कुल्लू -16 नवंबर 2018
राष्ट्रीय प्रैस दिवस पर पत्रकारिता की चुनौतियों पर चर्चा
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने कुल्लू में आयोजित की संगोष्ठी
राष्ट्रीय प्रैस दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने कुल्लू के परिधि गृह में प्रिंट व इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के पत्रकारों के लिए एक संगोष्ठी का आयोजन किया। जिलाधीश यूनुस की अध्यक्षता में आयोजित इस संगोष्ठी में एसपी शालिनी अग्निहोत्री भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। इस वर्ष के राष्ट्रीय प्रैस दिवस के लिए भारतीय प्रैस परिषद की ओर से दिए गए मुख्य विषय ‘डिजिटल युग में पत्रकारिता, आचारनीति और चुनौतियां’ पर संगोष्ठी में व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिलाधीश यूनुस ने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाओं का आदान-प्रदान काफी आसान और तेज हो गया है, लेकिन इससे सूचना की विश्वसनीयता का संकट भी खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर पल-पल वायरल होने वाली अपुष्ट सूचनाओं से कहीं न कहीं पारंपरिक प्रिंट व इलैक्ट्राॅनिक मीडिया के प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है। इन सबके बीच मीडिया की विश्वसनीयता को कायम रखना आज के पत्रकार के लिए बड़ी चुनौती है। अपनी विश्वसनीयता बरकरार रखने के लिए पारंपरिक प्रिंट व इलैक्ट्राॅनिक मीडिया को सोशल नेटवर्किंग साइट्स से अलग दिखने की आवश्यकता है।
इस मौके पर एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने भी पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हर क्षेत्र में नैतिक मूल्यों का संकट पैदा हो रहा है। मीडिया भी इससे अछूता नहीं रह सकता है। डिजिटल क्रांति के इस युग में सोशल मीडिया का लगातार प्रसार हो रहा है और इसमें आ रही सूचना की बाढ़ को रोकना मुश्किल है। प्रिंट व इलैक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार को आम पाठक या दर्शक तक सही सूचना पहुंचाने के लिए अब ज्यादा सावधानी और संयम बरतने की आवश्यकता है।
इससे पहले जिला लोक संपर्क अधिकारी शेर सिंह ने जिलाधीश, एसपी और सभी पत्रकारों का स्वागत किया तथा राष्ट्रीय प्रैस दिवस के महत्व तथा भारतीय प्रैस परिषद की ओर से दिए गए विषय पर प्रकाश डाला। प्रैस क्लब आॅफ कुल्लू के अध्यक्ष धनेश गौतम, वरिष्ठ पत्रकार अनिल कांत शर्मा, शम्भू प्रकाश शर्मा, रेणुका गौतम, बुद्धि सिंह, डीआर गौतम और कई अन्य पत्रकारों ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे
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कुल्लू -16 नवंबर 2018
इस वर्ष 1971 महिलाओं को दिए मुफ्त गैस कनैक्शन: अक्षय सूद
एडीएम ने की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की योजनाओं की समीक्षा
एडीएम अक्षय सूद ने कहा है कि हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत कुल्लू जिला में अभी तक 1971 महिलाओं को मुफ्त गैस कनैक्शन प्रदान किए गए हैं। शुक्रवार को जिला स्तरीय सार्वजनिक वितरण समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में कुल्लू जिला में 1985 गैस कनैक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे 99.29 प्रतिशत तक हासिल कर लिया गया है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्य वस्तुओं के वितरण की समीक्षा करते हुए अक्षय सूद ने बताया कि कुल्लू जिला में जुलाई से अक्तूबर तक सभी राशनकार्ड धारकों को उचित मूल्य की 493 दुकानों के माध्यम से लगभग 15 करोड़ 99 लाख रुपये की आवश्यक खाद्य वस्तुएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान एपीएल परिवारों को 3036 मीट्रिक टन आटा, 1438 मीट्रिक टन चावल वितरित किया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बीपीएल परिवारों को 974 मीट्रिक टन चावल तथा 1005 मीट्रिक टन आटा बांटा गया। एडीएम ने बताया कि लगभग पौने छह करोड़ रुपये की लागत से उपभोक्ताओं को लगभग आठ लाख लीटर खाद्य तेल भी वितरित किया गया। इसके अलावा रसोई गैस उपभोक्ताओं को अक्तूबर माह में विभिन्न गैस एजेंसियों के माध्यम से 2,34,091 सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए।
एडीएम ने खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को जिला के ऊंचे व भारी बर्फबारी वाले क्षेत्रों को सभी खाद्य वस्तुओं का अग्रिम कोटा तुरंत जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे राशन की दुकानों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों का नियमित रूप से निरीक्षण भी करें।
इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा पेश करते हुए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि पिछले तीन माह के दौरान विभाग के अधिकारियों ने कुल 866 निरीक्षण किए, जिनमें से 95 मामलों में अनियमितताएं पाई गईं तथा दोषी व्यापारियों से लगभग 75000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित कई अन्य मुददों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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कुल्लू - 16 नवंबर 2018
घर-घर जाकर करेंगे टीबी रोगियों की पहचान
कुल्लू जिला में टीबी की आशंका वाले क्षेत्रों में 30 नवंबर तक चलेगा अभियान
कुल्लू जिला में टीबी रोग की रोकथाम के लिए 16 से 30 नवंबर तक क्रियाशील टीबी रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा। जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी डा. नरेश ने बातया कि संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत यह अभियान कुल्लू जिला में क्षय रोग की आशंका वाले क्षेत्रों में चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के तीन सदस्यीय खोजी दल, जिसमें एक क्षय रोग कार्यकर्ता, एक स्थानीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्थानीय आशा वर्कर शामिल होंगी, घर-घर जाकर टीबी के रोगियों की पहचान करेंगे। इस दौरान लोगों के बलगम के नमूने एकत्रित करके जांच के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भेजे जाएंगे। इसमें मरीज को स्वास्थ्य केंद्र में आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यदि किसी व्यक्ति के बलगम की जांच में टीबी के लक्षण पाए जाते हैं तो उसका तुरंत उपचार शुरू कर दिया जाएगा।
डा. नरेश ने बताया कि मुख्यमंत्री क्षय रोग निवारण योजना के अंतर्गत वर्ष 2021 तक हिमाचल को क्षय रोग मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने आम जनता से क्रियाशील टीबी रोगी खोज अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ सहयोग करने की अपील भी की। डा. नरेश ने बताया कि जिला के पांचों खंडों के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है तथा सर्वे के लिए क्षेत्र भी चिह्नित कर लिए गए हैं।