चंडीगढ़, 12 अक्तूबर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि बाजार (नेम) एक देश-एक मार्केट के लिए सेतू का कार्य कर रहा है। देशभर में हरियाणा ऐसा पहला राज्य है, जहां 80 फीसद फसलों की राष्ट्रीय कृषि बाजार के जरिए ऑनलाइन खरीद की जाती है। फसलों का सीधा पैसा किसानों के खाते में जाता है।
श्री धनखड़ आज सोनीपत अनाज मंडी स्थित राष्ट्रीय कृषि बाजार में वल्र्ड यूनियन ऑफ होल सेल मॉर्केट (व्योम) के दुनियाभर के 16 देशों व देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को संबोधित कर रहे थे।
श्री धनखड़ ने कहा कि मौजूदा समय में हरियाणा में 108 मंडियां व सब यार्ड हैं। प्रदेश के किसानों को फसल बेचने के लिए 10 किलोमीटर से दूर जाने की आवश्यकता नहीं है। हम हरियाणा में धान और गेहूं की 100 प्रतिशत खरीद अपनी मंडियों के जरिए कर रहे हैं। पिछले सीजन में हमने छह मिलियन टन धान और 8.7 मीलियन टन गेहूं की खरीद प्रदेश की मंडियों में की है। वर्तमान सीजन में हम 100 प्रतिशत बाजरे की खरीद सरकारी तौर पर अपनी मंडियों के माध्यम से कर रहे हैं। उनहेंने कहा कि हमारी मंडियां अब राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ चुकी हैं और अगर सोनीपत की मंडी में कम भाव पर सामान मिल रहा है और अहमदाबाद की मंडी में ज्यादा तो अहमदाबाद का व्यापारी सोनीपत से आनलाईन ट्रेडिंग के जरिए अपना माल खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि आज किसानों और देशभर के विक्रेता मिले हैं और व्यापारियों को देशभर का बाजार अपने व्यापार के लिए मिल गया है। कृषि मंत्री ने कहा कि शिमला की मंडी से अब सोनीपत का व्यापारी सीधे सेब खरीद सकता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मंडियों में ई-नेम मशीन के माध्यम से अनाज की क्वालिटी चैक करते हैं और उन्होंने आदेश दिए हैं कि प्रदेश की 40 सब्जी मंडियों के लिए भी जल्द से जल्द ई-नेम मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं ताकि भावांतर भरपाई योजना का किसानों को पूरा लाभ मिल सके।
श्री धनखड़ ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि जिस राष्ट्रीय राजमार्ग पर आप लोगों ने आज सफर किया है वह दिल्ली से चंडीगढ़ तक जाता है। यह देश का सबसे बड़ा फूड हाईवे है और यह प्रतिवर्ष दो हजार करोड़ रुपये का कारोबार करता है।
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि सरकार किसानों के हितों में काम कर रही है। इसी के मद्देनजर गन्नौर में करीब 600 एकड़ भूमि पर मंडी का कार्य चल रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मंडी का अनुभव अभी तक हमारे पास नहीं था और जो कंपनियां आगे आई उन्होंने भी कभी इतने बड़े प्रोजेक्ट पर कार्य नहीं किया था इसलिए मंडी के निर्माण में देरी हुई है, परंतु अब वहां कार्य तेजी से चल रहा है। इसके अलावा सोनीपत में भी एक मसाला मंडी का निर्माण किया जाएगा।
इस दौरान उन्होंने किसानों से सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। इसके बाद व्योम के प्रतिनिधिमंडल ने सोनीपत अनाज मंडी का दौरा किया और यहां धान खरीद व बिक्री की व्यवस्था की जानकारी ली।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां किसानों को मंडियों में बेहतरीन सुविधाएं दी जा रही हैं। मंडियों को आनलाईन जोडऩे के साथ-साथ किसानों व मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोडऩा हमारी बड़ी उपलब्धि रही है। हम किसानों की फसलों को निर्धारित एमएसपी पर खरीद रहे हैं। मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलदीप नांगल ने सभी का धन्यवाद किया। व्योम के निदेशक डा. जेएस यादव ने व्योम के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
वल्र्ड यूनियन ऑफ होल सेल मॉर्केट (व्योम) के 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, चीन, नेपाल, बैल्जियम, ब्राजील, पोलेंड, यूनाईटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल में देश के सभी राज्यों के होल सेल मार्केट के पदाधिकारी भी मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल में व्योम के अध्यक्ष झेंग्जू मां व उपाध्यक्ष स्टेफन लायानी भी शामिल थे।
वल्र्ड यूनियन ऑफ होल सेल मॉर्केट (व्योम) के प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रीय किसान बाजार (ई-नेम) सोनीपत के दौरे के समय हरियाणा में लागू किए गए राष्ट्रीय कृषि बाजार को एक प्रेजेंटेशन व फिल्म के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के आखिरी पड़ाव में आज कृषि मंत्री ने एथनीक इंडिया में पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि वल्र्ड यूनियन ऑफ होल सेल मॉर्केट (व्योम) दुनिया की सबसे बड़ी होलसेल मार्केट एसोसिएशनों का निर्वाचित एवं चयनित प्रतिनिधिमंडल है। इसका हरियाणा दौरा व गुरूग्राम में समिट हमारे लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में व्योम एशिया के बाजारों के लिए कार्य करना चाहता है। इनमें भारत के बाजार प्रमुख तौर पर शामिल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली की आजादपुर मंडी का भी दौरा किया है।
उन्होंने कहा कि हम हरियाणा में जल्द ही तीन नई मंडियां विकसित करने जा रहे हैं। पिंजौर की एचएमटी परिसर को सेब मंडी के तौर पर विकसित किया जाएगा। सोनीपत में मसाला मंडी और गुरूग्राम में फूल मंडी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने गुरूग्राम समिट में हरियाणा व भारत में मंडियों के विकास पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि गन्नौर में हम 600 एकड़ में जिस मंडी का निर्माण कर रहे हैं वहांसप्लाई कोल्ड चेन कैसे तैयार की जा सकती है, अच्छे ढंग से ट्रैफिक मैनेजमेंट कैसे हो, मंडी का स्वरूप क्या हो, इसके लिए प्रतिनिधिमंडल को यहां बुलाया गया है।