चण्डीगढ़, 24 सितंबर- राष्ट्रीय कृषि विकास योजना-कृषि और संबंधित क्षेत्र पुनरुद्धार लाभकारी दृष्टिकोण (आरकेवीवाई-आरएएफ टीएएआर) के तहत केंद्र सरकार द्वारा हरियाणा राज्य के लिए वर्ष 2018-19 हेतू लगभग 107 करोड रूपये की परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई हैं ।

यह जानकारी आज यहां हरियाणा के मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय कृषि विकास योजना की त्रिमासिकी समीक्षा बैठक में दी गई।

बैठक में बताया गया कि इस योजना का उद्देश्‍य किसानों के प्रयासों को मजबूत बनाने, जोखिम के नवारण के माध्‍यम से कृषि के काम को आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद बनाने और कृषि व्‍यवसाय उद्यमिता को बढ़ावा देना है। आरकेवीवाई-आरएएफ टीएएआर के तहत केंद्र और राज्‍यों के बीच 60:40 के अनुपात में फण्डस उपलब्‍ध करावाये जायेंगे।

बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा अपनी हिस्सेदारी की पहली किश्त 30.60 करोड रूपये जारी कर दिये गये हैं तथा राज्य सरकार द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार की हिस्सेदारी के 50.77 करोड रूपये के खर्च की अनुमति प्रदान कर दी गई है।

बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं में नियमित आरकेवीवाई-आरएएफटीएएआर के तहत वर्ष 2018- 2019 की कृषि विभाग की 5 परियोजनाओं, बागवानी विभाग की 2 परियोजनाओं, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की 3 परियोजनाओं, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की 3 परियोजनाओं, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की 4 परियोजनाओं तथा हरियाणा डेयरी डवलपमेंट कारपोरेशन फेडरेशन की 3 परियोजनाओं को शामिल किया गया है ।

इसके अलावा, मूल्‍यवर्धन से जुड़ी उत्‍पादन परियोजनाओं के तहत कृषि विभाग की 4 परियोजनाओं, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड के 3 परियोजनाओं, हरियाणा बीज विकास निगम एवं हरियाणा भूमि पुनर्वास और विकास निगम की एक-एक परियोजना के अलावा, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग की परियोजनाओं को शामिल किया गया है । बैठक में बताया गया कि फलैक्‍सी निधियों के तहत कृषि विभाग की 6 परियोजनाओं के अलावा अन्य परियोजनाएं भी शामिल की गई है । इसके अलावा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के एससी कंपोनेंट के तहत 5 परियोजनाएं शामिल की गई हैं।