किशन कपूर ने उथड़ाग्रां में किया राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण
कहा...... कल्याणकारी योजनाओं के आरम्भ होने से प्रदेश में विकास की हुई नई शुरूआत
धर्मशाला, 16 नवम्बर: खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर ने आज धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के उथड़ाग्रां में 18 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन का लोकार्पण किया। इस आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केन्द्र के खुलने से उथड़ाग्रां, तगरोटी, रमेहड़, जदरांगल, टंग-नरवाणा पंचायतों के लगभग 6000 लोग लाभान्वित होंगे।
खाद्य आपूर्ति मंत्री नेे कहा कि प्रदेश सरकार आयुर्वेदिक उपचार पद्धति को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्प है और राज्य के सभी आयुर्वेद अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। वर्तमान सरकार ने अपने छोटे से कार्यकाल में आयुर्वेद विभाग मे चिकित्सकों के 200 पद भरे हैं और इसके इलावा सैंकड़ों पद फार्मासिस्टों तथा अन्य पैरा स्टॉफ के भी भरे हैं।
इस अवसर पर डॉ.ममता ने मुख्यातिथि को मुशकी कपूर का पौधा भेंट किया।
कहा......आयुष्मान भारत योजना का उठाएं लाभ
आयुष्मान भारत योजना को खाद्य आपूर्ति मंत्री ने भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली में क्रान्तिकारी बदलाव लाने वाली योजना करार दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकार प्रायोजित दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है जो देश के लगभग 50 करोड़ आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को हर साल पांच लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि इस योजना से कांगड़ा जिला के लगभग डेढ़ लाख परिवार लाभान्वित होंगे, जिसका अर्थ है कि यहां करीब साढ़े 6 से 7 लाख तक की आबादी को योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
डिपूओं में बढ़िया गुणवत्ता के खाद्य पदार्थ उपलब्ध
किशन कपूर ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को उचित मूल्य की दुकानों पर सबसे बढ़िया गुणवत्ता के खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डिपूओं में बढ़िया गुणवत्ता के चावल, आटा, दालें तथा चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों में चीनी व दालों के रेट में भी प्रति किलो 5 रुपए की कटौती की गई है। सरकारी एजेंसियों से खाद्यान खरीद के चलते सरकार को अब तक 65 करोड़ 90 लाख रुपए की बचत हुई है, इस प्रकार सालभर में करीब 112 करोड़ रुपए तथा पांच वर्षों में 560 करोड़ रुपये की बचत होगी। बचत का पैसा विकास कार्यों पर व्यय किया जाएगा।
गृहिणी सुविधा योजना के तहत कांगड़ा जिला में इस वर्ष 7616 परिवार होंगे लाभान्वित
किशन कपूर ने कहा कि हिमाचल गृहिणी सुविधा योजना के तहत कांगड़ा जिला में इस वर्ष 7616 परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत पहले चरण में 33600 महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए आरंभ की गई गृहिणी सुविधा योजना देश की अपनी तरह की पहली
योजना है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में हर गरीब परिवार को गैस कनेक्शन मिले। इस योजना से प्रदेश के 1 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि योजना के तहत रसोई गैस सिलेंडरों की जमा राशि और गैस चूल्हे के लिए आर्थिक मदद दी जा रही है। इसके लिए सरकार हर गैस कनेक्शन पर 3500 रुपए का खर्च वहन कर रही है।
सरकार की प्राथमिकता पिछड़ों को समाज की मुख्यधारा में लाना
किशन कपूर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के शासन काल में गरीब व कमजोर वर्गों के लोगों के कल्याण के लिये अभूतपूर्व काम हुए हैं। केन्द्र सरकार ने गरीबों के कल्याणार्थ कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने लोगों से सम्बन्धित विभागों से जानकारी लेकर इन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। इसी प्रकार प्रदेश में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के नागरिकों और मजदूरों के लिए कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
इस अवसर पर कपूर ने तंगरोटी कूहल के सुधारीकरण के लिए सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिये।
इससे पूर्व तंगरोटी बूहली में मास्टर वेद पाल ने तथा उथड़ागां में जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कुलदीप बरवाल ने मुख्यातिथि का स्वागत किया ।
खाद्य आपूर्ति मंत्री ने सुनी जनसमस्याएं
किशन कपूर ने तंगरोटी बूहली तथा उथड़ाग्रां में लोगों की समस्याओं को सुना। अधिकतर समस्याएं बिजली, पानी तथा सड़कों से सम्बन्धित थी जिनका मौके पर ही समाधान कर दिया तथा शेष समस्याओं के समाधान के लिए सम्बंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर लोगों की समस्याओं का निपटारा करें ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़ें।
इस अवसर पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष कैप्टन रमेश अटवाल, जिला महामंत्री यशपाल सभ्रवाल, महामंत्री डॉ. विजय शर्मा, पार्षद तेज सिंह, अधीक्षण अभियंता हिमुडा एसके वशिष्ट, क्षेत्रीय निदेशक आयुष अरूण चंदन, जिला वन अधिकारी प्रदीप कुमार, अधिशाषी अभियंता बिजली बोर्ड आर के खरवाल, अधिशाषी अभियंता आईपीएच विकास बख्शी, अधिशाषी अभियन्ता लोक निमार्ण विभाग अजय शर्मा, खंड विकास अधिकारी अभिनीत, भू संरक्षण अधिकारी राहूल कटोच, एसडीओ आईपीएच विपन कुमार, एसडीओ लोनिवि विनय मेहरा, सुरेश कौंडल, एसडीओ हिमुडा वीरेन्द्र शर्मा, तंगरोटी के प्रधान अनिल कुमार, उप प्रधान पघर राकेश कुमार, ऐडवोकट बृज लाल, सुरेन्द्र चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
------------------------------------------------------------------------
नैतिकता से ही बचेगी पत्रकारिता की विश्वसनीयता : पराशर
धर्मशाला, 16 नवंबर: राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर धर्मशाला में सूचना जनसंपर्क विभाग के कार्यालय के प्रेस कक्ष में डिजिटल युग में पत्रकारिता आचारनीति और चुनौतियां विषय पर परिचर्चा आयोजित की गयी । सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक अजय पराशर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने डिजिटल युग में पत्रकारिता में विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नैतिकता पर बल देने की जरूरत बताई।
पराशर ने कहा कि हर युग में पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां रही हैं। लेकिन संपूर्ण निदान के लिए समस्या का जड़ से ईलाज जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज पूरे समाज का शक के दायरे में होना बड़ी विडंबना है। इस दायरे से बाहर आना जरूरी है। उन्होंने व्यक्तिगत से सामूहिकता की ओर बढ़ने की जरूरत बताते हुए समस्या के हल के लिए प्रयास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें व्यक्तिगत आचार संहिता पर जोर देना चाहिए।
परिचर्चा में भाग लेते हुए वरिष्ठ पत्रकार प्रेम सूद ने डिजीटल युग में पत्रकारिता में ‘फेक व पेड’ समाचार की समस्या का जिक्र करते हुए स्वयं की आचार संहिता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज हर व्यक्ति रिर्पोटर की भूमिका में है, ऐसे में मीडिया और पत्रकारिता के अंतर को समझना भी जरूरी है। पत्रकार नरेश ठाकुर ने डिजिटल युग में पत्रकारिता में बढ़ते पक्षपात को चुनौती बताया और समाचारों की सत्यता जाने बिना ‘डेडलाईन’ के दबाव में अपुष्ट समाचारों से बचने की जरूरत बताई। उन्होंने डिजिटल युग में स्वयं पर नियंत्रण रख सकने की वृति को बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
पत्रकार अशोक महाजन ने कहा कि अपुष्ट जानकारी से दिया गया समाचार पत्रकारिता के मूल्यों को ठेस पहुंचाता है। पत्रकार विक्रम ठाकुर ने कहा कि नैतिकता एवं जवाबदेही के अभाव में सोशल मीडिया दूसरों की छवि खराब करने के लिए एक साधन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है तथा इसे बदलने की जरूरत है। पत्रकार गफूर खान ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में अन्यों से प्रतिस्पर्धा के स्थान पर जरूरी है खुद से सही जानकारी देने की प्रतिस्पर्धा हो। उन्होंने डिजिटल युग में तुरंत खबरें भेजने के बढ़ते दबाव में स्वयं को सही तरीके से संभालने की जरूरत को रेखांकित किया।
पत्रकार मिलन ने डिजीटल युग में पत्रकारिता आचारनीति और चुनौतियों पर तकनीकी पक्ष रखा । उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता एवं तथ्यपरकता ही पत्रकार की वास्तविक पूंजी है। पत्रकार संजय अग्रवाल ने आज के समय में ई-पत्रकारिता के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार रखे। पत्रकार नृपजीत निप्पी ने कहा कि समाचारों की निष्पक्षता पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। पत्रकार पूजा ने सोशल मीडिया में मुद्दों के भटकाव व व्यक्तिगत आक्षेपों को चुनौती बताया। पत्रकार राकेश भारद्वाज ने जल्दी और दूसरों से आगे निकलने की होड़ में तथ्यों की सत्यता पर ध्यान देने की जरूरत बताई।
फोटोजर्नलिस्ट सुनील समयाल खबर के लिए जमीनी जांच पड़ताल जरूरी बताई।
इस अवसर पर जिला भाषा अधिकारी सुरेश राणा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार एवं सूचना जनसंपर्क विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
-------------------------------------------------------------------------
.
क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार पर व्यय होंगे सवा करोड़: सरवीन चौधरी
धर्मशाला, 16 नवम्बर: शहरी विकास, आवास एवं नगर नियोजन मंत्री सरवीन चौधरी ने आज शाहपुर में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंनेे शाहपुर विधान सभा क्षेत्र में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को शीघ्र ठीक करने के सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंनेे बताया कि इस क्षेत्र की छः विभिन्न सड़कों की टायरिंग के लिए लगभग एक करोड़ दस लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से हारचक्कियां-परगोड़, हारचक्कियां थाणा से धार खास और कलरू की दो-दो किलोमीटर सड़क की टायरिंग की जायेगी।
शहरी विकास मंत्री ने बताया कि इसके अतिरिक्त छेला सड़क में एक किलोमीटर, मनेई से भरूपलाहड़ सड़क पर एक किलोमीटर तथा चंबी -चड़ी सड़क पर तीन किलोमीटर पर टायरिंग की जायेगी। उन्होंने विभाग को टायरिंग करते समय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने सलोल सड़क तथा सलवाणा सड़क की मरम्मत करने के आदेश भी संबंधित विभाग को दिये ताकि लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
सरवीन चौधरी ने कहा कि सड़कें सही मायने में जीवन रेखाएं हैं क्योंकि इनके माध्यम से हर क्षेत्र का त्वरित विकास होता है, लोगों को परिवहन की सुविधा मिलती है और उन तक योजनाओं के लाभ पहुंचते है। राज्य सरकार ने प्रदेश में सड़क घनत्व को बढ़ाने तथा अधिक से अधिक गांवों को सड़कों से जोड़ने के लिए कारगार कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गांवो व बस्तियों को शीघ्रता से सड़क से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सड़क योजना शुरू की है। जिसके लिए वर्तमान वित्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
000