास शर्मा ने लोकगीत की प्रस्तुति दी। वाल्मीकि समाज द्वारा मुख्यमंत्री को पगड़ी भेंट की गई तथा अतिथियों को रामायण भेंट की।

इस अवसर पर ओएसडी अमरेन्द्र सिंह,भाजपा प्रदेश महासचिव एडवोकेट वेदपाल, सफाई कर्मचारी आयोग हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष रामअवतार वाल्मीकि, सदस्य रामफल, अमरजीत, भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आंनद, स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी उपाध्यक्ष सुभाष चंद्र,जिला महासचिव योगेन्द्र राणा, अशोक सुखीजा,शमशेर नैन, कॉलेज के प्रबंधक निर्मल गुप्ता, मोहित व रोहित अग्रवाल, राजेश वैध, तेजेन्द्र बिडलान,रामफल लौट, भाजपा नेता अशोक बागड़ी,राजपाल सारसर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

बॉक्स:पहले के मुख्यमंत्रियों ने शिक्षण संस्थानों के नाम अपने दादा व पिता के नाम पर रखे,परन्तु हमने महापुरूषों के नाम:मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शिक्षण संस्थानों के नाम महापुरूषों के नाम पर रखें ताकि आने वाली पीढ़ी सदा इन महापुरूषों से प्रेरणा ले सके परन्तु पहले की सरकारों ने अपने दादा व पिता के नाम से रखे ताकि उनके परिवार का नाम लोगों को याद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने सिरसा यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता देवीलाल के नाम रखा,वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडा ने जींद यूनिवर्सिटी का नाम अपने पिता रणबीर हुडा के नाम रखा। जबकि हमने संस्कृत विश्वविद्यालय मुदंड़ी का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा और कुटेल में बनने वाले मेडिकल विश्वविद्यालय का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखा गया है।