चंडीगढ़, 16 अक्तूबर- हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री श्री कर्णदेव काम्बोज ने कहा कि एजी डॉटर नामक निजी कम्पनी के धनौरा एस्केप के गंदे पानी के शौधन के लिए प्रस्ताव पर गहनता से विचार किया जा रहा है। इससे ‘वेस्ट टू एनर्जी’ के लिए ‘अल्ट्रा कोल्ड प्लाजा गैस्सीफिकेशन तकनीक’ का प्रयोग किया जाएगा।
श्री काम्बोज ने आज यहां इस संबंध में एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेन्द्र सिंह सहित जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई, उद्योग तथा नवीकरण ऊर्जा सहित अन्य विभागों के वरिष्ठï अधिकारियों ने भाग लिया। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग को भूमि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि एजी डॉटर कम्पनी द्वारा यमुनानगर या धनौरा एस्केप के पास एक सीवरेज ट्रीटमैंट-कम-पावर प्लांट लगाने की इच्छुक है, जिससे गंदे पानी का शोधन कर तीन भागों में बांटा जाएगा।
कम्पनी के प्रबन्ध निदेशक श्री अजय गिरोत्रा ने अपनी डिजिटल प्रदर्शन में दावा है कि वे गंदे पानी को शौधित कर उससे बिजली, पीने का साफ पानी तथा फ्यूल के रूप में उपलब्ध करवाएंगे। उन्होंने कहा कि धनौरा एस्केप में करीब 65 एमएलडी कचरा युक्त तरल पदार्थ आता है, जिससे प्रति घंटा 650 मेगावाट बिजली, 35 एमएलडी साफ पानी तथा 15 एमएलडी फ्यूल तैयार किया जा सकता हैं। इससे न केवल आसपास के गांवों में फैली गंदगी एवं बदबू से निजात मिलेगी, बल्कि अन्य जरूरत के पदार्थ भी उपलब्ध होंगे।
खाद्य मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के इस नाले से आसपास के गांवों में बदबु व गंदा पानी पहुंच रहा है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि इससे निजात दिलाने के लिए कलसोरा, जुपटी चापरा, ढबकोली कलां व ढबकोली खुर्द सहित अन्य दर्जनों गांवों के लोगों की लम्बे समय से मांग चल रही थी।