चंडीगढ़, 10 अक्तूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे 17 अक्तूबर को राज्य के महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों में होने वाले छात्र संघ चुनाव के दौरान पूरी सावधानी बरतें और सुरक्षा के आवश्यक प्रबन्ध करवाना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा, उच्चत्तर शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, श्रीमती ज्योति अरोड़ा तथा पुलिस महानिदेशक, श्री बी.एस.सन्धू के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में 22 साल बाद छात्र संघ चुनाव करवाने की सरकार ने पहल की है। इससे पूर्व भी इनेलो व कांग्रेस की सरकारें रही हैं परन्तु उन्होंने छात्र संघ चुनाव बहाली की कभी बात नहीं की। उन्होंने कहा कि लिंगदोह कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर लम्बे समय बाद अगर किसी राज्य में छात्र संघ चुनाव होते हैं तो उन्हें अप्रत्यक्ष तरीके से करवा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूर्व में हुए पंचायती राज चुनावों की तरह छात्र संघ चुनाव भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि प्रदेश के सभी राजकीय विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध 293 महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव करवाए जाएंगे। इस चुनाव में 4 लाख 49 हजार 856 विद्यार्थी भागीदारी करेंगे। सीआर पद का चुनाव लडऩे के इच्छुक विद्यार्थी अपने कॉलेज-महाविद्यालय में ही नामांकन करेंगे। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष से अधिक समय से चल रहे सभी महाविद्यालयों-विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव करवाए जाएंगे, जबकि बीएड कॉलेजों में इस बार चुनाव नहीं करवाए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने बताया कि छात्र संघ चुनावों में शांति व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन व पुलिस का पहला कार्य है। शिक्षण संस्थानों में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक सुनिश्चित की जाए। इसके लिए यथासंभव शिक्षण संस्थानों के मुख्यद्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं और पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाएं। इसके अलावा, राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जहां फोन करके सहायता की मांग की जा सकती है।