चंडीगढ़ 1 नवम्बर 2018: ‘कृषि, भारतीय पहचान के लिए केंद्र है और एक पेशे से काफी कुछ बढक़र है।’’ आज यहां चंडीगढ़ में सेक्टर 17 स्थित परेड ग्राउंड में सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2018 के 13वें संस्करण का उद्घाटन करने के मौके पर महामहिम राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ये बात कही। सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2018, एक प्रमुख कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी मेला, जिसमें देश विदेश की कृषि कंपनियां और किसान हिस्सा ले रहे हैं।
इस कार्यक्रम को कृषि उत्सव के तौर पर संदर्भित करते हुए श्री कोविंद ने आयोजन को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए सीआईआई को भी बधाई दी। भारत के माननीय राष्ट्रपति के अलावा, उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह; भारत सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल; श्री वी पी सिंह बदनोर, राज्यपाल, पंजाब और प्रशासक, यूटी चंडीगढ़; हरियाणा के गवर्नर श्री सत्यदेव नारायण आर्य; हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर; श्री राकेश भारती मित्तल, सीआईआई के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भारती एंटरप्राइजेज; श्री अजय एस श्रीराम, चेयरमैन, सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2018 और चेयरमैन एवं वरिष्ठ प्रबंध निदेशक, डीसीएम श्रीराम लिमिटेड; श्री चंद्रजीत बनर्जी, महानिदेशक, सीआईआई; और श्री सचित जैन, चेयरमैन, सीआईआई उत्तरी क्षेत्र और वाइस चेयरमैन और एमडी, वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि 158 घरेलू प्रदर्शकों और 37 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों की उपस्थिति इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है। माननीय राष्ट्रपति ने इस क्षेत्र के समक्ष मौजूद तीन प्रमुख चुनौतियों की भी पहचान की।
उन्होंने कहा कि ‘भारतीय कृषि अभी भी प्रौद्योगिकी अपनाने के शुरुआती चरण में है; किसानों के पास मशीनीकृत उपकरणों तक सीमित पहुंच है, अत्याधुनिक उपकरण की बात ही अलग है। हम कृषि में निजी सार्वजनिक साझेदारी को बढ़ाने की जरूरत है। अनुसंधान और विकास में निवेश की आवश्यकता है।’ उन्होंने े फसल अवशेष के निपटान की समस्या का भी विशेष तौर पर उल्लेख किया।
अपने संबोधन में, सीआईआई के अध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल ने कहा कि ‘‘जैसा कि हमारे किसानों ने खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य को पूरा किया है, कृषि को अब धन निर्माण उपकरण के रूप में देखा जाना चाहिए। आज का नए दौर का किसान एक उद्यमी है और सीआईआई किसानों की आमदनी को दोगुना करने के कारण योगदान देने के लिए बहुत कुछ कर रहा है। हमने सरकार को सिफारिश की है कि राज्यों को व्यवसाय करने की आसानी के आधार पर ‘कृषि की आसानता (ईज ऑफ डूइंग एग्रीकल्चर)’ नामक सूचकांक पर रैंक किया जाए।’’
श्री मित्तल ने जमीन के दीर्घकालिक पट्टे में सुधार के लिए भी आहवान किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी को अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए और दूसरी तरफ उपभोक्ता को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों और सरकार के प्रयासों को जोड़ा जाए।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि ‘‘समय आ गया है कि दुनिया और हमारे देश में अधिक लोगों के लिए भोजन सुनिश्चित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण को आगे बढ़ाया जाए। अपने मंत्रालय के अध्ययन के अनुसार, प्रसंस्करण की कमी के लिए लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का कृषि उत्पादन बर्बाद हो जाता है। मेरे मंत्रालय ने किसान सम्पदा योजना को प्रमुख सेवन अम्बे्रला स्कीम के तौर पर लॉन्च किया है।’’
उन्होंने एक नई योजना के बारे में भी बताया कि मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण क्रांति बनाने के लिए विश्व बैंक के साथ साझेदारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को 10 लाख रुपये तक की परियोजनाओं के लिए फंड करने के लिए 3,000 करोड़ रुपए का इस्तेमाल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मंत्रालय खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एक नई वित्त पोषण सिस्टम भी बना रहा था।
कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘हमने इस क्षेत्र में निवेश को 200 करोड़ रुपए से प्रति वर्ष 450 करोड़ रुपए प्रति वर्ष कर दिया है। हमने इसके लिए विशेष फंड भी बनाए हैं।’’
गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए, डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के चेयरमैन वरिष्ठ प्रबंध निदेशक श्री अजय एस श्रीराम, और सीआईआई एग्रो टेक इंडिया, 2018 के चेयरमैन, ने कहा कि ‘‘1994 में अपनी स्थापना के बाद, सीआईआई एग्रो टेक ने पूरे विश्व और भारत के कृषि व्यवसाय समुदायों को एक साथ लाया है। सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2018 कृषि के सतत विकास और किसानों की आय को दोगुना करने के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर केंद्रित है। 16,000 वर्ग मीटर से अधिक फैले क्षेत्र में, 14 राज्य और आठ देश कृषि प्रौद्योगिकी मेले में भाग ले रहे हैं।’’
सीआईआई एग्रो टेक इंडिया 2018 किसानों की आमदनी को दोगुना करने के सरकार की दृष्टि से पूरी तरह से सक्रिया है।
उन्होंने कहा कि ‘‘विचार यह समझना है कि किसानों से मध्यम अवधि में अपनी आय को दोगुना करने के लिए क्या आवश्यक है। इस कार्यक्रम के दौरान 50,000 से अधिक किसानों से मिलने की उम्मीद है।’’
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद करते हुए सीआईआई, उत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष श्री सचित जैन ने कहा कि ‘‘बाजार के संबंधों के साथ प्रौद्योगिकी का उपयोग टिकाऊ कृषि की कुंजी है। सीआईआई पंजाब में पराली को जलाने से रोकने के लिए एक पायलट परियोजना पर काम कर रहा है। माननीय राष्ट्रपति के सपनों को पूरा करने और पूरा करने के समय हम इसे आगे ले जाएंगे।’’
संबंधित तथ्य
16,000 वर्ग मीटर (प्रदर्शनी क्षेत्र)
158 भारतीय स्टाल
37 अंतरराष्ट्रीय स्टालों
14 राज्य और 8 देश भाग ले रहे हैं
3 इवेंट पार्टनर देश ग्रेट ब्रिटेन, कनाडा और चीन हैं